सीबीएसई ने 12वीं गणित परीक्षा के प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता को किया स्पष्ट
सारांश
Key Takeaways
- सीबीएसई ने प्रश्नपत्रों की प्रामाणिकता को स्पष्ट किया है।
- क्यूआर कोड का उपयोग सुरक्षा के लिए किया जाता है।
- बोर्ड ने कहा है कि कोई सुरक्षा समस्या नहीं है।
- छात्रों और अभिभावकों को अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
- भविष्य में सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाएगी।
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सीबीएसई के कक्षा 12 के गणित प्रश्नपत्र को लेकर सोशल मीडिया पर कई सवाल उठ रहे हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, जिसे हम सीबीएसई के नाम से जानते हैं, ने मंगलवार को इन सवालों का स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा के प्रश्नपत्र पूरी तरह से असली और सुरक्षित हैं।
बोर्ड ने बताया कि परीक्षा पत्र के सुरक्षा प्रबंधों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आई है। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब प्रश्नपत्र पर मौजूद एक क्यूआर कोड को स्कैन करने पर वह एक यूट्यूब वीडियो से जुड़ने लगा। इसके परिणामस्वरूप प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता पर संदेह उठने लगा।
सीबीएसई ने मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए जाते हैं, जिनमें क्यूआर कोड भी शामिल हैं। इसका प्रयोग किसी संभावित सुरक्षा उल्लंघन की स्थिति में प्रश्नपत्र की सत्यता की पुष्टि के लिए किया जाता है।
गौरतलब है कि 9 मार्च को कक्षा 12 के छात्रों की गणित विषय की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कुछ छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा शुरू हुई कि प्रश्नपत्र पर दिया गया क्यूआर कोड यूट्यूब वीडियो से जुड़ रहा है। इस घटना ने छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता पर चिंता उत्पन्न कर दी।
हालांकि, बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रश्नपत्र पूरी तरह से सही और असली हैं। सीबीएसई ने अपने बयान में कहा कि परीक्षा में वितरित किए गए सभी प्रश्नपत्र असली हैं और सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया गया है। क्यूआर कोड से जुड़े इस मामले से जो संदेह उत्पन्न हुआ था, उसे दूर कर दिया गया है।
बोर्ड ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बनेगी। सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है।
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों को किसी भी अफवाह पर विश्वास नहीं करना चाहिए, क्योंकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित है। कुछ प्रश्नपत्रों के क्यूआर कोड स्कैन करने पर यूट्यूब वीडियो खुलने की बात सामने आई है। भविष्य में ऐसी समस्या से बचने के लिए बोर्ड कदम उठा रहा है। हालांकि, सीबीएसई ने फिर से स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्र असली हैं और सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगी है।