सोनिया गांधी को लोकतंत्र पर बोलने का हक नहीं: BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 7 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के लोकतंत्र संबंधी बयान पर तीखा पलटवार किया। खंडेलवाल ने कहा कि जिस पार्टी ने देश में आपातकाल थोपा, उसके नेता के मुख से लोकतंत्र की बात शोभा नहीं देती।
कांग्रेस और इमरजेंसी पर हमला
खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस वह पार्टी है जिसने देश में प्रजातंत्र का गला घोंटा और इमरजेंसी लगाई। उनके अनुसार, लगभग 6 दशकों तक कांग्रेस की सरकार के दौरान देश 'डरपोक' नजर आता था। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने हर क्षेत्र में प्रगति हासिल की है और विश्व में नया स्थान बनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत चौथी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है।
दिल्ली प्रदूषण और GRAP-III पर रुख
दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-III) लागू होने पर खंडेलवाल ने पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP शासनकाल में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदूषण के कारणों का अध्ययन कर उन्हें समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है।
दीपावली व्यापार पर उत्साह
खंडेलवाल ने त्योहारी सीजन में रिकॉर्ड खरीदारी के लिए दिल्लीवासियों का आभार जताया। उनके अनुसार, 1 नवंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की रैली और उससे पहले के आंदोलन-धरनों के कारण दिल्ली का व्यापार चौपट हो गया था। परंतु 2 नवंबर से दिल्ली के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ी और खंडेलवाल ने दावा किया कि ₹1 लाख करोड़ के कारोबार का आँकड़ा लगभग पार हो चुका है।
देशव्यापी दीपावली व्यापार के आँकड़े
खंडेलवाल ने बताया कि पूरे देश में दीपावली के मौके पर ₹7 लाख करोड़ के व्यापार का अनुमान था। उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार अब तक ₹6 लाख करोड़ का कारोबार हो चुका है। दीपावली, भैया दूज, छठ पूजा और अन्य त्योहार शेष रहते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि ₹7 लाख करोड़ का लक्ष्य पार हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 'वोकल फॉर लोकल' मुहिम के तहत खरीदारी हो रही है और दीपावली देश का आर्थिक महोत्सव साबित हो रही है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब दिल्ली में विधानसभा चुनाव का माहौल गर्म है और BJP व AAP के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज है। खंडेलवाल के इस पलटवार को भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें कांग्रेस के इमरजेंसी इतिहास को बार-बार उठाया जाता है। आगे देखना होगा कि कांग्रेस इस पलटवार पर क्या प्रतिक्रिया देती है।