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दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग का श्रमिक दिवस पर संकल्प: कार्यस्थल सुरक्षा पर 'शून्य समझौता'

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दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग का श्रमिक दिवस पर संकल्प: कार्यस्थल सुरक्षा पर 'शून्य समझौता'

सारांश

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने श्रमिक दिवस पर चेओंग वा डे में पहली बार आयोजित समारोह में कार्यस्थल सुरक्षा पर 'शून्य समझौता' का ऐलान किया। दो विरोधी श्रमिक संघों की एक मंच पर मौजूदगी और AI के खतरे पर सरकार का स्पष्ट रुख — यह आयोजन महज रस्म नहीं, नीतिगत बदलाव का संकेत है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 1 मई 2025 को चेओंग वा डे में श्रमिक दिवस पर कार्यस्थल सुरक्षा पर 'शून्य समझौता' का संकल्प लिया।
यह पहला अवसर था जब चेओंग वा डे में श्रमिक दिवस कार्यक्रम आयोजित हुआ; लगभग 130 प्रतिभागी शामिल हुए।
फेडरेशन ऑफ कोरियन ट्रेड यूनियंस और कोरियन कन्फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियंस पहली बार एक साथ ऐसे आयोजन में शामिल हुए।
राष्ट्रपति ने AI-संचालित स्वचालन से रोज़गार के खतरे पर कहा — उत्पादकता के नाम पर श्रमिकों से बलिदान की माँग उचित नहीं।
दक्षिण कोरिया में 1 मई को 1963 में 'वर्कर्स डे' किया गया था; पिछले वर्ष पुनः 'लेबर डे' नाम बहाल कर इसे राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 1 मई 2025 को चेओंग वा डे में आयोजित श्रमिक दिवस समारोह में कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए ऐलान किया कि वे इस मुद्दे पर न कोई समझौता करेंगे और न कोई रियायत देंगे। उन्होंने एक ऐसे 'सामान्य' देश के निर्माण का संकल्प लिया जहाँ किसी भी श्रमिक को काम पर अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े। यह पहला अवसर था जब चेओंग वा डे में श्रमिक दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया।

राष्ट्रपति का मुख्य संबोधन

राष्ट्रपति ली ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "मैं कार्यस्थल सुरक्षा पर न तो कोई समझौता करूँगा और न ही कोई रियायत दूँगा।" उन्होंने यह भी कहा कि "श्रमिकों की सुरक्षा किसी भी राष्ट्र और किसी भी व्यवसाय का सबसे बुनियादी दायित्व है।" योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ने श्रमिक कल्याण और व्यावसायिक विकास को परस्पर विरोधी मानने की पुरानी सोच का खंडन किया।

श्रम और व्यापार: परस्पर निर्भर

राष्ट्रपति ली ने कहा, "हम केवल इस पुरानी सोच से मुक्त होकर ही आगे बढ़ सकते हैं कि व्यापार समर्थक होने का मतलब श्रमिक विरोधी होना है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों एक-दूजे पर निर्भर हैं और "विकास का भविष्य तभी है जब श्रमिक इसके पीछे खड़े हों।" उन्होंने श्रमिकों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया जो जमीनी स्तर पर अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाते हैं।

AI और तकनीक से नौकरियों का खतरा

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से रोज़गार को होने वाले खतरे की बढ़ती चिंताओं के बीच, राष्ट्रपति ली ने जनता को आश्वस्त किया कि सरकार उत्पादकता से अधिक लोगों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि "उत्पादकता के नाम पर श्रमिकों से बलिदान की माँग करना उचित नहीं है" और यह भी जोड़ा कि "श्रमिकों को पीछे छोड़ने वाला विकास वास्तव में विकास नहीं है।" यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में AI-संचालित स्वचालन से रोज़गार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बहस तेज़ हो रही है।

