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टीएमसी कार्यालय से ₹1.02 करोड़ बरामद; अभिषेक बनर्जी का आरोप — पुलिस ने रखवाए पैसे

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टीएमसी कार्यालय से ₹1.02 करोड़ बरामद; अभिषेक बनर्जी का आरोप — पुलिस ने रखवाए पैसे

सारांश

पश्चिम बंगाल के सरिशा में TMC कार्यालय से ₹1.02 करोड़ की बरामदगी और अभिषेक बनर्जी का पलटवार — यह मामला सिर्फ नगदी का नहीं, बल्कि राज्य पुलिस और सत्तारूढ़ दल के बीच बढ़ते टकराव का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

डायमंड हार्बर पुलिस ने दक्षिण 24 परगना के सरिशा स्थित TMC कार्यालय से ₹1 करोड़ 2 लाख 79 हजार नगदी बरामद की।
पुलिस के अनुसार, बनर्जी के सहयोगी सुमित रॉय की पूछताछ से इस नगदी का सुराग मिला; रॉय फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने 5 नवंबर 2026 को एक्स पर आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर 'फर्जी सबूत' रखे।
बनर्जी ने दावा किया कि यह वही कार्यालय है जिसमें करीब छह महीने पहले भाजपा समर्थित लोगों ने तोड़फोड़ की थी।
पुलिस ने नगदी का संबंध कालीतला-अशुती थाने में दर्ज मिट्टी चोरी के बड़े मामले से बताया है।
नगदी के स्रोत की जाँच अभी जारी है; पुलिस ने कार्यालय संचालन की जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं की।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर के लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने बुधवार देर रात आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सरिशा स्थित TMC पार्टी कार्यालय से बरामद ₹1 करोड़ 2 लाख 79 हजार की नगदी वास्तव में पुलिस प्रशासन ने जानबूझकर वहाँ रखवाई थी। डायमंड हार्बर पुलिस ने दावा किया है कि यह रकम बनर्जी के सहयोगी सुमित रॉय से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर बरामद की गई।

मुख्य घटनाक्रम

डायमंड हार्बर पुलिस के अनुसार, सुमित रॉय — जो फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं — की पूछताछ में सरिशा पार्टी कार्यालय में भारी नगदी रखे होने का खुलासा हुआ। पुलिस ने सोमवार को इस कार्यालय की तलाशी ली और ₹1.02 करोड़ से अधिक की राशि बरामद की। पुलिस ने पुष्टि की कि यह कार्यालय TMC का है, हालाँकि इसके संचालन की जिम्मेदारी किसके पास थी, यह अभी स्पष्ट नहीं किया गया।

प्रारंभिक जाँच में पुलिस ने इस नगदी का संभावित संबंध कालीतला-अशुती पुलिस स्टेशन में दर्ज मिट्टी चोरी के करोड़ों रुपये के मामले से बताया है। पैसे का स्रोत अभी जाँच का विषय है।

अभिषेक बनर्जी की प्रतिक्रिया

अभिषेक बनर्जी ने 5 नवंबर 2026 की देर रात एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इसे 'फर्जी और मनगढ़ंत सबूत' करार दिया। उन्होंने लिखा, 'छह महीने पहले भाजपा के गुंडों द्वारा तोड़ी गई जगह (पुलिस जाँच के तहत अपराध स्थल) पर जानबूझकर फर्जी और मनगढ़ंत सबूत रखना, न्याय को बाधित करने, जाँच में हेरफेर करने और कानूनी तंत्र का दुरुपयोग करने की एक बेशर्म कोशिश है।'

बनर्जी ने दावा किया कि यह वही कार्यालय है जिसमें करीब छह महीने पहले कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थित लोगों ने तोड़फोड़ की थी। उन्होंने इसे एक 'खतरनाक साजिश' बताते हुए नगदी रखवाने के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी चेतावनी दी।

