25 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तेलंगाना सूखा संकट: 28 अक्टूबर को सर्वदलीय बैठक, उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क करेंगे अध्यक्षता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तेलंगाना सूखा संकट: 28 अक्टूबर को सर्वदलीय बैठक, उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क करेंगे अध्यक्षता

सारांश

तेलंगाना में अल नीनो और कम वर्षा से उपजे सूखे के संकट से निपटने के लिए सरकार ने 28 अक्टूबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में पेयजल, कृषि बिजली और वैकल्पिक फसल योजनाओं पर साझा रणनीति बनाई जाएगी।

मुख्य बातें

तेलंगाना सरकार ने 28 अक्टूबर 2026 को सूखे की स्थिति पर सर्वदलीय बैठक बुलाई।
बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क करेंगे; दोपहर 2:30 बजे , हैदराबाद सचिवालय में।
अल नीनो के प्रभाव से राज्य में सामान्य से कम वर्षा; कई जिलों में सूखे जैसे हालात।
एजेंडे में पेयजल संरक्षण , कृषि बिजली आपूर्ति और वैकल्पिक फसल योजनाएँ शामिल।
सरकार का लक्ष्य सभी दलों की सहभागिता से एक समन्वित राहत रणनीति तैयार करना।

तेलंगाना सरकार ने राज्य में कम वर्षा और अल नीनो के प्रभाव से उत्पन्न सूखे की गंभीर स्थिति पर विचार-विमर्श के लिए 28 अक्टूबर 2026 को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक हैदराबाद स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर तेलंगाना राज्य सचिवालय की छठी मंजिल पर कमरा नंबर 33 में दोपहर 2:30 बजे आयोजित होगी। बैठक की अध्यक्षता राज्य के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क करेंगे।

बैठक के मुख्य एजेंडा बिंदु

इस सर्वदलीय बैठक में मुख्य रूप से चार अहम मुद्दों पर चर्चा होगी — पीने के पानी की किल्लत से बचाव, जल संसाधनों का संरक्षण, कृषि के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना और वैकल्पिक फसल योजनाओं का निर्माण। सरकार विपक्षी दलों से इन बिंदुओं पर सुझाव और सिफारिशें माँगेगी।

गौरतलब है कि इस बैठक के जरिए तेलंगाना सरकार का उद्देश्य सभी राजनीतिक दलों को एक साझा मंच पर लाकर रचनात्मक परामर्श से एक समन्वित रणनीति तैयार करना है, जो किसानों और आम नागरिकों को राहत दे सके।

सूखे और अल नीनो की स्थिति

राज्य में इस मौसम में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे कई जिलों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अल नीनो के प्रभाव से आने वाले समय में स्थिति और विकट होने की आशंका है। यह ऐसे समय में आया है जब किसान रबी फसल की तैयारियों में जुटे हैं और पानी की कमी उनकी बुवाई योजनाओं पर सीधा असर डाल सकती है।

आंकड़ों के अनुसार, कम वर्षा के कारण राज्य के कई जलाशयों का जलस्तर सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे न केवल खेती बल्कि नगरीय पेयजल आपूर्ति पर भी दबाव बढ़ रहा है।

सरकार की रणनीति और विपक्ष से अपेक्षाएँ

तेलंगाना सरकार का स्पष्ट संदेश है कि सूखे जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए राजनीतिक मतभेदों को परे रखना होगा। सरकार चाहती है कि सभी दल मिलकर एक सर्वसम्मत कार्य योजना बनाएँ जो किसानों, पशुपालकों और शहरी उपभोक्ताओं — सभी को राहत दे।

यह तेलंगाना में किसी प्राकृतिक संकट पर बुलाई गई पहली बड़ी सर्वदलीय बैठक नहीं है, लेकिन अल नीनो के संदर्भ में इसका दायरा पहले से अधिक व्यापक बताया जा रहा है। सरकार नहीं चाहती कि स्थिति सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट में तब्दील हो।

आम जनता और किसानों पर असर

सूखे की स्थिति का सबसे सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ता है। वैकल्पिक फसल योजनाएँ और कृषि बिजली की निर्बाध आपूर्ति किसानों की तात्कालिक जरूरत है। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिकता है।

28 अक्टूबर की बैठक के बाद सरकार एक ठोस कार्ययोजना जारी करने की तैयारी में है, जिसमें जिलेवार राहत उपायों का खाका भी शामिल होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा बैठक के बाद शुरू होती है — क्या विपक्ष महज औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराएगा या ठोस सुझाव लेकर आएगा? तेलंगाना में पिछले कुछ वर्षों में जल-प्रबंधन को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तीखे मतभेद रहे हैं, और ऐसे में सर्वसम्मति बनाना आसान नहीं होगा। अल नीनो का प्रभाव केवल तेलंगाना तक सीमित नहीं है — यह एक व्यापक क्षेत्रीय संकट है जिसके लिए केंद्र-राज्य समन्वय भी उतना ही जरूरी है, जितनी राज्य स्तर की राजनीतिक एकता। बिना जवाबदेही तय किए और ज़िलेवार कार्ययोजना के, यह बैठक एक और अच्छे इरादों वाली पहल बनकर रह सकती है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में सर्वदलीय बैठक क्यों बुलाई गई है?
राज्य में सामान्य से कम वर्षा और अल नीनो के प्रभाव से कई जिलों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। तेलंगाना सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए एक साझा रणनीति बनाने हेतु 28 अक्टूबर 2026 को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
बैठक कब और कहाँ होगी?
बैठक 28 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:30 बजे हैदराबाद स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर तेलंगाना राज्य सचिवालय की छठी मंजिल पर कमरा नंबर 33 में आयोजित होगी। इसकी अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क करेंगे।
इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
बैठक में मुख्य रूप से पेयजल की कमी को रोकना, जल संसाधनों का संरक्षण, कृषि के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना और किसानों के लिए वैकल्पिक फसल योजनाएँ तैयार करना — इन चार मुद्दों पर विचार होगा।
अल नीनो का तेलंगाना पर क्या असर हो रहा है?
अल नीनो के प्रभाव से इस मौसम में तेलंगाना में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जिसके चलते कई जिलों में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रभाव से आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे खेती और पेयजल आपूर्ति दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
किसानों और आम जनता पर इस सूखे का क्या प्रभाव पड़ेगा?
सूखे की स्थिति से राज्य के किसानों की रबी फसल की बुवाई प्रभावित हो सकती है और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत बढ़ सकती है। सरकार चाहती है कि वैकल्पिक फसल योजनाओं और बिजली आपूर्ति के बेहतर प्रबंधन से किसानों को राहत मिले।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 3 महीने पहले