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राजकोट चिड़ियाघर में तीन एशियाई शेर शावकों का जन्म, कुल संख्या 20 हुई

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राजकोट चिड़ियाघर में तीन एशियाई शेर शावकों का जन्म, कुल संख्या 20 हुई

सारांश

राजकोट चिड़ियाघर में एक महीने में दूसरी बार सफल प्रजनन — 'धनंजय' और 'धरती' के तीन शावकों के जन्म से एशियाई शेरों की संख्या 20 हुई। अब तक 58 शावकों का जन्म इस चिड़ियाघर को देश के अग्रणी एशियाई शेर प्रजनन केंद्रों में स्थापित करता है।

मुख्य बातें

22 जुलाई 2026 की रात राजकोट चिड़ियाघर में एशियाई शेर 'धनंजय' और शेरनी 'धरती' के यहाँ तीन स्वस्थ शावकों का जन्म हुआ।
इन नए जन्मों से चिड़ियाघर में एशियाई शेरों की कुल संख्या 20 हो गई है — 4 वयस्क नर, 8 वयस्क मादा, 2 युवा नर और 6 शावक ।
इससे पहले 11 जून को मादा शेर 'धारा' ने भी तीन शावकों को जन्म दिया था — एक महीने में दो सफल प्रजनन।
राजकोट चिड़ियाघर के प्रजनन कार्यक्रम की शुरुआत से अब तक 58 एशियाई शेर शावकों का जन्म हो चुका है।
चिड़ियाघर में अभी 70 प्रजातियों के 614 जानवर और पक्षी हैं; प्रतिवर्ष लगभग 7 लाख पर्यटक यहाँ आते हैं।

राजकोट चिड़ियाघर में 22 जुलाई 2026 की रात एशियाई शेर 'धनंजय' और शेरनी 'धरती' के यहाँ तीन स्वस्थ शावकों का जन्म हुआ, जिससे चिड़ियाघर में एशियाई शेरों की कुल संख्या 20 हो गई है। अधिकारियों ने 28 जुलाई को यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि माँ और तीनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं।

प्रजनन का विवरण

107 दिनों के गर्भकाल के बाद जन्मे ये तीनों शावक चिड़ियाघर के हालिया सफल प्रजनन अभियान की कड़ी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब इससे महज एक महीने पहले, 11 जून को, मादा शेर 'धारा' ने भी तीन शावकों को जन्म दिया था। दोनों ही मामलों में माँ और शावक स्वस्थ बताए जा रहे हैं।

निगरानी और देखभाल

चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक और कर्मचारी सीसीटीवी के माध्यम से मादा शेर और उसके शावकों पर चौबीसों घंटे नज़र रख रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, राजकोट नगर निगम द्वारा संचालित इस चिड़ियाघर को सेंट्रल ज़ू अथॉरिटी ऑफ इंडिया की देखरेख में आधुनिक तरीके से विकसित किया गया है।

चिड़ियाघर की वर्तमान स्थिति

नए जन्मों के बाद अब चिड़ियाघर में कुल 20 एशियाई शेर हैं — जिनमें 4 वयस्क नर, 8 वयस्क मादा, 2 युवा नर और 6 शावक शामिल हैं। गौरतलब है कि जब से राजकोट चिड़ियाघर ने अपना प्रजनन कार्यक्रम शुरू किया है, तब से यहाँ 58 एशियाई शेर शावकों का जन्म हो चुका है। चिड़ियाघर में इस समय 70 प्रजातियों के 614 जानवर और पक्षी मौजूद हैं।

