टीएमसी के गुंडों को 29 अप्रैल तक आत्मसमर्पण करना चाहिए: शाहनवाज हुसैन
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नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने पीएम मोदी के चुनावी जनसभा में दिए गए बयान का समर्थन करते हुए कहा कि टीएमसी के गुंडों को जो बंगाल में जंगलराज चला रहे हैं, उन्हें 29 अप्रैल तक आत्मसमर्पण कर देना चाहिए, वरना उन्हें कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा।
नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में शाहनवाज ने प्रधानमंत्री मोदी की झालमुड़ी खाने वाली तस्वीर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक साधारण नागरिक की तरह मात्र दस रुपए की झालमुड़ी खरीदी। वह एक गरीब के बेटे हैं और प्रधानमंत्री बनने के बाद भी अपनी जड़ों को नहीं भूले। ममता दीदी को लगता है कि यह झालमुड़ी उन्हें तीखा लग रहा है, इसलिए वे आरोप लगा रही हैं कि झारखंड के मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर नहीं उतरने दिया गया।
हुसैन ने कहा कि पीएम मोदी आम जनता से मिलकर उनका समर्थन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे ममता बनर्जी को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि जो गुंडे-बाहुबली बंगाल में जंगलराज फैला रहे हैं, उन्हें 29 अप्रैल तक आत्मसमर्पण करना चाहिए, अन्यथा उन्हें कड़ा जवाब दिया जाएगा। बंगाल में भाजपा की सरकार बनने की संभावना है।
महिला आरक्षण पर प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के बयानों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले दक्षिणी राज्यों को भड़काने की कोशिश की थी। अब टीएमसी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता कह रहे हैं कि 543 सीटों के अंदर ही आरक्षण दिया जाए। लेकिन कई लोकसभा क्षेत्रों की जनसंख्या 50-50 लाख तक पहुंच गई है, इसलिए परिसीमन की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ विपक्ष संविधान की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ महिला आरक्षण को रोककर संविधान का अपमान कर रहा है। देश की महिलाएं इंडिया गठबंधन के नेताओं को कभी माफ नहीं करेंगी।
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि ममता बनर्जी चिंतित हैं। वे खुद ‘टाटा-बाय-बाय’ कहने लगी हैं, और उनका विदाई भाषण वायरल हो रहा है। दीदी की सरकार जाने वाली है, यह उन्होंने खुद माना है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर भाजपा नेता ने कहा कि खड़गे एकजुट होकर विपक्ष को चुनाव लड़ने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन बंगाल में टीएमसी और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं। तमिलनाडु और केरल में भी वे अलग-अलग लड़ रहे हैं।