12 अगस्त 2026
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राज्यसभा में 'लुंगी वाला' विवाद: भाजपा सांसद सुष्मिता देव पर विशेषाधिकार नोटिस, विपक्ष एकजुट

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राज्यसभा में 'लुंगी वाला' विवाद: भाजपा सांसद सुष्मिता देव पर विशेषाधिकार नोटिस, विपक्ष एकजुट

सारांश

राज्यसभा में 'लुंगी वाला' टिप्पणी का आरोप एक साधारण शाब्दिक विवाद नहीं — यह भाषाई पहचान और सांसदीय मर्यादा का सवाल बन गया है। विपक्ष का एकजुट विरोध और विशेषाधिकार नोटिस इस घटना को संसद के मानसून सत्र का सबसे तीखा राजनीतिक क्षण बना रहा है।

मुख्य बातें

CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि BJP सांसद सुष्मिता देव ने उन्हें 12 अगस्त को संसद में 'लुंगी वाला' कहकर अपमानित किया।
ब्रिटास ने सुष्मिता देव के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव का नोटिस दिया है।
गैर-हिंदी भाषी राज्यों के राज्यसभा और लोकसभा सदस्य विरोध में एकजुट हुए।
राज्यसभा अध्यक्ष ने मामले का संज्ञान लेकर कई सांसदों को बातचीत के लिए बुलाया।
CPI(M) सांसद अमराराम ने आरोप लगाया कि सुष्मिता देव ने पहले भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भी आतंकवादी कहा था।

राज्यसभा में 12 अगस्त 2026 को उस समय भारी हंगामा मच गया जब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद सुष्मिता देव ने उन्हें संसद परिसर में 'लुंगी वाला' कहकर अपमानित किया। इस कथित टिप्पणी के विरोध में गैर-हिंदी भाषी राज्यों के राज्यसभा और लोकसभा सदस्य एकजुट हो गए और राज्यसभा अध्यक्ष ने मामले का संज्ञान लेते हुए कई सांसदों को बातचीत के लिए बुलाया।

विशेषाधिकार नोटिस और ब्रिटास का बयान

जॉन ब्रिटास ने कहा कि उन्होंने सुष्मिता देव के इस कथित बयान के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव का नोटिस दे दिया है। उन्होंने कहा, 'यह बयान दक्षिण भारतीयों की गलत छवि बनाता है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह लोगों को अलग-थलग करने या 'दूसरा' समझने का एक तरीका है। मुझे मलयाली होने, दक्षिण भारतीय होने और भारतीय होने पर गर्व है।' उन्होंने विश्वास जताया कि सभापति और विशेषाधिकार समिति इस मामले पर उचित संज्ञान लेगी।

विपक्ष की प्रतिक्रिया: 'सांस्कृतिक हमला'

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के राज्यसभा सांसद चौधरी मोहम्मद रमजान ने इसे सांस्कृतिक हमला करार दिया। उन्होंने कहा, 'भारत में कई क्षेत्र, धर्म और संस्कृतियाँ हैं, और हर राज्य की अपनी अलग पहचान है। एक BJP सांसद ने हमारे एक सांसद पर उंगली उठाई — यह हमारी संस्कृति का अपमान है।'

कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर तिलक ने भी इस व्यवहार की कड़ी निंदा की। उनके अनुसार, सुष्मिता देव ने ब्रिटास के सवाल पूछने के दौरान बार-बार और अपमानजनक तरीके से 'लुंगी वाला, लुंगी वाला' कहा। तिलक ने कहा कि इससे गैर-हिंदी भाषी इलाकों के प्रति BJP का रवैया साफ झलकता है।

CPI(M) सांसद अमराराम का तीखा हमला

CPI(M) सांसद अमराराम ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी और आरोप लगाया कि सुष्मिता देव ने पहले शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भी आतंकवादी कहा था। यह आरोप इस विवाद को एक व्यापक राजनीतिक संदर्भ देता है।

राज्यसभा अध्यक्ष का हस्तक्षेप

गौरतलब है कि राज्यसभा के चेयरमैन ने इस मामले का संज्ञान लिया और बातचीत के लिए कई सांसदों को बुलाया। यह ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में पहले से ही कई मुद्दों पर तनाव बना हुआ है। गैर-हिंदी भाषी राज्यों के प्रतिनिधित्व और भाषाई-सांस्कृतिक सम्मान का यह सवाल भारतीय संसदीय इतिहास में नया नहीं है, लेकिन इस बार विपक्ष का एकजुट होना इसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।

आगे क्या होगा

विशेषाधिकार समिति अब ब्रिटास के नोटिस पर विचार करेगी। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो सुष्मिता देव को समिति के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा। इस घटना ने संसद में भाषाई विविधता के सम्मान और सांसदों के आचरण पर बहस को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या संसद में भाषाई विविधता के सम्मान के लिए कोई ठोस आचार संहिता है — और यदि नहीं, तो विशेषाधिकार समिति की कार्रवाई एक नज़ीर स्थापित करने का अवसर है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'लुंगी वाला' विवाद क्या है और यह कब हुआ?
12 अगस्त 2026 को राज्यसभा में CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि BJP सांसद सुष्मिता देव ने उनके सवाल पूछने के दौरान बार-बार 'लुंगी वाला' कहकर उन्हें अपमानित किया। इस कथित टिप्पणी ने संसद परिसर में बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया।
जॉन ब्रिटास ने सुष्मिता देव के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
जॉन ब्रिटास ने सुष्मिता देव के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि यह बयान दक्षिण भारतीयों की गलत छवि बनाता है और एक सांसद के पद के अनुरूप नहीं है।
इस विवाद पर राज्यसभा अध्यक्ष ने क्या कदम उठाया?
राज्यसभा के चेयरमैन ने इस मामले का संज्ञान लिया और बातचीत के लिए कई सांसदों को बुलाया। मामला अब विशेषाधिकार समिति के पास जाने की संभावना है।
इस घटना पर विपक्ष की क्या प्रतिक्रिया रही?
गैर-हिंदी भाषी राज्यों के राज्यसभा और लोकसभा सदस्य एकजुट होकर विरोध में आए। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद चौधरी मोहम्मद रमजान ने इसे 'सांस्कृतिक हमला' कहा, जबकि कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर तिलक ने इसे गैर-हिंदी भाषी राज्यों के प्रति BJP के रवैये का प्रतीक बताया।
CPI(M) सांसद अमराराम ने सुष्मिता देव पर क्या अन्य आरोप लगाए?
CPI(M) सांसद अमराराम ने आरोप लगाया कि सुष्मिता देव ने पहले शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भी आतंकवादी कहा था। यह आरोप इस विवाद को एक व्यापक राजनीतिक संदर्भ देता है।
राष्ट्र प्रेस
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