ऐतिहासिक भागीदारी और कार्यक्रम की विशेषता

इस कार्यक्रम में श्रम, प्रबंधन और सरकार के प्रमुख व्यक्तियों सहित विभिन्न व्यवसायों से जुड़े श्रमिकों समेत लगभग 130 प्रतिभागियों ने भाग लिया। उल्लेखनीय यह रहा कि दो प्रमुख श्रमिक संघ — फेडरेशन ऑफ कोरियन ट्रेड यूनियंस और कोरियन कन्फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियंस (जिनके राजनीतिक विचार भिन्न माने जाते हैं) — पहली बार एक साथ ऐसे किसी आयोजन में शामिल हुए। यह एकजुटता अपने आप में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है।

श्रमिक दिवस का नामकरण इतिहास

दक्षिण कोरिया में 1 मई को पहले 'लेबर डे' के रूप में मनाया जाता था, जिसे 1963 में बदलकर 'वर्कर्स डे' कर दिया गया था। पिछले वर्ष सरकार ने इसका नाम पुनः 'लेबर डे' कर दिया और इस वर्ष की शुरुआत में इसे राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया। यह नामकरण परिवर्तन और चेओंग वा डे में पहली बार हुआ यह आयोजन मिलकर दक्षिण कोरिया में श्रम नीति की एक नई दिशा का संकेत देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी नीतिगत क्रियान्वयन होगी — न कि वक्तव्य। दक्षिण कोरिया में औद्योगिक दुर्घटनाओं की दर अभी भी OECD देशों में ऊँची है, और श्रम कानूनों के प्रवर्तन में कमज़ोरी एक पुरानी समस्या रही है। दो विरोधी श्रमिक संघों का एक मंच पर आना प्रतीकात्मक रूप से शक्तिशाली है, लेकिन क्या यह एकता नीतिगत सहमति में बदलेगी — यह देखना बाकी है। AI और स्वचालन के खतरे पर सरकार की 'मानव-प्रथम' घोषणा तब तक अधूरी है जब तक पुनर्प्रशिक्षण और सामाजिक सुरक्षा के ठोस ढाँचे सामने न आएँ।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने श्रमिक दिवस पर क्या ऐलान किया?
राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 1 मई 2025 को चेओंग वा डे में कार्यस्थल सुरक्षा पर 'शून्य समझौता' का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे न तो कोई समझौता करेंगे और न कोई रियायत देंगे, और एक ऐसे देश के निर्माण का लक्ष्य रखा जहाँ कोई श्रमिक काम पर अपनी जान न जोखिम में डाले।
चेओंग वा डे में श्रमिक दिवस कार्यक्रम पहली बार क्यों महत्वपूर्ण है?
यह पहली बार था जब दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति भवन चेओंग वा डे में श्रमिक दिवस कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें लगभग 130 प्रतिभागी शामिल हुए और दो परस्पर विरोधी श्रमिक संघ — फेडरेशन ऑफ कोरियन ट्रेड यूनियंस और कोरियन कन्फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियंस — पहली बार एक साथ इस तरह के आयोजन में भाग लेने आए।
दक्षिण कोरिया में 'लेबर डे' का नाम क्यों बदला गया था और अब क्या स्थिति है?
दक्षिण कोरिया में 1 मई को पहले 'लेबर डे' कहा जाता था, जिसे 1963 में बदलकर 'वर्कर्स डे' कर दिया गया। पिछले वर्ष सरकार ने पुनः इसका नाम 'लेबर डे' कर दिया और इस वर्ष की शुरुआत में इसे राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया।
AI से नौकरियों के खतरे पर राष्ट्रपति ली का क्या रुख है?
राष्ट्रपति ली ने कहा कि उत्पादकता के नाम पर श्रमिकों से बलिदान की माँग उचित नहीं है और श्रमिकों को पीछे छोड़ने वाला विकास वास्तव में विकास नहीं है। उन्होंने सरकार की प्राथमिकता उत्पादकता से अधिक लोगों को बताया।
राष्ट्रपति ली ने श्रम और व्यापार के संबंध पर क्या कहा?
राष्ट्रपति ली ने यह धारणा खारिज की कि श्रमिक कल्याण और व्यावसायिक विकास परस्पर विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार समर्थक होने का अर्थ श्रमिक विरोधी होना नहीं है और विकास का भविष्य तभी संभव है जब श्रमिक उसके पीछे खड़े हों।
राष्ट्र प्रेस
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