क्या सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं?

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क्या सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं?

सारांश

सोने और चांदी की कीमतें अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव के साथ-साथ ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के कारण नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 4,500 डॉलर प्रति औंस पार कर गया है। जानें इस बढ़ती कीमतों के पीछे के कारण और इसके प्रभाव।

Key Takeaways

  • सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4,500 डॉलर प्रति औंस के पार गईं।
  • चांदी ने 2,24,300 प्रति किलोग्राम का नया रिकॉर्ड बनाया।
  • बढ़ती कीमतों के पीछे वैश्विक अनिश्चितता और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें हैं।
  • घरेलू स्तर पर सोने की कीमतों में 76% की वृद्धि हुई है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि सोना और चांदी की कीमतें आगे बढ़ सकती हैं।

मुंबई, २४ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव के साथ-साथ अगले साल फेड द्वारा ब्याज दर में कटौती की संभावनाओं के चलते, बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत ०.५ प्रतिशत से अधिक बढ़कर ४,५०० डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई।

भारतीय बाजार में, एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाले सोने का भाव बढ़कर १,३८,६७६ रुपए प्रति १० ग्राम हो गया, जो कि अब तक का सर्वोच्च स्तर है। वहीं, मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी २ प्रतिशत से अधिक बढ़कर २,२४,३०० प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई।

खबर लिखे जाने तक, एमसीएक्स पर सोना ०.४५ प्रतिशत यानी ६२५ रुपए की तेजी के साथ १,३८,५१०.०० रुपए प्रति १० ग्राम पर ट्रेड हो रहा था, जबकि सिल्वर ४,२०७ रुपए यानी १.९२ प्रतिशत की तेजी के साथ २,२३,८६०.०० रुपए प्रति किलोग्राम पर चल रहा था। हाल के समय में सोने और चांदी की कीमतों ने लगातार बढ़ोतरी की है और नए रिकॉर्ड बनाए हैं।

इस सत्र के दौरान, डॉलर इंडेक्स में लगभग ०.२० प्रतिशत की गिरावट आई। डॉलर में कमजोरी के कारण, सोना और चांदी विदेशी बाजारों में सस्ते हो गए, जिससे इनकी मांग में वृद्धि हुई।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्राइम रिसर्च के प्रमुख देवर्ष वकील ने बताया कि दुनिया में बढ़ती अनिश्चितता और अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के चलते लोग सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी में रुचि दिखा रहे हैं। इसी कारण हाजिर सोने ने ४,५०० डॉलर प्रति औंस का आंकड़ा पार किया। वहीं, चांदी ने भी नया रिकॉर्ड बनाया और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ७२ डॉलर के पार पहुंच गई।

उन्होंने आगे बताया कि दिसंबर में ही चांदी की कीमतों में लगभग २४ प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि एक साल में यह बढ़त १३५ प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसका कारण मांग की अधिकता और आपूर्ति की कमी है।

घरेलू स्तर पर सोने की कीमतों में इस साल अब तक ७६ प्रतिशत से अधिक और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ७० प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है, जो कि १९७९ के बाद का सर्वश्रेष्ठ वर्ष माना जा रहा है।

सोने और चांदी के साथ-साथ प्लेटिनम भी कई दशकों बाद पहली बार २,३०० डॉलर प्रति औंस के ऊपर चला गया, जबकि पैलेडियम की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई।

रिपोर्टों के अनुसार, इस महीने अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने प्रतिबंधों के तहत वेनेजुएला का तेल ले जा रहे एक सुपर टैंकर को जब्त किया था। इसके अलावा, वेनेजुएला से जुड़े दो अन्य जहाजों को रोकने की कोशिश भी की गई, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया।

सोमवार को रूस के एक सेना अधिकारी की बम धमाके में मौत से भी विश्व में तनाव बढ़ा, जिससे सोना और चांदी जैसी सुरक्षित धातुओं की कीमतों को और समर्थन मिला।

विशेषज्ञों के अनुसार, सोने को १,३५,५५० से १,३४,७१० रुपए के बीच समर्थन मिल सकता है, जबकि चांदी को २,११,१५० से २,१०,२८० रुपए के बीच समर्थन मिल सकता है।

केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की अधिक खरीदारी, अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें, अमेरिकी टैरिफ को लेकर चिंता, भू-राजनीतिक तनाव और गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में मजबूत निवेश ने इस वर्ष कीमती धातुओं यानी सोना और चांदी की कीमतों को बढ़ावा दिया।

Point of View

जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का संकेत है। यह स्थिति हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमें अपने निवेश रणनीतियों में बदलाव लाने की आवश्यकता है।
NationPress
12/02/2026

Frequently Asked Questions

सोने और चांदी की कीमतों में इतनी तेजी क्यों आई है?
इसके पीछे अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें हैं।
क्या यह बढ़ती कीमतें लंबे समय तक बनी रहेंगी?
यह वैश्विक आर्थिक स्थिति और आपूर्ति-डिमांड संतुलन पर निर्भर करेगा।
क्या निवेशकों को सोने में निवेश करना चाहिए?
अगर आप सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं, तो सोना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
सोने और चांदी की कीमतों का घरेलू बाजार पर क्या असर पड़ेगा?
बढ़ती कीमतें घरेलू बाजार में भी महंगाई बढ़ा सकती हैं।
क्या केंद्रीय बैंकों द्वारा खरीदारी का असर पड़ेगा?
हां, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की अधिक खरीदारी कीमतों को और बढ़ा सकती है।
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