तेलंगाना सामूहिक हत्याकांड: पत्नी-बेटों समेत 6 की हत्या के आरोपी बी. राजकुमार की तलाश, ₹2 लाख इनाम घोषित
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना पुलिस ने 35 वर्षीय आरोपी बी. राजकुमार की गिरफ्तारी के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान छेड़ा है, जिस पर 10 जुलाई 2025 की रात रंगारेड्डी जिले के शाबाद मंडल के दैवलागुड़ा क्षेत्र में छह लोगों की हत्या करने का आरोप है। मारे गए लोगों में उसकी पत्नी सरिता, उसके चार साल और डेढ़ साल के दो बेटे, तथा एक पॉक्सो मामले की 17 वर्षीय पीड़िता, उसकी माँ लक्ष्मी और नानी रुक्कम्मा शामिल हैं। फ्यूचर सिटी पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को ₹2 लाख के इनाम की घोषणा की है।
हत्याकांड का घटनाक्रम
पुलिस जांच के अनुसार, राजकुमार ने 10 जुलाई की रात 11:30 बजे से 12 बजे के बीच दो अलग-अलग स्थानों पर वारदात को अंजाम दिया। उसने सबसे पहले शाबाद के कुम्मारीगुड़ा रोड स्थित उस घर में हमला किया, जहाँ पॉक्सो मामले की शिकायतकर्ता नाबालिग लड़की अपने परिवार के साथ रहती थी। वहाँ उसने लड़की की माँ और नानी की हत्या की।
इसके बाद आरोपी नाबालिग लड़की को अपने साथ ले गया और करीब 6 किलोमीटर दूर दैवलागुड़ा गाँव में उसकी भी हत्या कर दी। शुरुआती जांच में हत्या से पूर्व यौन उत्पीड़न की आशंका से इनकार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सभी छह पीड़ितों पर चाकू से हमला किया और बाद में उनका गला भी रेत दिया।
रात करीब 11:50 बजे राजकुमार ने अपने पिता को फोन कर हत्याओं की जानकारी दी। इसके बाद उसके पिता शाबाद पुलिस थाने पहुँचे और पुलिस को अपने बेटे के कथित अपराध से अवगत कराया।
पुलिस का तलाशी अभियान
12 विशेष टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं, जिनमें तकनीकी विशेषज्ञ, रेलवे पुलिस और खुफिया इकाइयाँ भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, राजकुमार ने 10 जुलाई की रात करीब 12 बजे अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था, जिसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला है।
पुलिस बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। आशंका है कि आरोपी किसी दूसरे राज्य में भाग गया हो सकता है, इसलिए कर्नाटक और अन्य पड़ोसी राज्यों को जोड़ने वाले राजमार्गों पर भी नजर रखी जा रही है। हैदराबाद-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होटल और लॉज की भी गहन जांच की गई है।
अफवाहों का खंडन और पुलिस की प्रतिक्रिया
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) योगेश गौतम ने रविवार को सोशल मीडिया पर फैल रही उन अफवाहों का खंडन किया, जिनमें आरोपी की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष टीमें आरोपी को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।
फ्यूचर सिटी के पुलिस आयुक्त तरुण जोशी ने पॉक्सो मामले की जांच कर रहे शाबाद थाने के सब-इंस्पेक्टर रमेश को निलंबित कर दिया है। यह कदम पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।
पॉक्सो मामले से जुड़ी पृष्ठभूमि
राजकुमार कई वर्षों तक उस नाबालिग लड़की के घर के बगल में अपने माता-पिता के साथ रहता था। करीब छह महीने पहले वह अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ वहाँ से अलग रहने चला गया था। मई 2025 में उसके खिलाफ पॉक्सो कानून की धारा 11 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया था — आरोप था कि उसने नाबालिग लड़की का पीछा किया और उसका यौन उत्पीड़न किया।
पिछले महीने उसे जमानत मिल गई थी। पुलिस को संदेह है कि यह सामूहिक हत्याकांड उसी पॉक्सो मामले का बदला लेने की नीयत से किया गया। यह ऐसे समय में सामने आया है जब पॉक्सो मामलों में आरोपियों को जमानत देने की प्रक्रिया पर पहले से सवाल उठते रहे हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस का तलाशी अभियान जारी है और अंतरराज्यीय समन्वय बढ़ाया जा रहा है। ₹2 लाख के इनाम की घोषणा के बाद सूचनाओं का इंतजार है। निलंबित सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू होने की संभावना है। इस मामले ने पॉक्सो आरोपियों की जमानत प्रक्रिया और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।