वाइल्डलाइफ एक्सचेंज प्रोग्राम की भूमिका

वाइल्डलाइफ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत राजकोट चिड़ियाघर ने देश के कई संस्थानों को शेर दिए हैं, जिनमें मैसूर, हैदराबाद, छटबीर (पंजाब), लखनऊ, भिलाई (छत्तीसगढ़), कांकरिया (अहमदाबाद) और सक्करबाग (जूनागढ़) के चिड़ियाघर शामिल हैं। इसी कार्यक्रम के ज़रिए चिड़ियाघर ने अपने संग्रह को समृद्ध करने के लिए भारत भर के चिड़ियाघरों से विभिन्न प्रजातियाँ भी प्राप्त की हैं।

पर्यटन और भविष्य की संभावनाएँ

अधिकारियों के अनुसार, राजकोट चिड़ियाघर का प्राकृतिक वन जैसा वातावरण एशियाई शेरों और सफेद बाघों के प्रजनन के लिए अनुकूल सिद्ध हुआ है। यह चिड़ियाघर सौराष्ट्र क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है और प्रतिवर्ष लगभग 7 लाख पर्यटक यहाँ आते हैं। इन नए शावकों के जन्म से आने वाले महीनों में पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे अक्सर गिर के जंगल की चर्चा में नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। वाइल्डलाइफ एक्सचेंज प्रोग्राम के ज़रिए देश के सात से अधिक चिड़ियाघरों को शेर देना दर्शाता है कि राजकोट एक 'donor institution' के रूप में उभरा है। असली सवाल यह है कि क्या इन चिड़ियाघरों में पैदा हो रही पीढ़ियाँ भविष्य में जंगली पुनर्वास के लिए भी तैयार की जा रही हैं — या केवल कैद में संख्या बढ़ाना ही लक्ष्य है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट चिड़ियाघर में हाल ही में जन्मे एशियाई शेर शावक कौन हैं?
22 जुलाई 2026 की रात एशियाई शेर 'धनंजय' और शेरनी 'धरती' के यहाँ 107 दिनों के गर्भकाल के बाद तीन स्वस्थ शावकों का जन्म हुआ। माँ और तीनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और सीसीटीवी के ज़रिए उनकी चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
राजकोट चिड़ियाघर में अब कितने एशियाई शेर हैं?
नए शावकों के जन्म के बाद राजकोट चिड़ियाघर में एशियाई शेरों की कुल संख्या 20 हो गई है — 4 वयस्क नर, 8 वयस्क मादा, 2 युवा नर और 6 शावक। चिड़ियाघर के प्रजनन कार्यक्रम की शुरुआत से अब तक कुल 58 शावकों का जन्म हो चुका है।
राजकोट चिड़ियाघर का एशियाई शेर प्रजनन कार्यक्रम इतना सफल क्यों है?
अधिकारियों के अनुसार, चिड़ियाघर का प्राकृतिक वन जैसा वातावरण एशियाई शेरों के प्रजनन के लिए अनुकूल साबित हुआ है। इसके अलावा सेंट्रल ज़ू अथॉरिटी ऑफ इंडिया की देखरेख में आधुनिक सुविधाओं का विकास और प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों की टीम भी इसमें सहायक रही है।
वाइल्डलाइफ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत राजकोट ने किन चिड़ियाघरों को शेर दिए हैं?
राजकोट चिड़ियाघर ने मैसूर, हैदराबाद, छटबीर (पंजाब), लखनऊ, भिलाई (छत्तीसगढ़), कांकरिया (अहमदाबाद) और सक्करबाग (जूनागढ़) के चिड़ियाघरों को शेर प्रदान किए हैं। इसी कार्यक्रम के अंतर्गत चिड़ियाघर ने अन्य प्रजातियाँ भी देश के विभिन्न संस्थानों से प्राप्त की हैं।
राजकोट चिड़ियाघर में कुल कितने जानवर हैं और यह कितना बड़ा पर्यटन केंद्र है?
वर्तमान में राजकोट चिड़ियाघर में 70 प्रजातियों के 614 जानवर और पक्षी हैं। यह सौराष्ट्र क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है और प्रतिवर्ष लगभग 7 लाख पर्यटक यहाँ आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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