क्या तेलंगाना के स्पीकर ने दो और बीआरएस विधायकों को अयोग्य घोषित करने वाली याचिकाओं को खारिज किया?

Click to start listening
क्या तेलंगाना के स्पीकर ने दो और बीआरएस विधायकों को अयोग्य घोषित करने वाली याचिकाओं को खारिज किया?

सारांश

तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष ने दो बीआरएस विधायकों की अयोग्यता से संबंधित याचिकाओं को खारिज किया, जिसमें आरोप था कि वे कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। जानिए इस फैसले का क्या प्रभाव हो सकता है।

Key Takeaways

  • गद्दाम प्रसाद कुमार ने बीआरएस के दो विधायकों की अयोग्यता याचिकाएं खारिज की।
  • विधायकों पर कांग्रेस में शामिल होने का आरोप था।
  • दलबदल विरोधी कानून इन विधायकों पर लागू नहीं होता।
  • अध्यक्ष ने अन्य विधायकों की अयोग्यता संबंधी याचिकाओं पर भी सुनवाई की है।
  • बीआरएस ने उन विधायकों के खिलाफ याचिकाएं दायर की थीं जो कांग्रेस में शामिल हुए।

हैदराबाद, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार ने गुरुवार को दो बीआरएस विधायकों की अयोग्यता से संबंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया। इन विधायकों पर आरोप था कि वे सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं।

खुलासे के दौरान, अध्यक्ष ने कहा कि पोचारम श्रीनिवास रेड्डी और काले यदैया की अयोग्यता संबंधी याचिकाओं पर कोई ठोस सबूत नहीं है कि वे कांग्रेस में शामिल हुए हैं।

अध्यक्ष ने यह भी बताया कि दलबदल विरोधी कानून इन विधायकों पर लागू नहीं होता है और वे तकनीकी रूप से अभी भी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के सदस्य हैं।

अध्यक्ष ने बीआरएस के 10 विधायकों में से सात को अयोग्य घोषित करने की याचिकाओं को भी खारिज किया, जिन पर कांग्रेस में शामिल होने का आरोप लगाया गया था।

पिछले महीने, अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार ने पांच विधायकों तेल्लम वेंकट राव, बंदला कृष्ण मोहन रेड्डी, टी. प्रकाश गौड़, गुडेम महिपाल रेड्डी और अरेकापुडी गांधी की अयोग्यता के लिए दायर याचिकाओं को भी खारिज किया था।

अध्यक्ष ने अभी तक संजय कुमार को अयोग्य घोषित करने की याचिका पर फैसला नहीं सुनाया है।

उन्होंने आठ विधायकों की अयोग्यता संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली थी और आदेश सुरक्षित रख लिया था।

दो अन्य विधायकों, दानम नागेंद्र और कडियाम श्रीहरि, की अयोग्यता पर सुनवाई नोटिस का जवाब देने के बाद होने की उम्मीद है।

बीआरएस ने उन 10 विधायकों के खिलाफ याचिकाएं दायर की थीं, जो 2023 के चुनावों में उसके टिकट पर चुने गए थे, लेकिन 2024 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

बीआरएस ने आरोप लगाया कि ये विधायक खुलेआम कांग्रेस में शामिल हुए और यहां तक कि विधानसभा में सत्ता पक्ष की बेंचों पर भी बैठे, जबकि विधायकों ने इस आरोप से इनकार किया।

उन्होंने कहा कि वे केवल मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए धन मांगने के लिए मिले थे।

Point of View

यह आवश्यक है कि राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए उचित निर्णय लिए जाएं।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या बीआरएस विधायकों की अयोग्यता याचिकाएं खारिज की गई हैं?
हां, तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष ने दो बीआरएस विधायकों की अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
क्या विधायकों पर कांग्रेस में शामिल होने का आरोप है?
जी हां, विधायकों पर आरोप है कि वे कांग्रेस में शामिल हो गए हैं, लेकिन अध्यक्ष ने इसे खारिज कर दिया।
क्या दलबदल विरोधी कानून इन विधायकों पर लागू होता है?
अध्यक्ष का कहना है कि दलबदल विरोधी कानून इन विधायकों पर लागू नहीं होता।
क्या अन्य विधायकों की अयोग्यता पर भी सुनवाई हुई है?
जी हां, अध्यक्ष ने अन्य विधायकों की अयोग्यता संबंधी याचिकाओं पर भी सुनवाई की है।
क्या बीआरएस ने अन्य विधायकों के खिलाफ भी याचिकाएं दायर की हैं?
हां, बीआरएस ने उन विधायकों के खिलाफ याचिकाएं दायर की थीं जो कांग्रेस में शामिल हुए थे।
Nation Press