तिलपता आरओबी वाहनों के लिए खुला: ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा में 23 जून 2026 से लंबे समय से प्रतीक्षित तिलपता रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है, जिससे ग्रेटर नोएडा, ग्रेनो वेस्ट, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के बीच प्रतिदिन आवागमन करने वाले लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) द्वारा निर्मित यह 1,600 मीटर लंबा और चार लेन वाला ओवरब्रिज 130 मीटर रोड पर यातायात की पुरानी समस्या को काफी हद तक सुलझाने की उम्मीद जगाता है।
परियोजना का विवरण
यह आरओबी तिलपता गोलचक्कर से मकौड़ा गोलचक्कर के बीच पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्टे के निकट निर्मित किया गया है। ओवरब्रिज के नीचे से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की रेलवे लाइन गुजरती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण लंबे समय से इस परियोजना को शीघ्र पूरा कराने के लिए प्रयासरत था और प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार ने इसे समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए लगातार निगरानी रखी तथा डीएफसीसीआईएल पर आवश्यक दबाव बनाया।
पुरानी समस्या और नई राहत
इससे पहले 130 मीटर रोड पर भारी वाहनों और दैनिक यात्रियों के अत्यधिक दबाव के कारण अंडरपास क्षेत्र में अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी। बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती थी, जिससे लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता था। नए आरओबी के खुलने से अब इस परेशानी से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है। यह ओवरब्रिज ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के साथ-साथ आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुँच को भी सुगम बनाएगा।
यूटर्न और सड़क चौड़ीकरण की योजना
यातायात को और सुचारु बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने तिलपता गोलचक्कर के दोनों ओर 130 मीटर रोड पर नए यूटर्न बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर इस परियोजना का टेंडर जारी किया जा चुका है और वर्क सर्किल-7 को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अगले एक माह में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण शुरू होने की तैयारी है, जबकि कार्य को पूरा होने में लगभग तीन से चार माह का समय लगने का अनुमान है।
अधिकारियों के निर्देश
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सुमित यादव ने संबंधित अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। 130 मीटर रोड के चौड़ीकरण का कार्य भी तेजी से जारी है। प्राधिकरण का मानना है कि यूटर्न निर्माण पूर्ण होने के बाद तिलपता चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव उल्लेखनीय रूप से कम होगा और इस मार्ग पर जाम की समस्या भविष्य में लगभग समाप्त हो सकेगी।