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कोलकाता के जादवपुर में तृणमूल कांग्रेस दफ्तर में तोड़फोड़, पुलिस ने शुरू की जांच

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कोलकाता के जादवपुर में तृणमूल कांग्रेस दफ्तर में तोड़फोड़, पुलिस ने शुरू की जांच

सारांश

कोलकाता के जादवपुर में रविवार रात तृणमूल कांग्रेस दफ्तर में कथित तोड़फोड़ हुई — और यह घटना अकेली नहीं है। एक ही रात में कम से कम छह वार्डों में पार्टी दफ्तरों पर हमले हुए। आरोप-प्रत्यारोप के बीच पुलिस सीसीटीवी फ़ुटेज खंगाल रही है, लेकिन हमलावरों की पहचान अब तक नहीं हो पाई है।

मुख्य बातें

रविवार रात दक्षिण कोलकाता के जादवपुर स्थित ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर में कथित तोड़फोड़ की गई।
दफ्तर का दरवाज़ा तोड़ा गया, सोफा पलटा, पार्टी का झंडा फाड़ा और अलमारी खंगाली गई।
शनिवार रात भी मोटरसाइकिल सवार उपद्रवियों ने कम से कम 6 वार्डों में पार्टी दफ्तरों और पूर्व विधायक देबब्रत मजूमदार के घर पर हमला किया था।
ममता गुट ने BJP पर आरोप लगाया; BJP ने इसे तृणमूल का आंतरिक गुटीय झगड़ा बताया।
पुलिस ने नेताजी नगर थाने में शिकायत दर्ज की और सीसीटीवी फ़ुटेज की जांच शुरू की; अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं।

कोलकाता पुलिस ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि रविवार रात दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके में कथित तौर पर बदमाशों ने ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के एक पार्टी दफ्तर में तोड़फोड़ की। घटना विद्यासागर कॉलोनी नंबर 4 स्थित उस दफ्तर में हुई, जहाँ ऑफिस का दरवाज़ा तोड़ा गया और फर्नीचर समेत अन्य सामान को नुकसान पहुँचाया गया। अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

घटनाक्रम का विवरण

ममता गुट के तृणमूल कार्यकर्ताओं के अनुसार, जब वे घटना की सूचना मिलने पर दफ्तर पहुँचे, तो उन्होंने सोफा सेट पलटा हुआ, दीवार पर लगा पार्टी का झंडा फटा और बिखरा हुआ पाया। कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि पानी का जग टूटा हुआ था और एक अलमारी को खंगाला गया था।

इस घटना के संबंध में नेताजी नगर पुलिस स्टेशन को ईमेल के ज़रिए शिकायत दर्ज कराई गई है। एक स्थानीय तृणमूल कार्यकर्ता ने कहा, 'हमारे पार्टी ऑफिस में भाजपा समर्थित उपद्रवियों ने तोड़-फोड़ की।'

पहले की घटनाओं से संबंध

यह तोड़फोड़ उस घटना के एक दिन बाद हुई, जिसमें वार्ड 96 के पूर्व पार्षद और पूर्व तृणमूल विधायक देबब्रत मजूमदार के घर और पार्टी दफ्तर पर हमला किया गया था। शनिवार रात मोटरसाइकिल सवार उपद्रवियों के एक गिरोह ने कथित तौर पर कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कम से कम छह वार्डों में पार्टी दफ्तरों को निशाना बनाया और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कई कार्यालयों में भी तोड़फोड़ की।

गौरतलब है कि इन हमलों में शामिल लोगों की पहचान और उनकी राजनीतिक संबद्धता अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। ममता गुट द्वारा जारी वीडियो फ़ुटेज में भी किसी राजनीतिक पार्टी का झंडा स्पष्ट रूप से नहीं दिखा और न ही किसी खास व्यक्ति की पहचान हो सकी।

आरोप-प्रत्यारोप

ममता गुट के नेताओं ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संरक्षण में काम करने वाले उपद्रवियों ने इन हमलों की साजिश रची। हालाँकि, BJP ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि यह घटना तृणमूल के अंदरूनी गुटीय संघर्ष का नतीजा है। दोनों पक्ष हमलों की ज़िम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई

कोलकाता पुलिस ने जादवपुर में जांच शुरू कर दी है और हमले में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फ़ुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या रविवार की यह तोड़फोड़ शनिवार की पूर्व घटनाओं से जुड़ी है। अब तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

जांच के नतीजे और सीसीटीवी फ़ुटेज की पड़ताल से आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ एक ही रात में कई वार्डों के दफ्तरों पर हमले हुए — यह महज़ एक छिटपुट वारदात नहीं लगती। तथापि, वीडियो फ़ुटेज में किसी पार्टी का झंडा न दिखना और आरोपियों की पहचान न हो पाना यह सवाल उठाता है कि क्या ये वाकई बाहरी हमले हैं या अंदरूनी गुटबाज़ी। बंगाल में राजनीतिक हिंसा का इतिहास पुराना है और चुनावी मौसम के आसपास ऐसी घटनाएं अक्सर बढ़ जाती हैं — इसलिए पुलिस जांच की निष्पक्षता और समयबद्धता ही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता के जादवपुर में तृणमूल दफ्तर पर हमला कब और कैसे हुआ?
रविवार रात दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके की विद्यासागर कॉलोनी नंबर 4 स्थित ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर में कथित तौर पर बदमाशों ने घुसकर दरवाज़ा तोड़ा, सोफा पलटा और पार्टी का झंडा फाड़ा। कोलकाता पुलिस ने सोमवार को इसकी पुष्टि की।
क्या इस हमले में BJP का हाथ है?
ममता गुट के नेताओं ने BJP समर्थित उपद्रवियों पर आरोप लगाया है, लेकिन BJP ने इन आरोपों से इनकार करते हुए इसे तृणमूल का आंतरिक गुटीय विवाद बताया है। जारी वीडियो फ़ुटेज में किसी भी राजनीतिक पार्टी का झंडा स्पष्ट नहीं दिखा और हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
क्या इससे पहले भी जादवपुर में ऐसी घटनाएं हुई थीं?
हाँ, शनिवार रात मोटरसाइकिल सवार उपद्रवियों के एक गिरोह ने कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कम से कम छह वार्डों में पार्टी दफ्तरों पर हमला किया था और CPI(M) के कई दफ्तरों में भी तोड़फोड़ की थी। पूर्व तृणमूल विधायक देबब्रत मजूमदार के घर और दफ्तर पर भी उसी रात हमला हुआ था।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
कोलकाता पुलिस ने जादवपुर में जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फ़ुटेज खंगाली जा रही है। नेताजी नगर पुलिस स्टेशन को ईमेल के ज़रिए शिकायत भेजी गई है, लेकिन अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
देबब्रत मजूमदार कौन हैं?
देबब्रत मजूमदार वार्ड 96 से लंबे समय तक पार्षद और पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक रहे हैं। शनिवार रात उनके जादवपुर स्थित घर और पार्टी दफ्तर पर भी कथित तौर पर हमला किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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