नशा मुक्त ओडिशा अभियान: सोनपुर में ₹13 करोड़ का गांजा जब्त, ट्रक चालक फरार
सारांश
मुख्य बातें
सोनपुर पुलिस ने 9 अगस्त 2026 को 'नशा मुक्त ओडिशा अभियान' के तहत 12.5 क्विंटल से अधिक गांजा जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत करीब ₹13 करोड़ बताई जा रही है। यह कार्रवाई सुबालया थाना क्षेत्र में एक संदिग्ध ट्रक को रोककर की गई, हालाँकि पुलिस के पहुँचते ही ट्रक चालक और अन्य संदिग्ध मौके से फरार हो गए।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सुबालया थाना क्षेत्र से होकर एक ट्रक के ज़रिए भारी मात्रा में गांजा तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाया गया और संदिग्ध वाहन को घेरने की कोशिश की गई। पुलिस टीम के मौके पर पहुँचते ही ट्रक चालक सहित अन्य संदिग्ध भाग निकले। तलाशी में ट्रक से 12.5 क्विंटल से अधिक गांजा बरामद हुआ और वाहन को जब्त कर लिया गया।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और विभिन्न स्थानों पर छापेमारी जारी है। सुबालया थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
इस सफल अभियान की ओडिशा पुलिस महानिदेशक (DGP) योगेश बहादुर खुरानिया ने सराहना की है। उन्होंने सोनपुर पुलिस अधीक्षक (SP) नारायण नायक और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।
नशा मुक्त ओडिशा अभियान की पृष्ठभूमि
ओडिशा सरकार ने राज्य को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कलिंगा स्टेडियम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 100 सप्ताह के जन-आंदोलन की घोषणा की। यह कार्यक्रम 'नशा मुक्त भारत और विकसित भारत 2047' अभियान की शुरुआत के अवसर पर हुआ, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से आरंभ किया था।
इस कार्यक्रम में राज्यपाल डॉ. हरिबाबू कम्भम्पति, खेल और युवा सेवा मंत्री सूर्यबंशी सूरज तथा सैकड़ों छात्रों ने केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत 'माई भारत' द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम को वर्चुअली देखा। राज्यपाल डॉ. कम्भम्पति ने उपस्थित सभी लोगों को 'नशा मुक्त युवा – विकसित भारत प्रतिज्ञा अभियान' की शपथ दिलाई।
आम जनता पर असर
यह ज़ब्ती ओडिशा में गांजा तस्करी के बढ़ते नेटवर्क की ओर इशारा करती है। ₹13 करोड़ की अनुमानित कीमत वाली यह खेप अगर बाज़ार में पहुँचती, तो युवाओं पर इसका व्यापक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता था। राज्य सरकार का 100-सप्ताह का अभियान इस दिशा में एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
क्या होगा आगे
पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान में जुटी है। सुबालया थाने में दर्ज मामले की जाँच जारी है और अधिकारियों के अनुसार जल्द ही गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है।