जमुई कांड: तेजस्वी यादव ने एक्स पोस्ट में काल्पनिक संवाद से सीएम सम्राट चौधरी पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्राओं के साथ कथित छेड़छाड़ और मारपीट की घटना ने राज्य की सियासत को नया मोड़ दे दिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा व्यंग्य किया। इस पोस्ट में उन्होंने एक काल्पनिक संवाद के ज़रिए सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
काल्पनिक संवाद में क्या लिखा तेजस्वी ने
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने अपने एक्स पोस्ट में आरोप लगाया कि जमुई कांड के वक्त जातीय सम्मेलन में व्यस्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रात में एक पुलिस अधिकारी को फोन कर कथित तौर पर घटना में शामिल आरोपी के गमछे का रंग पूछा। उन्होंने इस कथित बातचीत को व्यंग्यात्मक संवाद के रूप में प्रस्तुत किया।
तेजस्वी के मुताबिक, जब पुलिस अधिकारी ने गमछे का रंग 'भगवा' बताया, तो संवाद में मुख्यमंत्री की ओर से कहा गया कि 'फिर तो वह भगवा बलात्कारी नहीं हुआ' और यह भी पूछा गया कि 'गमछे में कहीं हरा रंग तो नहीं है।' यह पोस्ट पूरी तरह काल्पनिक और व्यंग्यात्मक प्रारूप में लिखी गई है, जैसा कि तेजस्वी ने स्वयं स्पष्ट किया।
जाति और सांप्रदायिक कोण पर आरोप
तेजस्वी यादव ने आगे आरोप लगाया कि काल्पनिक बातचीत में मुख्यमंत्री पुलिस अधिकारी से आरोपियों की जाति पूछते हैं और 'मुस्लिम तथा यादव एंगल' तलाशने का निर्देश देते हैं। उन्होंने पोस्ट में यह भी उल्लेख किया कि कार्रवाई न करने पर अधिकारी को निलंबन की धमकी दिए जाने जैसा संवाद शामिल है।
तेजस्वी ने पोस्ट के अंत में एआई और 'हरे गमछे' को लेकर भी कटाक्ष किया और 'दीपक' नाम का उल्लेख करते हुए व्यंग्य किया कि यह संवाद किस अधिकारी ने रटवाया था, इसकी जाँच होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी और चुनावी राजनीति पर तंज
तेजस्वी ने इसी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी चुनावी राजनीति को लेकर कटाक्ष किया। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव के दौरान मोदी टेलीप्रॉम्प्टर पर किस तरह का गीत गाएंगे और इसी संदर्भ में 'मारब सिक्सर...' वाले गीत की पंक्तियों का भी उल्लेख किया।
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब जमुई की घटना को लेकर राज्य सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो चुका है। गौरतलब है कि तेजस्वी यादव इससे पहले भी इस मामले में सरकार की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठा चुके हैं।
जमुई कांड में अब तक की कार्रवाई
घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और मामले की जाँच के लिए एसआईटी गठित की गई। अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से कहा गया है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि एसआईटी गठन में देरी और शुरुआती सुस्त प्रतिक्रिया सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है।
आगे क्या होगा
जमुई कांड को लेकर बिहार विधानसभा में भी विपक्ष के सवाल उठने की संभावना है। एसआईटी जाँच की प्रगति और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ न्यायिक कार्यवाही पर सभी की नज़र रहेगी। राज्य में आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को देखते हुए यह मुद्दा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लंबे समय तक प्रमुख रहने की उम्मीद है।