कोलकाता के जादवपुर में तृणमूल कांग्रेस दफ्तर में तोड़फोड़, पुलिस ने शुरू की जांच
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि रविवार रात दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके में कथित तौर पर बदमाशों ने ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के एक पार्टी दफ्तर में तोड़फोड़ की। घटना विद्यासागर कॉलोनी नंबर 4 स्थित उस दफ्तर में हुई, जहाँ ऑफिस का दरवाज़ा तोड़ा गया और फर्नीचर समेत अन्य सामान को नुकसान पहुँचाया गया। अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
घटनाक्रम का विवरण
ममता गुट के तृणमूल कार्यकर्ताओं के अनुसार, जब वे घटना की सूचना मिलने पर दफ्तर पहुँचे, तो उन्होंने सोफा सेट पलटा हुआ, दीवार पर लगा पार्टी का झंडा फटा और बिखरा हुआ पाया। कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि पानी का जग टूटा हुआ था और एक अलमारी को खंगाला गया था।
इस घटना के संबंध में नेताजी नगर पुलिस स्टेशन को ईमेल के ज़रिए शिकायत दर्ज कराई गई है। एक स्थानीय तृणमूल कार्यकर्ता ने कहा, 'हमारे पार्टी ऑफिस में भाजपा समर्थित उपद्रवियों ने तोड़-फोड़ की।'
पहले की घटनाओं से संबंध
यह तोड़फोड़ उस घटना के एक दिन बाद हुई, जिसमें वार्ड 96 के पूर्व पार्षद और पूर्व तृणमूल विधायक देबब्रत मजूमदार के घर और पार्टी दफ्तर पर हमला किया गया था। शनिवार रात मोटरसाइकिल सवार उपद्रवियों के एक गिरोह ने कथित तौर पर कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कम से कम छह वार्डों में पार्टी दफ्तरों को निशाना बनाया और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कई कार्यालयों में भी तोड़फोड़ की।
गौरतलब है कि इन हमलों में शामिल लोगों की पहचान और उनकी राजनीतिक संबद्धता अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। ममता गुट द्वारा जारी वीडियो फ़ुटेज में भी किसी राजनीतिक पार्टी का झंडा स्पष्ट रूप से नहीं दिखा और न ही किसी खास व्यक्ति की पहचान हो सकी।
आरोप-प्रत्यारोप
ममता गुट के नेताओं ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संरक्षण में काम करने वाले उपद्रवियों ने इन हमलों की साजिश रची। हालाँकि, BJP ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि यह घटना तृणमूल के अंदरूनी गुटीय संघर्ष का नतीजा है। दोनों पक्ष हमलों की ज़िम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
कोलकाता पुलिस ने जादवपुर में जांच शुरू कर दी है और हमले में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फ़ुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या रविवार की यह तोड़फोड़ शनिवार की पूर्व घटनाओं से जुड़ी है। अब तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
जांच के नतीजे और सीसीटीवी फ़ुटेज की पड़ताल से आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।