तेंगाखाट ऑयल टैंक फार्म अग्निकांड: OIL ने 4 कर्मियों को सस्पेंड किया, मृतकों की संख्या 3 हुई
सारांश
मुख्य बातें
ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने 8 नवंबर 2026 को असम के डिब्रूगढ़ जिले के तेंगाखाट स्थित अपने ऑयल टैंक फार्म में 6 नवंबर को हुए भीषण विस्फोट और आग की घटना के बाद तीन अधिकारियों और एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। कंपनी के प्रवक्ता प्रंकुश मल्ला बुजरबरुआ के अनुसार, निलंबित किए गए सभी चारों पर आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने का आरोप है। इस दुर्घटना में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
तीसरी मौत: रूपम गोहेन नहीं बचाए जा सके
घटना के तुरंत बाद तेंगाखाट निवासी रूपम गोहेन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चोटों की गंभीरता को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए उन्हें गुवाहाटी स्थानांतरित किया गया, परंतु तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन से इस अग्निकांड में कुल मृतकों की संख्या तीन हो गई है।
पहले भी दो लोगों ने गँवाई जान
इससे पूर्व इस विस्फोट और अग्निकांड में दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी। मृतकों में स्पेक्ट्रॉन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के इंजीनियर तपस ज्योति गोगोई का नाम शामिल है। एक अन्य व्यक्ति की भी इस घटना में जान गई थी। गौरतलब है कि यह घटना 6 नवंबर 2026 को हुई थी और तब से राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
OIL की ओर से मुआवजे का ऐलान
ऑयल इंडिया लिमिटेड ने इस दुर्घटना में जान गँवाने वाले प्रत्येक पीड़ित के परिजनों को ₹10 लाख और गंभीर रूप से घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को ₹5 लाख का मुआवजा देने की घोषणा की है। यह राशि कंपनी की ओर से तत्काल राहत के रूप में दी जाएगी।
केंद्रीय मंत्री सोनोवाल की अस्पताल में मुलाकात
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को डिब्रूगढ़ के आस्था अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की। उन्होंने OIL के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक से फोन पर भी संपर्क कर घटना की ताज़ा जानकारी ली।
सोनोवाल ने कंपनी से सभी घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और तत्काल आवश्यक कदम उठाने की अपील की। उन्होंने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा सुनिश्चित करने की माँग करते हुए विस्फोट और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जाँच कराने की बात कही।
क्या होगा आगे
OIL प्रबंधन ने संकेत दिया है कि घटना के सभी पहलुओं की विस्तृत जाँच की जाएगी। निलंबित किए गए चारों कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक क्षेत्र के तेल प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की पालना को लेकर सवाल उठते रहे हैं। घायलों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और उनके उपचार की ज़िम्मेदारी कंपनी ने ली है।