दक्षिण अफ्रीका: राष्ट्रपति रामफोसा 'फाला फाला' जाँच रिपोर्ट को अदालत में देंगे चुनौती, महाभियोग प्रक्रिया जारी
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने सोमवार रात राष्ट्रीय संबोधन में घोषणा की कि वे एक स्वतंत्र संसदीय पैनल की उस रिपोर्ट को न्यायिक समीक्षा के लिए अदालत में ले जाएँगे, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने संभवतः संविधान का उल्लंघन किया हो सकता है। यह घोषणा उस ऐतिहासिक फैसले के कुछ दिनों बाद आई है जिसमें संवैधानिक अदालत ने संसद को उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था।
मामले की पृष्ठभूमि: 'फाला फाला' घोटाला
यह पूरा कानूनी विवाद तथाकथित 'फाला फाला' घोटाले से जुड़ा है। फरवरी 2020 में रामफोसा के निजी फार्म से 5,80,000 अमेरिकी डॉलर नकद मिलने की बात सामने आई थी। इस मामले ने दक्षिण अफ्रीकी राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया और तब से राष्ट्रपति पर इस्तीफे का दबाव बना हुआ है।
संसद द्वारा गठित स्वतंत्र पैनल ने अपनी जाँच रिपोर्ट में कहा था कि राष्ट्रपति ने संभवतः संविधान का उल्लंघन किया हो सकता है। इस रिपोर्ट को लेकर संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था, जिसे बहुमत ने शुरुआत में खारिज कर दिया था।
संवैधानिक अदालत का ऐतिहासिक निर्देश
पिछले शुक्रवार को संवैधानिक अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि संसद का वह निर्णय गलत था और स्वतंत्र पैनल की रिपोर्ट को महाभियोग समिति के पास भेजा जाना चाहिए। अदालत ने संसद को महाभियोग की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का स्पष्ट निर्देश दिया। संसद की स्पीकर थोको डिडिजा ने पुष्टि की है कि संसद अदालत के इस फैसले का पालन करेगी।
रामफोसा की प्रतिक्रिया और कानूनी रणनीति
रामफोसा ने अपने राष्ट्रीय संबोधन में कहा,