तमिलनाडु: उलेमा और धार्मिक कार्यकर्ताओं को ₹50,000 तक की सब्सिडी पर दोपहिया वाहन, 30 जून तक आवेदन
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने राज्य भर की मस्जिदों और इस्लामी संस्थानों में कार्यरत उलेमा एवं धार्मिक कार्यकर्ताओं से रियायती दोपहिया वाहन योजना के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिसके तहत नए वाहन की खरीद पर ₹50,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। चेन्नई जिला कलेक्टर रश्मी सिद्धार्थ जागड़े ने रविवार, 31 मई 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में इस योजना का विवरण साझा किया। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है।
योजना का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की यह पहल तमिलनाडु उलेमा और अन्य कार्मिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से लागू की जा रही है। योजना का मूल उद्देश्य उन धार्मिक कार्यकर्ताओं की परिवहन संबंधी कठिनाइयों को कम करना है जो नमाज पढ़ाने, धार्मिक कक्षाएँ संचालित करने, सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लेने और विभिन्न क्षेत्रों में आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए व्यापक यात्रा करते हैं। यह योजना तमिलनाडु सरकार के व्यापक अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रमों की कड़ी में एक और कदम है।
कौन हैं पात्र लाभार्थी
इस योजना का लाभ आलिम, पेश-इमाम, अरबी शिक्षक, मुअज़्ज़िन, मस्जिद कर्मचारी और अन्य पात्र धार्मिक पदाधिकारी उठा सकते हैं जो सक्रिय रूप से धार्मिक एवं सामुदायिक सेवाओं में संलग्न हैं। आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य है और उन्हें कल्याण बोर्ड द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा।
आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक आवेदकों को अपने संबंधित जिला पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय से निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा। भरे हुए फॉर्म सभी आवश्यक सहायक दस्तावेजों के साथ 30 जून 2026 से पहले जमा करने होंगे। कलेक्टर जागड़े ने पात्र उलेमाओं और धार्मिक कार्यकर्ताओं से इस अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया है।
योजना का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार पहले भी विभिन्न पेशेवर एवं सामाजिक समूहों के लिए सब्सिडी-आधारित वाहन योजनाएँ चलाती रही है। सरकार का मानना है कि निजी परिवहन की बेहतर सुविधा से धार्मिक कार्यकर्ता अपने गंतव्यों तक अधिक कुशलता से पहुँच सकेंगे और स्थानीय समुदायों की सेवा करने की उनकी क्षमता में वृद्धि होगी। यह कदम लक्षित सहायता कार्यक्रमों के ज़रिए समाज के विभिन्न वर्गों को सशक्त बनाने की राज्य सरकार की नीति के अनुरूप है।