सुवेंदु अधिकारी का 'मिस्टर नेफ्यू' पर वार: TMC नेता की कोलकाता में 24 संपत्तियों की जांच का संकेत
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार, 16 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक शीर्ष नेता की कथित कंपनी की संपत्तियों की जांच शुरू करने का स्पष्ट संकेत दिया। उन्होंने उस नेता का नाम लिए बिना उन्हें बार-बार 'मिस्टर नेफ्यू' कहकर संबोधित किया। 21 मई को इस क्षेत्र में पुनर्मतदान निर्धारित है।
मुख्यमंत्री के आरोप: कोलकाता में 24 संपत्तियाँ
अधिकारी ने दावा किया कि वे स्वयं कोलकाता नगर निगम से संबंधित कंपनी की संपत्तियों की पूरी सूची लेकर आए हैं। उन्होंने कहा, 'मिस्टर नेफ्यू, मैं कल ही कोलकाता नगर निगम से आपकी कंपनी की संपत्तियों की पूरी सूची लेकर आया हूँ। कंपनी की कोलकाता में 24 संपत्तियाँ हैं। दक्षिण 24 परगना के आमतला में महल जैसा कार्यालय भी है।'
यह ऐसे समय में आया है जब फाल्टा उपखंड में चुनावी माहौल गरम है और 21 मई के पुनर्मतदान से पहले राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
आरजी कर मामले में IPS अधिकारियों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने सभा में अगस्त 2024 के आरजी कर रेप और मर्डर मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पूर्व कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल, पूर्व डीसी इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता को शुक्रवार को निलंबित किया जा चुका है।
अधिकारी ने कहा, 'इस मामले में पहले ही तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो चुकी है। जब जांच एजेंसियाँ उनके कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सऐप चैट सामने लाएंगी, तब पिछली सरकार की असल करतूतें उजागर होंगी।'
TMC उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी
मुख्यमंत्री ने फाल्टा पुनर्मतदान में TMC उम्मीदवार जहांगीर खान को भी सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 2021 के चुनाव-बाद हिंसा के बाद 199 आरोपियों को कुख्यात अपराधी घोषित किया था, जिनमें जहांगीर भी शामिल था।
अधिकारी ने स्पष्ट किया, 'पुनर्मतदान खत्म होने दीजिए, उसके पुराने कृत्यों के लिए कानून के तहत उचित कार्रवाई सुनिश्चित करूंगा।'
2021 हिंसा पीड़ितों की सूची तैयार करने के निर्देश
अधिकारी ने बताया कि उन्होंने दक्षिण 24 परगना पुलिस को 2021 की चुनाव-बाद हिंसा के पीड़ितों और हिंसा फैलाने वालों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, 'एक भी गुंडा घर में नहीं रहेगा। महिलाओं पर अत्याचार करने वाले भी बख्शे नहीं जाएंगे।'
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और उसके नतीजे राज्य की राजनीति को और अधिक प्रभावित करेंगे।