कूच बिहार में TMC ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुल कादर गिरफ्तार, हिंसा और छेड़छाड़ के आरोप

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कूच बिहार में TMC ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुल कादर गिरफ्तार, हिंसा और छेड़छाड़ के आरोप

सारांश

पश्चिम बंगाल में BJP सरकार बनने के बाद TMC नेताओं पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। कूच बिहार में कुछ दिनों के भीतर दूसरे TMC ब्लॉक अध्यक्ष की गिरफ्तारी यह संकेत देती है कि राज्य में राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं — और चुनावी मौसम में यह तनाव और गहरा सकता है।

मुख्य बातें

TMC के कूच बिहार I-बी ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुल कादर को 19 मई 2026 को हिंसा, तोड़फोड़ और छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी गुरियाहाटी-II ग्राम पंचायत क्षेत्र से हुई; उन्हें उसी दिन अदालत में पेश किया गया।
यह कूच बिहार में कुछ ही दिनों में TMC ब्लॉक अध्यक्ष की दूसरी हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी है।
इससे पहले शुभंकर डे को 5 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
मई 2026 में बारानगर, बहरामपुर, श्रीरामपुर और डायमंड हार्बर में भी TMC पार्षदों की गिरफ्तारियाँ हुई हैं।

उत्तरी बंगाल के कूच बिहार जिले में पुलिस ने 19 मई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कूच बिहार I-बी ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुल कादर को हिंसा, तोड़फोड़, लूटपाट और छेड़छाड़ के आरोपों में गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उन्हें सोमवार को गुरियाहाटी-II ग्राम पंचायत क्षेत्र से हिरासत में लिया गया और उसी दिन दोपहर अदालत में पेश किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब्दुल कादर पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले तोड़फोड़, लूटपाट और छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में पुलिस ने यह कार्रवाई की। यह कूच बिहार क्षेत्र में कुछ ही दिनों के भीतर किसी TMC ब्लॉक अध्यक्ष की दूसरी हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी है।

पहली गिरफ्तारी का संदर्भ

इससे पहले, कूच बिहार ब्लॉक II के तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर डे को 5 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हुए हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष अगस्त में कूच बिहार में अधिकारी के काफिले पर उस समय हमला हुआ था जब वे एक विरोध रैली का नेतृत्व करने गए थे।

राज्यव्यापी TMC नेताओं पर कार्रवाई

राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद से तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर आपराधिक मामलों में कार्रवाई का सिलसिला तेज हुआ है। हाल के हफ्तों में कई TMC नेताओं की गिरफ्तारियाँ हुई हैं:

उत्तरी 24 परगना जिले की बारानगर नगर पालिका के TMC पार्षद शांतनु मजूमदार उर्फ 'मेजो' (वार्ड नंबर 14) को रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। 9 मई को मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर में TMC पार्षद भीष्मदेव कर्मकार को कांग्रेस नेता अधीर चौधरी के विधानसभा चुनाव प्रचार में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

6 मई को हुगली के श्रीरामपुर में एक पुलिस अधिकारी को मुक्का मारकर नाक तोड़ने के आरोप में TMC पार्षद राजेश शाह उर्फ कुकुआ को गिरफ्तार किया गया, हालांकि उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। 5 मई को दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर स्थित पुजाली नगर पालिका के वार्ड 14 के TMC पार्षद अमीरुल शेख इस्लाम को आर्म्स एक्ट के तहत पुनः गिरफ्तार किया गया।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और विवाद

कूच बिहार में TMC के दो ब्लॉक अध्यक्षों की गिरफ्तारी ने राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छेड़ दी है। TMC नेताओं का एक वर्ग इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि पुलिस कानूनी शिकायतों के आधार पर कार्रवाई कर रही है।

आगे क्या होगा

अदालत में पेश होने के बाद अब्दुल कादर की जमानत याचिका पर सुनवाई अपेक्षित है। राज्य में विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में TMC नेताओं के खिलाफ चल रही यह कार्रवाई आगामी हफ्तों में और राजनीतिक तनाव पैदा कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सत्ता-परिवर्तन के बाद राज्य की पुलिस मशीनरी के नए राजनीतिक संरेखण का संकेत है। यह पैटर्न पश्चिम बंगाल के इतिहास में नया नहीं — हर सरकार बदलने के बाद विपक्षी नेताओं पर मामले दर्ज होते रहे हैं। असली सवाल यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ शिकायत-आधारित निष्पक्ष कार्रवाई हैं, या चुनावी मौसम में विरोधियों को कमज़ोर करने की रणनीति — इसका उत्तर अदालतों में साक्ष्य से मिलेगा, सुर्खियों से नहीं।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अब्दुल कादर को क्यों गिरफ्तार किया गया?
पुलिस के अनुसार, अब्दुल कादर पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले तोड़फोड़, लूटपाट और छेड़छाड़ के आरोप हैं। एक शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में उन्हें गुरियाहाटी-II ग्राम पंचायत क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
कूच बिहार में पहले किस TMC नेता को गिरफ्तार किया गया था?
कूच बिहार ब्लॉक II के TMC अध्यक्ष शुभंकर डे को 5 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हुए हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। यह हमला तब हुआ था जब अधिकारी कूच बिहार में एक विरोध रैली का नेतृत्व करने गए थे।
पश्चिम बंगाल में TMC नेताओं पर कार्रवाई क्यों बढ़ी है?
राज्य में BJP की सरकार बनने के बाद से पुलिस TMC नेताओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक शिकायतों पर सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है। TMC का आरोप है कि यह राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।
मई 2026 में और कौन-से TMC नेता गिरफ्तार हुए?
मई 2026 में बारानगर के पार्षद शांतनु मजूमदार (रंगदारी), बहरामपुर के पार्षद भीष्मदेव कर्मकार (चुनाव प्रचार में बाधा), श्रीरामपुर के राजेश शाह उर्फ कुकुआ (पुलिस अधिकारी पर हमला) और डायमंड हार्बर के अमीरुल शेख इस्लाम (आर्म्स एक्ट) को गिरफ्तार किया गया।
अब्दुल कादर के मामले में आगे क्या होगा?
अदालत में पेश होने के बाद उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई अपेक्षित है। मामले की जाँच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
राष्ट्र प्रेस
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