ताइपेई में जापानी सैन्यवाद के विरुद्ध संयुक्त प्रदर्शन, ताइवान के कई दलों ने उठाई आवाज़
सारांश
मुख्य बातें
ताइवान के कई राजनीतिक दलों और सामाजिक समूहों ने शुक्रवार, 14 अगस्त को ताइपेई में जापान-ताइवान आदान-प्रदान संघ के कार्यालय के सामने एकजुट होकर जापानी सैन्यवाद के पुनरुत्थान के विरोध में संयुक्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जापानी दक्षिणपंथी ताकतों के सैन्य विस्तार और ताइवान के आंतरिक मामलों में उनके हस्तक्षेप को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
मुख्य घटनाक्रम
यह प्रदर्शन ताइपेई स्थित जापान-ताइवान आदान-प्रदान संघ के कार्यालय के ठीक सामने आयोजित किया गया। विभिन्न दलों और संगठनों के प्रतिनिधि एक साझे मंच पर आए और एकमत से जापानी सैन्यवाद को 'अस्वीकार्य' करार दिया। रैली में यह भी कहा गया कि ऐतिहासिक आक्रमण की विरासत को भुलाया नहीं जा सकता।
प्रदर्शनकारियों का पक्ष
रैली में जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि 'ताइवान मामला चीन का अंदरूनी मामला है' और पूर्व आक्रमणकारियों को इस विषय पर गैर-ज़िम्मेदाराना टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। वक्तव्य में आगे कहा गया, 'हम जापानी सैन्यवाद के फिर से उभरने की कड़ी निंदा करते हैं और जापानी दक्षिणपंथी ताकतों व ताइवान की स्वाधीनता के पक्षधरों के बीच सांठगांठ का पुरज़ोर विरोध करते हैं।'
व्यापक संदर्भ
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब जापान अपनी रक्षा नीति में उल्लेखनीय बदलाव कर रहा है और उसने हाल के वर्षों में अपने रक्षा बजट में वृद्धि की है। गौरतलब है कि ताइवान जलडमरूमध्य को लेकर क्षेत्रीय तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है, और इस पृष्ठभूमि में जापान की बढ़ती सैन्य सक्रियता को लेकर विभिन्न पक्षों में चिंताएँ गहरी हो रही हैं।
आगे की स्थिति
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे जापानी सैन्य विस्तार और ताइवान के आंतरिक राजनीतिक मामलों में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप के विरुद्ध अपना विरोध जारी रखेंगे। यह घटना ताइवान जलडमरूमध्य और पूर्वी एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के व्यापक संदर्भ में महत्त्वपूर्ण है।