टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: बबीता-राधा ने बांद्रा बैंडस्टैंड में की थी रेकी, क्राइम ब्रांच की जांच तेज
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच ने 27 अक्टूबर 2026 को बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी मामले में गिरफ्तार दो महिलाओं — बबीता और राधा — की भूमिका की जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसी को कथित तौर पर आशंका है कि इन दोनों महिलाओं ने बांद्रा बैंडस्टैंड इलाके में पूर्व-नियोजित रेकी की थी — वही इलाका जहाँ अभिनेता सलमान खान समेत फिल्म जगत की कई नामचीन हस्तियाँ निवास करती हैं।
मोबाइल डेटा से खुले राज़
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि ये दोनों महिलाएं मुंबई पहुँचने के बाद बांद्रा बैंडस्टैंड इलाके में गई थीं। जांच दल यह निर्धारित करने की कोशिश कर रहा है कि उनके वहाँ जाने का उद्देश्य क्या था और क्या उन्होंने वहाँ रहने वाली फिल्मी हस्तियों के आवासों की रेकी की थी। अधिकारी के अनुसार, दोनों के मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से उनकी गतिविधियों का खुलासा हुआ है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, मोबाइल फोन से बरामद साक्ष्य इस ओर भी इशारा करते हैं कि इन महिलाओं को मुंबई आने के अपने उद्देश्य की पूर्व जानकारी थी — यानी यह यात्रा सुनियोजित थी।
फरार मुख्य आरोपी अनिल पंडित का कनेक्शन
क्राइम ब्रांच इस मामले में अभी भी फरार मुख्य आरोपी अनिल पंडित के साथ गिरफ्तार महिलाओं के कथित संबंधों की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों को मुंबई में किसी स्थानीय व्यक्ति की मदद मिली थी या नहीं।
जांच एजेंसी को संदेह है कि किसी स्थानीय सहयोगी ने गिरोह के सदस्यों को उनकी साजिश को अंजाम देने में सहायता की होगी। उस कथित सहयोगी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है।
अब तक 11 गिरफ्तार, नेटवर्क की पड़ताल जारी
इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांचकर्ताओं के अनुसार, इनमें से 8 आरोपी सीधे तौर पर फरार मुख्य आरोपी अनिल पंडित के संपर्क में थे। जांच दल अब यह उजागर करने की कोशिश कर रहा है कि प्रत्येक आरोपी की इस षड्यंत्र में क्या विशिष्ट भूमिका थी और यह पूरा आपराधिक नेटवर्क किस तरह संचालित होता था।
बांद्रा बैंडस्टैंड की संवेदनशीलता
गौरतलब है कि बांद्रा बैंडस्टैंड मुंबई का वह इलाका है जहाँ बॉलीवुड के कई शीर्ष सितारों के आवास हैं। यह इलाका पहले भी सुरक्षा कारणों से सुर्खियों में रहा है। यदि रेकी की आशंका सही साबित होती है, तो यह फिल्म जगत की सुरक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा फरार आरोपी अनिल पंडित की गिरफ्तारी और संभावित स्थानीय सहयोगी की पहचान पर केंद्रित रहेगी।