स्ट्रीट डॉग पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत, मेनका गांधी बोलीं — कोर्ट ने हार मान ली

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
स्ट्रीट डॉग पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत, मेनका गांधी बोलीं — कोर्ट ने हार मान ली

सारांश

सर्वोच्च न्यायालय ने स्ट्रीट डॉग याचिका पर रोक लगाकर पुराना आदेश बरकरार रखा — ग्रेटर नोएडा के लोगों ने राहत की साँस ली, लेकिन मेनका गांधी ने कहा कि असली समस्या ABC सेंटरों की विफलता और सरकारी फंडिंग की कमी है।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने 19 मई को पशु प्रेमियों की याचिका पर रोक लगाई; स्ट्रीट डॉग मामले में पूर्व आदेश लागू रहेगा।
ग्रेटर नोएडा के निवासियों ने फैसले का स्वागत किया; रेबीज़ इंजेक्शन की लंबी कतारों का हवाला दिया।
मेनका गांधी (PFA) ने नाराज़गी जताई — कहा कि दिल्ली में 10 ABC सेंटर बंद हो चुके हैं।
देश में केवल 16 प्रशिक्षित NGO ; करीब 780 स्थानों पर नकली NGO सक्रिय — मेनका गांधी का दावा।
मेनका गांधी ने माँग की कि सरकार स्ट्रीट डॉग कार्यक्रम में ₹700 करोड़ निवेश करे, जैसा पोलियो अभियान में किया गया था।

नई दिल्ली में 19 मई को सर्वोच्च न्यायालय के आवारा कुत्तों (स्ट्रीट डॉग) संबंधी ताज़े फैसले के बाद देशभर में बहस तेज़ हो गई है। आम नागरिकों ने जहाँ इस फैसले का स्वागत किया, वहीं पशु अधिकार संगठन पीपल फॉर एनिमल्स (PFA) की अध्यक्ष मेनका गांधी ने कड़ी नाराज़गी जताई और सरकारी तंत्र की विफलता को इसकी मूल वजह बताया।

मुख्य घटनाक्रम

सर्वोच्च न्यायालय ने पशु प्रेमियों द्वारा दायर याचिका पर रोक लगाते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले में कोर्ट का पूर्व आदेश ही प्रभावी रहेगा। एक डॉग लवर ने बताया कि आज सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर रोक लगा दी है, और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का पिछला आदेश ही लागू रहेगा। यह फैसला उन लाखों नागरिकों के लिए राहत लेकर आया है जो आवारा कुत्तों के हमलों से परेशान हैं।

आम जनता की प्रतिक्रिया

ग्रेटर नोएडा के कई निवासियों ने कहा कि वे इस फैसले से काफी संतुष्ट हैं और इससे सार्वजनिक सुरक्षा की भावना मज़बूत होगी। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि सोसाइटियों में स्ट्रीट डॉग को लेकर अक्सर विवाद होते हैं और डॉक्टरों के पास रेबीज़ के इंजेक्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं। लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि आवारा कुत्तों के लिए एक सामूहिक केंद्र बनाया जाना चाहिए जहाँ उनके रहने और खाने-पीने की उचित व्यवस्था हो सके।

मेनका गांधी की आपत्ति

मेनका गांधी ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्ट्रीट डॉग के मामले में हार मान ली है। उनके अनुसार, कोर्ट ने पहले देशभर में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर खोलने के निर्देश दिए थे, लेकिन जब इन्हें सही तरीके से लागू नहीं किया गया, तभी कोर्ट को यह सख्त रुख अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट केवल इतना कह देता कि ABC सेंटर नहीं खोलने वाले नगर निगम कमिश्नरों के खिलाफ कार्रवाई होगी, तो पूरे देश में सेंटर खुल जाते।

नकली NGO और फंडिंग की समस्या

मेनका गांधी ने दावा किया कि पूरे देश में केवल 16 NGO ही ऐसे हैं जिन्हें सही प्रशिक्षण मिला है, जबकि करीब 780 स्थानों पर नकली NGO काम कर रहे हैं। उन्होंने पोलियो उन्मूलन अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार ने पोलियो खत्म करने के लिए लगातार 15 साल तक हर हफ्ते ₹700 करोड़ खर्च किए थे और सवाल उठाया कि स्ट्रीट डॉग की समस्या नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कितना पैसा लगाया है।

क्या होगा आगे

मेनका गांधी ने कहा कि अगर सरकार इस पूरे कार्यक्रम में ₹700 करोड़ लगा दे तो फर्क साफ दिखाई देगा। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व आदेश के प्रभावी रहने के बाद अब नगर निकायों पर ABC कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने का दबाव बढ़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नगर निकाय उन्हें लागू करने की ज़िम्मेदारी से बचते रहते हैं। मेनका गांधी का तर्क कि ABC सेंटरों की अनदेखी के लिए कमिश्नरों पर कार्रवाई होती तो स्थिति बदल जाती, दरअसल जवाबदेही की उस खाई को दर्शाता है जो नीति और ज़मीनी अमल के बीच मौजूद है। ₹700 करोड़ के निवेश की माँग राजनीतिक इच्छाशक्ति का सवाल उठाती है, लेकिन नकली NGO के जाल को तोड़े बिना केवल फंडिंग बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट ने स्ट्रीट डॉग मामले में क्या फैसला सुनाया?
सर्वोच्च न्यायालय ने पशु प्रेमियों द्वारा दायर याचिका पर रोक लगाते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले में कोर्ट का पूर्व आदेश ही प्रभावी रहेगा। नया कोई निर्देश जारी नहीं किया गया।
मेनका गांधी ने इस फैसले पर क्या कहा?
पीपल फॉर एनिमल्स (PFA) की अध्यक्ष मेनका गांधी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्ट्रीट डॉग के मामले में हार मान ली है। उनके अनुसार, ABC सेंटर न खुलने और नगर निकायों की जवाबदेही तय न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।
ABC सेंटर क्या होते हैं और इनकी क्या स्थिति है?
एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर वे केंद्र हैं जहाँ आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया जाता है। मेनका गांधी के अनुसार दिल्ली में 10 ABC सेंटर बंद हो चुके हैं और देशभर में करीब 780 स्थानों पर नकली NGO काम कर रहे हैं।
आम नागरिकों पर इस फैसले का क्या असर होगा?
ग्रेटर नोएडा समेत देशभर के निवासियों ने इस फैसले को राहत के रूप में देखा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोसाइटियों में स्ट्रीट डॉग से जुड़े विवाद और रेबीज़ इंजेक्शन के लिए लंबी कतारें आम हो गई थीं।
स्ट्रीट डॉग समस्या के समाधान के लिए क्या सुझाव दिए गए हैं?
नागरिकों ने सामूहिक आश्रय केंद्र बनाने का सुझाव दिया है। मेनका गांधी ने सरकार से ₹700 करोड़ के निवेश की माँग की है और ABC कार्यक्रम न लागू करने वाले नगर निगम कमिश्नरों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले