तेलंगाना में बिजली संकट: सरकारी दफ्तरों में AC 25°C पर चलाने के निर्देश, अल नीनो से सतर्क सरकार
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना राज्य सरकार ने 19 अक्टूबर 2026 को सभी सरकारी कार्यालयों को बिजली की किफायती खपत के सख्त निर्देश जारी किए, क्योंकि अल नीनो के प्रभाव से राज्य में बिजली उत्पादन घटा है और मांग लगातार बढ़ रही है। मुख्य सचिव संजय जाजू ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर स्थिति की समीक्षा की और आपातकालीन उपायों को तत्काल लागू करने के आदेश दिए। यह कदम ऐसे समय में आया है जब हैदराबाद सहित पूरे राज्य में जल स्तर भी चिंताजनक रूप से गिर रहा है।
बिजली बचाने के मुख्य निर्देश
मुख्य सचिव संजय जाजू ने स्पष्ट किया कि सरकारी दफ्तरों में एयर कंडीशनर (AC) को दिन में केवल आवश्यकता पड़ने पर 25 डिग्री सेल्सियस पर चलाया जाए। शाम 6 बजे के बाद AC का उपयोग काफी हद तक सीमित करने को कहा गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। उद्योगों पर कोई बिजली कटौती नहीं लगाई जा रही है और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधन को आपूर्ति की चिंता न करने का आश्वासन दिया गया है।
ताप विद्युत केंद्रों में उत्पादन बढ़ाने की कवायद
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को राज्य के सभी ताप विद्युत केंद्रों में अधिकतम उत्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यदाद्री ताप विद्युत केंद्र में विशेष रूप से पाँच विशेष अधिकारी तैनात किए गए हैं, जिन्हें संयंत्र की पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन करने के लिए समर्पित उपाय करने को कहा गया है। गौरतलब है कि अल नीनो के कारण जलाशयों में पानी की कमी ने पनबिजली उत्पादन को भी प्रभावित किया है।
पेयजल संकट और भूजल की चिंता
मंजिरा और सिंगुर जलाशयों से पानी की आपूर्ति बंद होने के कारण प्रतिदिन 11 करोड़ गैलन (एमजीडी) पानी की कमी को वैकल्पिक स्रोतों से पूरा किया जा रहा है। इनमें मिशन भागीरथा से 6 करोड़ गैलन और कृष्णा नदी व अन्य स्रोतों से अतिरिक्त आपूर्ति शामिल है।
विशेष मुख्य सचिव विकास राज ने बताया कि रंगारेड्डी जिले में भूजल स्तर में काफी गिरावट आ रही है। पीने के पानी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए वैकल्पिक योजनाएँ तैयार की जा रही हैं और उन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
अवैध जल दोहन पर अभियान
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कृषि मोटर पंपों का उपयोग कर स्थानीय जल स्रोतों से अवैध रूप से पानी निकाला जा रहा है, जिससे बिजली का भार बढ़ रहा है और स्थानीय ट्रांसफार्मर जल रहे हैं। सरकार के विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन ने बताया कि हैदराबाद में नगरपालिका के नलों पर अवैध मोटर पंप लगाकर पानी निकालने के विरुद्ध एक विशेष अभियान हैदराबाद नगर निगम और अन्य एजेंसियों के सहयोग से चलाया जा रहा है।
जयेश रंजन ने यह भी स्पष्ट किया कि हैदराबाद में नए बोरवेल की अनुमति केवल पेयजल उद्देश्यों के लिए और निर्धारित नियमों के तहत दी जाएगी। निर्माण या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किसी नए बोरवेल की अनुमति नहीं होगी, हालाँकि मौजूदा पेयजल बोरवेलों को गहरा करने की छूट जारी रहेगी।
आगे की कार्ययोजना
मुख्य सचिव जाजू ने घोषणा की कि अल नीनो के प्रभावों पर जनजागरूकता के लिए शीघ्र ही एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। साथ ही, कैबिनेट उप-समिति की बैठक भी जल्द बुलाई जाएगी। 1 नवंबर 2026 से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से उपचारित जल को हरे पानी के टैंकरों के माध्यम से हैदराबाद के निर्माण स्थलों तक पहुँचाया जाएगा, जिससे पीने के पानी पर दबाव कम होगा।
राज्य सरकार ने सभी पूर्व जिलों में स्थिति की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पहले ही तैनात किया है और विभागवार सूक्ष्म स्तरीय आपातकालीन योजनाएँ तैयार की जा चुकी हैं। अब देखना यह होगा कि जमीनी स्तर पर ये उपाय कितनी तत्परता से लागू होते हैं।