तेजस्वी सूर्या का आरोप: तृणमूल शासन में बंगाल में औद्योगीकरण में कमी
सारांश
मुख्य बातें
दार्जिलिंग, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तेजस्वी सूर्या ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे पश्चिम बंगाल में गुंडा राज को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण राज्य में औद्योगीकरण में गिरावट देखने को मिल रही है।
सूर्या ने विधानसभा चुनावों से पहले यहां प्रचार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में बंगाली पहचान, संस्कृति और गौरव को गंभीर नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देकर और उन्हें राशन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज़ मुहैया करवा कर स्थानीय संसाधनों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला जा रहा है।
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि घुसपैठ की अनुमति देना तृणमूल कांग्रेस की वोट बैंक बढ़ाने की साजिश है, जिससे बंगाली पहचान और संस्कृति को खतरा है।
सूर्या ने कहा कि भाजपा अवैध घुसपैठ के खिलाफ है और हम बंगाल की संस्कृति, भाषा, संसाधनों और राज्य में युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की सुरक्षा करना चाहते हैं।
उन्होंने बंगाल को स्वामी विवेकानंद की भूमि बताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल को भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक राजधानी माना जाता था। आज, तृणमूल के गुंडा राज के कारण औद्योगीकरण समाप्त हो गया है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल और कर्नाटक के विकास में तुलना की।
सूर्या ने कहा, "मैं बेंगलुरु से आया हूं, जहां लाखों बंगाली युवा काम कर रहे हैं। लोग बेंगलुरु के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए लंबी यात्रा करते हैं। आखिर क्यों लोगों को दिल्ली, मुंबई, पुणे और बेंगलुरु तक हजारों किलोमीटर का सफर करना पड़ता है?"
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पिछले 15 सालों में राज्य में कोई बड़ा अस्पताल, विश्वविद्यालय या वैश्विक स्तर का कौशल विकास संस्थान क्यों नहीं खोला गया? वास्तव में, बड़ी कंपनियां बंगाल से बाहर जा रही हैं। यह पिछले 20 वर्षों का ट्रेंड रहा है।
सूर्या ने कहा कि लोग तृणमूल कांग्रेस की सरकार से नाखुश हैं और बदलाव की चाह रखते हैं।