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तेलंगाना सूखा संकट: CM रेवंत रेड्डी 12 अक्टूबर को मंत्रियों के साथ करेंगे समीक्षा बैठक, 320 मंडल प्रभावित

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तेलंगाना सूखा संकट: CM रेवंत रेड्डी 12 अक्टूबर को मंत्रियों के साथ करेंगे समीक्षा बैठक, 320 मंडल प्रभावित

सारांश

अल नीनो के कारण सामान्य से 17% कम बारिश और 320 मंडलों में सूखे के हालात के बीच CM रेवंत रेड्डी 12 अक्टूबर को बड़ी समीक्षा बैठक बुला रहे हैं। राज्य पहले ही विधानसभा प्रस्ताव पारित कर केंद्र से ₹20,000 करोड़ की माँग कर चुका है — अब असली सवाल राहत की रफ्तार का है।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी 12 अक्टूबर 2026 को सूखा संकट पर मंत्रियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे।
अल नीनो के प्रभाव से तेलंगाना में सामान्य से 17% कम बारिश; 18 जिलों के 320 मंडलों में गंभीर सूखे के हालात।
राज्य सरकार ने केंद्र से ₹20,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की माँग की है।
मुख्य सचिव संजय जाजू ने विभागों को 12 मानक पैमानों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
सूखाग्रस्त मंडलों की घोषणा और रिपोर्ट अक्टूबर 2026 के अंत तक अपेक्षित।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी 12 अक्टूबर 2026 को राज्य में अल नीनो के प्रभाव और गहराते सूखे के संकट पर मंत्रियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, इस बैठक में कम वर्षा वाले इलाकों की स्थिति, किसानों की समस्याओं और तत्काल राहत उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा। अल नीनो के असर से राज्य में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

बैठक के प्रमुख एजेंडा बिंदु

CMO के मुताबिक, बैठक में खेती, सिंचाई, पीने के पानी की आपूर्ति, बिजली की बढ़ती माँग और आपातकालीन जरूरतों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसमें बारिश प्रभावित क्षेत्रों में राहत उपायों, मंत्रियों की उप-समिति द्वारा तैयार योजनाओं और प्रस्तावित सर्वदलीय बैठक पर भी चर्चा होने की संभावना है। किसान संगठनों तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के सुझावों पर भी विचार किया जाएगा।

सूखे की गंभीरता: 320 मंडल प्रभावित

अधिकारियों ने 6 अक्टूबर 2026 को बताया था कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार अल नीनो के प्रभाव से 18 जिलों के 320 मंडलों में सूखे के गंभीर हालात हैं। तेलंगाना में कुल 33 जिलों में 621 मंडल हैं। इससे पहले हुई राज्य कैबिनेट बैठक में भी वर्षा की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है, जिसमें लगभग 235 मंडलों में सूखे जैसे हालात चिन्हित किए गए थे।

केंद्र से ₹20,000 करोड़ के पैकेज की माँग

तेलंगाना सरकार पहले ही विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से प्रभावित क्षेत्रों को आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित करने और पर्याप्त वित्तीय सहायता देने की अपील कर चुकी है। राज्य ने ₹20,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की माँग रखी है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में अल नीनो के कारण मानसून की अनिश्चितता किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है।

मुख्य सचिव के निर्देश

तेलंगाना के मुख्य सचिव संजय जाजू ने अधिकारियों को राज्य में सूखे की स्थिति पर तत्काल एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने योजना, राजस्व, भूजल, कृषि, पंचायत राज और ग्रामीण जल आपूर्ति विभागों से समग्र जानकारी संकलित करने को कहा है। जाजू ने यह भी स्पष्ट किया कि सूखे पर रिपोर्ट तैयार करते समय 12 मानक पैमानों का पालन किया जाए, जिनमें दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून–सितंबर) के दौरान हुई वर्षा के आँकड़े भी शामिल हों।

आगे की राह

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सरकारी नियमों और निर्धारित मानकों के आधार पर सूखाग्रस्त मंडलों की घोषणा की प्रक्रिया शुरू करने और अक्टूबर 2026 के अंत तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार की केंद्र से वित्तीय सहायता की माँग और आगामी समीक्षा बैठक का परिणाम तेलंगाना के लाखों किसानों की राहत की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ माँगे हैं, लेकिन असली चिंता यह है कि विधानसभा प्रस्ताव और समीक्षा बैठकों की लंबी परंपरा के बावजूद तेलंगाना में हर अल नीनो वर्ष एक नए संकट की तरह आता है। मुख्य सचिव के 12 मानक पैमानों वाले निर्देश प्रक्रियात्मक दृष्टि से सही हैं, परंतु 'अक्टूबर के अंत तक रिपोर्ट' का समयक्रम उन किसानों के लिए बहुत देर हो सकती है जिनकी फसल अभी खेतों में है। केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों में सूखा घोषणा की प्रक्रिया लंबी और जटिल है — बैठक का नतीजा नहीं, केंद्र की त्वरित प्रतिक्रिया ही इस संकट की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में 12 अक्टूबर की बैठक का उद्देश्य क्या है?
CM ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में यह बैठक राज्य में अल नीनो के प्रभाव और सूखे की स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई गई है। इसमें खेती, सिंचाई, पेयजल आपूर्ति, बिजली की माँग और तत्काल राहत उपायों पर चर्चा होगी।
तेलंगाना में सूखे की स्थिति कितनी गंभीर है?
अल नीनो के असर से राज्य में सामान्य से 17% कम बारिश हुई है और 18 जिलों के 320 मंडलों में सूखे के गंभीर हालात हैं। तेलंगाना के कुल 33 जिलों में 621 मंडल हैं।
तेलंगाना सरकार ने केंद्र से कितनी सहायता माँगी है?
राज्य सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से ₹20,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की माँग की है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों को आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित करने की अपील भी की गई है।
मुख्य सचिव संजय जाजू ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्य सचिव संजय जाजू ने अधिकारियों को 12 मानक पैमानों के आधार पर सूखे की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने और अक्टूबर 2026 के अंत तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने योजना, राजस्व, भूजल, कृषि और ग्रामीण जल आपूर्ति विभागों से समन्वित जानकारी जुटाने को भी कहा है।
सूखाग्रस्त मंडलों की आधिकारिक घोषणा कब तक होगी?
मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार सूखाग्रस्त मंडलों की पहचान और घोषणा की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अक्टूबर 2026 के अंत तक विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद केंद्र सरकार से सहायता की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
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