वीरमणि पॉक्सो मामला: एसआईटी 10 दिनों में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में, 4 आरोपी न्यायिक हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई में जेम ग्रेनाइट्स के 84 वर्षीय संस्थापक आर. वीरमणि के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण के मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) अगले 10 दिनों के भीतर स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में अपनी चार्जशीट दाखिल कर सकती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह चार्जशीट 29 अगस्त 2026 को वीरमणि की गिरफ्तारी के लगभग एक महीने बाद दाखिल होने की उम्मीद है। इस मामले में अब तक चार आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
पहला मामला 7 अक्टूबर 2025 को दर्ज किया गया था, जब एक एनजीओ वॉलंटियर ग्रेटर चेन्नई पुलिस के एंटी-वाइस स्क्वाड के पास एक पेन ड्राइव लेकर पहुंचा था। उस पेन ड्राइव में मौजूद वीडियो में वीरमणि को कथित तौर पर एक नाबालिग का यौन शोषण करते हुए दिखाया गया था। गौरतलब है कि फरवरी 2026 में पुलिस ने वीडियो में दिख रही लड़की की पहचान करने में मुश्किलों का हवाला देते हुए मामला बंद करने की कोशिश की, लेकिन स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर आगे जांच का आदेश दिया।
गिरफ्तारियाँ और आरोप
29 अगस्त 2026 को सेंट्रल क्राइम ब्रांच के एंटी-वाइस स्क्वाड ने वीरमणि, 60 वर्षीय एम. शांति और उनके 63 वर्षीय पति महेंद्र सिम्हन को गिरफ्तार किया — यह गिरफ्तारी मामला दर्ज होने के लगभग 11 महीने बाद हुई। इसके बाद वीरमणि के पूर्व कर्मचारी 45 वर्षीय गणेशन को भी गिरफ्तार किया गया, जिन पर कथित तौर पर वीडियो अपने पास रखने और इसकी सूचना न देने का आरोप है।
तीनों मुख्य आरोपियों पर 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम' (पॉक्सो) की धाराओं 7, 8, 15(1) और 21(1) के साथ-साथ 'सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम' की धारा 67 के तहत मामला दर्ज है। जांच में यह भी पता चला कि एक पीड़ित अनुसूचित जाति से थी, जिसके बाद 'अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम' की धाराएं भी लागू की गईं।
एसआईटी का गठन और जांच की प्रगति
पुलिस महानिदेशक महेश कुमार अग्रवाल ने 24 सितंबर 2026 को मूल मामले और उससे जुड़े सभी मामलों की जांच के लिए पूरी तरह से महिलाओं के प्रतिनिधित्व वाली एसआईटी का गठन किया। इसमें उन अतिरिक्त शिकायतें भी शामिल हैं जो जांचकर्ताओं तक पहुंची हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, टीम इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए काम कर रही है।
नई शिकायतें और अलग चार्जशीट
एसआईटी उन नई शिकायतों की भी जांच कर रही है जिनमें वीरमणि पर नाबालिगों के यौन शोषण के अतिरिक्त आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, सोमवार को दर्ज एक और पॉक्सो मामले में — जो एक नाबालिग लड़की की माँ की शिकायत पर आधारित है — अलग से चार्जशीट दाखिल की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब मूल मामले की जांच अपने अंतिम चरण में है और दोनों मामलों की जांच अलग-अलग चल रही है।
आगे क्या होगा
सभी चार आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं। मूल मामले की चार्जशीट अक्टूबर 2026 की शुरुआत में दाखिल होने की संभावना है, जिसके बाद स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत आरोपियों की जमानत याचिकाओं और मामले की आगे की कार्यवाही को किस दिशा में ले जाती है।