पुलिस प्रशासन को चेतावनी

बनर्जी ने अपनी पोस्ट में पुलिस अधिकारियों को भी सीधे संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'कानून इसमें शामिल हर व्यक्ति तक पहुँचेगा, चाहे उसका ओहदा, पद या राजनीतिक जुड़ाव कुछ भी हो। कानून की पूरी सख्ती का सामना करने के लिए तैयार रहें। इसमें कोई समझौता नहीं होगा, कोई पीछे हटने की गुंजाइश नहीं होगी और कानूनी जवाबदेही से कोई बच नहीं पाएगा।'

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारी राजनीतिक संरक्षण या आधिकारिक पद को कानूनी कार्रवाई से बचने का माध्यम न समझें।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक टकराव अपने चरम पर है। सुमित रॉय का मामला मिट्टी चोरी के एक बड़े घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें करोड़ों रुपये की संलिप्तता के आरोप हैं। यह Nवीं ऐसी घटना है जब TMC नेताओं ने पुलिस जाँच को राजनीति से प्रेरित बताया है।

अभी यह अनुत्तरित है कि इतनी बड़ी नगदी कार्यालय में क्यों और कैसे पहुँची। पुलिस स्रोत की जाँच जारी रखे हुए है, जबकि TMC नेतृत्व ने पूरे मामले को 'राजनीतिक प्रतिशोध' का हिस्सा बताया है।

आगे क्या होगा

पुलिस के अनुसार मिट्टी चोरी मामले की जाँच और नगदी के स्रोत की पड़ताल समानांतर रूप से जारी रहेगी। अभिषेक बनर्जी ने संकेत दिया है कि वे इस मामले में कानूनी रास्ता अपनाएँगे। राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर यह मामला आने वाले दिनों में और गर्माने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अभी नदारद है। गौरतलब है कि नगदी का स्रोत, कार्यालय की जिम्मेदारी और मिट्टी चोरी से संबंध — तीनों अनुत्तरित हैं। बिना न्यायिक निगरानी के यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच दफन हो सकता है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरिशा TMC कार्यालय से कितनी नगदी बरामद हुई और कब?
डायमंड हार्बर पुलिस ने दक्षिण 24 परगना के सरिशा स्थित TMC कार्यालय से ₹1 करोड़ 2 लाख 79 हजार नगदी बरामद की। सोमवार को पुलिस ने इस कार्यालय की तलाशी ली और बुधवार देर रात अभिषेक बनर्जी ने इस पर पलटवार किया।
अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर क्या आरोप लगाया?
अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर उस पार्टी कार्यालय में 'फर्जी और मनगढ़ंत सबूत' रखे, जिसमें छह महीने पहले कथित तौर पर भाजपा समर्थित लोगों ने तोड़फोड़ की थी। उन्होंने इसे न्याय बाधित करने की 'बेशर्म कोशिश' बताया।
सुमित रॉय कौन हैं और उनकी भूमिका क्या है?
सुमित रॉय अभिषेक बनर्जी के सहयोगी बताए जाते हैं और फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। डायमंड हार्बर पुलिस के अनुसार, उनकी पूछताछ के दौरान ही सरिशा कार्यालय में नगदी होने की जानकारी मिली।
इस नगदी का किस मामले से संबंध बताया जा रहा है?
पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार इस नगदी का संभावित संबंध कालीतला-अशुती पुलिस स्टेशन में दर्ज मिट्टी चोरी के करोड़ों रुपये के मामले से है। हालाँकि नगदी का सटीक स्रोत अभी जाँच का विषय बना हुआ है।
क्या पुलिस ने TMC कार्यालय की जिम्मेदारी स्पष्ट की है?
डायमंड हार्बर पुलिस ने पुष्टि की है कि यह कार्यालय TMC का है, लेकिन पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इसके संचालन की जिम्मेदारी किस व्यक्ति या पदाधिकारी के पास थी।
राष्ट्र प्रेस
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