पुणे के दौंड में पिता ने 9 साल की बेटी की हत्या कर शव जलाया, BNS की धारा 103 के तहत FIR दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
पुणे जिले के दौंड तालुका के देउलगांव राजे गांव में 5 मई 2026 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब एक पिता ने अपनी 9 वर्षीय नाबालिग बेटी की निर्मम हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को कपड़ों में लपेटकर घर में आग लगा दी। आरोपी शांताराम दुर्योधन चव्हाण (33) को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
पुलिस जांच के अनुसार, घटना हनुमान बस्ती, काले वस्ती इलाके में हुई। आरोपी शांताराम चव्हाण को शक था कि उसकी बेटी ने उसके भाई की स्कूल मार्कशीट में कुछ बदलाव किए हैं। इसी शक के चलते वह इतना उग्र हो गया कि उसने बच्ची पर लकड़ी काटने वाली मशीन से हमला कर दिया, जिससे बच्ची की मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को छिपाने और नष्ट करने के इरादे से उसे कपड़ों में लपेटकर घर में आग लगा दी। आसपास के लोगों ने धुएँ और आग की लपटें देखकर तुरंत मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
सह-आरोपी पर भी मामला दर्ज
इस मामले में एक महिला चिंगू शिंदबाद भोसले पर भी घटना को छुपाने और आरोपी की मदद करने का आरोप है। पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
कानूनी कार्रवाई
दौंड पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 103(1) (हत्या), 238 (सबूत नष्ट करना) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक सुनील उगले कर रहे हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुँचकर सबूत इकट्ठा करने में जुटी है।
इलाके में आक्रोश की लहर
घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में गहरे शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि एक मासूम बच्ची को अपने ही पिता के हाथों इस तरह मौत का शिकार बनते देखना बेहद दुखद है। लोग न्याय की माँग करते हुए जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की अपील कर रहे हैं।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में सामने आया है जब पुणे जिले के नसरापुर में बच्ची से रेप और हत्या का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था। गौरतलब है कि बाल सुरक्षा और पारिवारिक हिंसा से जुड़ी घटनाएँ राज्य में चिंता का विषय बनती जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और जाँच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।