दक्षिण 24 परगना में TMC कार्यालय से ₹1.02 करोड़ नकद बरामद, अभिषेक बनर्जी के सहायक से जुड़ा तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर क्षेत्र में पुलिस ने 4 नवंबर 2026 को सरिशा स्थित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक पार्टी कार्यालय से ₹1,02,79,000 नकद बरामद किए। यह बरामदगी सुमित रॉय से पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर की गई, जो TMC के राष्ट्रीय महासचिव एवं डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यकारी सहायक बताए जाते हैं।
बरामदगी का घटनाक्रम
डायमंड हार्बर पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जोनल) अभिषेक मजूमदार ने बताया कि सुमित रॉय की हिरासत में हुई पूछताछ के दौरान कुछ अहम सुराग हाथ लगे। इन्हीं सुरागों के आधार पर सरिशा स्थित TMC पार्टी कार्यालय में तलाशी ली गई, जहाँ से यह बड़ी नकदी मिली।
मजूमदार ने कहा, 'हिरासत में लेने के बाद सुमित रॉय से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले। इन्हीं सुरागों के आधार पर सरिशा स्थित एक पार्टी कार्यालय में तलाशी ली गई, जहाँ से ₹1,02,79,000 नकद बरामद किए गए।'
सुमित रॉय कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं
पुलिस के अनुसार, सुमित रॉय को इसी वर्ष पश्चिम मिदनापुर जिले के सालबोनी में कथित अवैध भूमि अधिग्रहण के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद डायमंड हार्बर में जमीन चोरी के एक अन्य मामले में भी उन पर आरोप लगे, जिसके सिलसिले में पिछले सप्ताह उन्हें दोबारा हिरासत में लिया गया था।
फिलहाल वे डायमंड हार्बर पुलिस जिले के कालीतला-आशुति थाने में दर्ज एक मामले में पुलिस हिरासत में हैं। गौरतलब है कि यह अब उनके खिलाफ दर्ज दूसरा बड़ा मामला है।
नकदी का स्रोत और जाँच की दिशा
पुलिस ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि संबंधित पार्टी कार्यालय का संचालन कौन कर रहा था। पुलिस ने पुष्टि की कि यह कार्यालय तृणमूल कांग्रेस का था, लेकिन इसके वास्तविक प्रबंधन की जाँच जारी है।
प्रारंभिक जाँच में पुलिस को आशंका है कि यह राशि कालीतला-आशुति थाने में दर्ज मिट्टी चोरी (सॉइल थेफ्ट) के मामले से संबंधित हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार, जाँचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि इतनी बड़ी नकदी पार्टी कार्यालय में क्यों रखी गई और यह धनराशि कहाँ से आई।
राजनीतिक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर विभिन्न भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विपक्ष पहले से सक्रिय है। अभिषेक बनर्जी, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक हैं, उनके सहायक का इस मामले में नाम जुड़ने से यह विवाद राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है।
आलोचकों का कहना है कि पार्टी कार्यालय में इस पैमाने की नकदी मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है। TMC की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने पुष्टि की है कि मामले की जाँच जारी है और नकदी के स्रोत तथा पार्टी कार्यालय के प्रबंधन से जुड़े तथ्यों को उजागर करने के प्रयास जारी हैं। संभावना है कि आगे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। इस मामले का राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर असर देखने को मिल सकता है।