21 जुलाई 2026
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सोनम रघुवंशी जमानत मामला: सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई को तय की अगली सुनवाई, सरेंडर या मेरिट — दो विकल्प

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सोनम रघुवंशी जमानत मामला: सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई को तय की अगली सुनवाई, सरेंडर या मेरिट — दो विकल्प

सारांश

राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने 21 जुलाई को सुनवाई की और अगली तारीख 23 जुलाई तय की। कोर्ट ने साफ कहा — या तो सरेंडर करें, या जमानत रद्द करने पर विस्तृत सुनवाई होगी। मेघालय सरकार ने फरार होने की आशंका जताई है।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने 21 जुलाई 2025 को सोनम रघुवंशी की जमानत के विरुद्ध मेघालय सरकार की याचिका पर सुनवाई की।
अदालत ने अगली सुनवाई 23 जुलाई 2025 के लिए निर्धारित की।
कोर्ट ने दो विकल्प दिए — स्वयं सरेंडर करना या गुण-दोष पर विस्तृत सुनवाई के बाद जमानत रद्द करने का आदेश।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गिरफ्तारी दस्तावेज़ में त्रुटि को केवल टाइपिंग की गलती बताया।
बचाव पक्ष ने कहा कि मामला पूरी तरह परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और सोनम को झूठा फंसाया गया है।

सर्वोच्च न्यायालय ने 21 जुलाई 2025 को इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत के विरुद्ध मेघालय सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली तारीख 23 जुलाई निर्धारित की। अदालत ने सोनम के अधिवक्ता को स्पष्ट शब्दों में दो विकल्प सुझाए — या तो आरोपी स्वयं सरेंडर करे, या फिर न्यायालय जमानत रद्द करने के प्रश्न पर गुण-दोष के आधार पर विस्तृत सुनवाई कर निर्णय सुनाए।

मुख्य घटनाक्रम

मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सोनम रघुवंशी ने स्वेच्छा से सरेंडर किया था और उन्हें पहले से ज्ञात था कि किस अपराध के संदर्भ में पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तारी के आधार सोनम को विधिवत बताए गए, उनके भाई को सूचित किया गया और सोनम ने संबंधित दस्तावेज़ों पर स्वयं हस्ताक्षर किए।

मेहता ने यह भी स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के दस्तावेज़ में जो त्रुटि पाई गई, वह केवल एक कानूनी धारा के अंक की टाइपिंग की गलती थी। उनके अनुसार, इतनी छोटी तकनीकी चूक के आधार पर जमानत देना उचित नहीं था, विशेषकर जब आरोपी को हत्या के आरोप की पूर्व जानकारी थी। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि जमानत बरकरार रहने की स्थिति में सोनम के फरार होने का खतरा है।

आरोपी पक्ष का तर्क

सोनम रघुवंशी के अधिवक्ता ने सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल जवाब में उनकी ओर से कहा कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष के अनुसार, अभियोजन का संपूर्ण मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर टिका है और केवल आरोपों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अधिवक्ता ने यह भी कहा कि इस प्रकरण को मीडिया में अनावश्यक रूप से उछाला गया है।

सुप्रीम कोर्ट का रुख

सर्वोच्च न्यायालय ने सोनम के अधिवक्ता से कहा कि न्यायालय के समक्ष दो मार्ग हैं — पहला, मेरिट पर सुनवाई कर आदेश पारित करना; दूसरा, गवाहों की जाँच पूरी होने तक आरोपी को सरेंडर करने का निर्देश देना और उसके बाद गुण-दोष पर विचार करना। न्यायालय ने अधिवक्ता को अपने मुवक्किल से निर्देश लेकर 23 जुलाई को उपस्थित होने को कहा।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़ा है, जिसमें उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी को मुख्य आरोपी बनाया गया है। गौरतलब है कि निचली अदालत से जमानत मिलने के बाद मेघालय सरकार ने उस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। यह ऐसे समय में आया है जब हत्या के मामलों में जमानत की शर्तों और गिरफ्तारी प्रक्रिया की वैधता को लेकर न्यायिक विमर्श तेज़ हुआ है।

आगे क्या होगा

23 जुलाई 2025 को होने वाली अगली सुनवाई में सोनम के अधिवक्ता को अपना अंतिम रुख स्पष्ट करना होगा। यदि सरेंडर का विकल्प नहीं चुना गया, तो सर्वोच्च न्यायालय जमानत रद्द करने पर गुण-दोष के आधार पर विस्तृत सुनवाई शुरू कर सकता है। इस निर्णय का असर न केवल इस मामले पर, बल्कि गिरफ्तारी दस्तावेज़ों में तकनीकी त्रुटि के आधार पर जमानत देने की प्रवृत्ति पर भी पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मेघालय सरकार की सक्रियता यह भी दर्शाती है कि हत्या जैसे गंभीर मामलों में राज्य जमानत आदेशों को यूँ ही स्वीकार करने को तैयार नहीं। 23 जुलाई की सुनवाई यह तय करेगी कि न्यायालय तकनीकी बनाम मूल प्रश्न में किसे प्राथमिकता देता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनम रघुवंशी जमानत मामले में सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई कब है?
सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई 2025 को निर्धारित की है। 21 जुलाई को हुई सुनवाई में कोर्ट ने बचाव पक्ष को अपने मुवक्किल से निर्देश लेकर अगली तारीख पर रुख स्पष्ट करने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी के वकील को कौन से दो विकल्प दिए?
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि या तो सोनम रघुवंशी स्वयं सरेंडर करें और गवाहों की जाँच पूरी होने तक हिरासत में रहें, या फिर कोर्ट जमानत रद्द करने के प्रश्न पर गुण-दोष के आधार पर विस्तृत सुनवाई कर निर्णय सुनाए।
राजा रघुवंशी हत्याकांड क्या है?
यह इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़ा मामला है, जिसमें उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी को मुख्य आरोपी बनाया गया है। बचाव पक्ष के अनुसार, अभियोजन का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है।
मेघालय सरकार ने सोनम रघुवंशी की जमानत को क्यों चुनौती दी?
मेघालय सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर तर्क दिया कि गिरफ्तारी दस्तावेज़ में हुई त्रुटि महज़ एक कानूनी धारा की टाइपिंग की गलती थी, जिसे जमानत का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए था। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह भी आशंका जताई कि जमानत बरकरार रहने पर सोनम के फरार होने का खतरा है।
क्या गिरफ्तारी दस्तावेज़ में तकनीकी त्रुटि जमानत का आधार बन सकती है?
यही इस मामले का केंद्रीय कानूनी प्रश्न है। मेघालय सरकार का कहना है कि सोनम को गिरफ्तारी के आधार पहले से ज्ञात थे और उन्होंने दस्तावेज़ पर स्वयं हस्ताक्षर किए, इसलिए एक टाइपिंग त्रुटि जमानत का वैध आधार नहीं बनती। सर्वोच्च न्यायालय 23 जुलाई की सुनवाई में इस प्रश्न पर अंतिम रुख स्पष्ट कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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