पॉक्सो मामलों में ग्रेनाइट कारोबारी आर. वीरमणि से एसआईटी की पूछताछ जारी, 10 लड़कियों की शिकायत पर 7 केस दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण से जुड़े पॉक्सो मामलों में जेल में बंद ग्रेनाइट कारोबारी आर. वीरमणि से विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 17 अक्टूबर 2026 को पूछताछ तेज कर दी। अदालत के आदेश पर जांचकर्ताओं को दो अतिरिक्त दिनों तक पूछताछ की अनुमति दी गई है, और वीरमणि की अधिक उम्र को देखते हुए यह पूछताछ जेल परिसर के अंदर ही करने का निर्देश दिया गया है।
मामले का पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, 10 नाबालिग लड़कियों ने आर. वीरमणि के खिलाफ यौन शोषण की शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनके आधार पर कुल 7 मामले पंजीकृत किए गए हैं। यौन शोषण के इन आरोपों की जांच बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत की जा रही है। उल्लेखनीय है कि वीरमणि को इन सात मामलों में से चार में गिरफ्तार किया गया है और उन्हें गुंडा अधिनियम के तहत भी हिरासत में लिया गया है।
पूछताछ का ताज़ा दौर
पुलिस ने बताया कि जांचकर्ताओं ने शुक्रवार को सुबह से शाम तक वीरमणि से पूछताछ की और उनका बयान दर्ज किया। यह पूछताछ का नवीनतम दौर तीन दिन की पुलिस हिरासत के बाद शुरू हुआ है। अदालत की अनुमति के बाद जांचकर्ताओं ने दो और दिनों की पूछताछ के लिए न्यायिक स्वीकृति प्राप्त की और पूछताछ का स्थान जेल परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया।
अदालत का आदेश
वीरमणि की अधिक आयु को ध्यान में रखते हुए अदालत ने जेल के भीतर ही पूछताछ की अनुमति दी। शनिवार को होने वाली पूछताछ अदालत द्वारा अधिकृत अवधि का दूसरा दिन है। अदालत के इस फैसले से एसआईटी को वीरमणि को जेल में रखते हुए भी जांच जारी रखने की सुविधा मिल गई है।
जांच की स्थिति
एसआईटी सभी प्राप्त शिकायतों की समग्र जांच कर रही है और वीरमणि के जवाबों की पड़ताल जारी है। पुलिस ने शिकायतकर्ताओं और दर्ज मामलों की संख्या का खुलासा किया है, लेकिन शुक्रवार की पूछताछ के दौरान दर्ज बयानों या वीरमणि के जवाबों के विस्तृत ब्यौरे सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। यह ध्यान देना आवश्यक है कि मामलों का पंजीकरण और पूछताछ जांच प्रक्रिया के अंग हैं — इनसे दोष सिद्ध नहीं होता।
आगे क्या होगा
जांच अभी जारी है और आरोपों पर अदालती फैसला आना बाकी है। एसआईटी की पूछताछ पूरी होने के बाद आरोप-पत्र की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। यह मामला तमिलनाडु में पॉक्सो कानून के तहत चल रही बड़ी जांचों में से एक बन गया है, जिस पर राज्यभर का ध्यान केंद्रित है।