तमिलनाडु के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, नीलगिरी-कोयंबटूर में 22 सितंबर तक खतरा
सारांश
मुख्य बातें
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार, 20 सितंबर 2026 को तमिलनाडु के 11 जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है, जिनमें नीलगिरी और कोयंबटूर प्रमुख रूप से शामिल हैं। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र से दक्षिण-पूर्व अरब सागर तक फैले एक 'ट्रफ' — यानी हवा के कम दबाव के क्षेत्र — को इस व्यापक बारिश का मुख्य कारण बताया है।
प्रभावित जिले और मौसम का मिजाज़
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, कृष्णगिरि, धर्मपुरी, रानीपेट, विल्लुपुरम, तिरुवन्नामलाई, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, कल्लाकुरिची और मदुरै जिलों में शनिवार को कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अनुमान है। नीलगिरी और कोयंबटूर में यह सिलसिला 22 सितंबर 2026 तक जारी रहने की आशंका है।
पश्चिमी घाट से सटे जिलों और राज्य के अन्य हिस्सों में मध्यम वर्षा का अनुमान लगाया गया है। चेन्नई और उसके पड़ोसी जिलों — तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू — में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
रविवार को भी भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, रविवार, 21 सितंबर को भी कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। डिंडिगुल, धर्मपुरी, कृष्णगिरि, तिरुचिरापल्ली, अरियालुर, पेरम्बलुर, मदुरै, विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची, तिरुवन्नामलाई, तिरुपत्तूर और वेल्लोर के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा कुड्डालोर, सलेम, इरोड, नमक्कल, पेरम्बलुर, अरियालुर, मयिलादुथुराई, तंजावुर, रामनाथपुरम और थूथुकुडी जिलों में भी इसी प्रकार के मौसम के हालात बने रहने की उम्मीद है।
आम जनता और किसानों पर असर
संवेदनशील और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज बारिश से जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका है। वाहन चालकों को हिदायत दी गई है कि भारी वर्षा के दौरान विज़िबिलिटी कम हो सकती है और सड़कों पर पानी भरने की स्थिति में सावधानी से वाहन चलाएं।
किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे कटी हुई फसलों और खुले में रखे कृषि उत्पादों को सुरक्षित स्थान पर रखें। अंदरूनी और पश्चिमी जिलों में बारिश के साथ तेज़ हवाएं चलने से फसल नुकसान की आशंका है।
प्रशासन की तैयारी और एहतियाती सलाह
जिला प्रशासन से अपेक्षा की गई है कि वे वर्षा के स्तर पर निरंतर नज़र रखेंगे और किसी भी स्थानीय बाढ़ या मौसम संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रहेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में मानसून सक्रिय है और राज्य के कई हिस्सों में पहले से ही बादल छाए हुए हैं।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर ध्यान देते रहें। दोपहर और शाम के समय तूफान की गतिविधियाँ तेज़ हो सकती हैं। आने वाले दो दिन राज्य के लिए मौसम की दृष्टि से निर्णायक साबित हो सकते हैं।