त्रिपुरा स्टार्ट-अप इंडिया रैंकिंग में 'लीडर', 80 स्टार्ट-अप और 8 इनक्यूबेटर सक्रिय
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री प्रणजीत सिंहा रॉय ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को घोषणा की कि राज्य को केंद्र सरकार की 'स्टार्ट-अप इंडिया रैंकिंग' में 'लीडर' श्रेणी में मान्यता मिली है। अगरतला के प्रज्ञा भवन में आयोजित 'बिल्डिंग ए यूनिकॉर्न इन त्रिपुरा' वर्कशॉप के उद्घाटन के बाद मंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 80 सक्रिय स्टार्ट-अप और 8 इनक्यूबेटर कार्यरत हैं। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पूर्वोत्तर भारत के राज्य उद्यमिता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में तेज़ी से अपनी पहचान बना रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
स्टार्ट-अप इंडिया के आँकड़ों के अनुसार, हाल के वर्षों में त्रिपुरा में महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्ट-अप की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मंत्री सिंहा रॉय ने बताया कि राज्य ने 2019 में अपनी स्टार्ट-अप इकोसिस्टम योजना और स्टार्ट-अप स्कीम की शुरुआत की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य आईटी-आधारित कंपनियों को सहयोग देना, नवाचार कौशल को बढ़ावा देना और रोज़गार के नए अवसर सृजित करना है।
इसके अतिरिक्त, फरवरी 2026 में अगरतला में 'स्टेट इनोवेशन मिशन' का शुभारंभ किया गया। इस मिशन का लक्ष्य नवाचारी विचारों और प्रौद्योगिकी को एकजुट कर उन्हें व्यावसायिक रूप से सफल उद्यमों में परिवर्तित करना है।
वर्कशॉप का उद्देश्य
मंत्री ने स्पष्ट किया कि 'बिल्डिंग ए यूनिकॉर्न इन त्रिपुरा' वर्कशॉप का दायरा केवल स्टार्ट-अप परिदृश्य की समीक्षा तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक लक्ष्य युवाओं में उद्यमशीलता की भावना जागृत करना, नए स्टार्ट-अप को बड़े व्यावसायिक उद्यमों में रूपांतरित करने की सोच विकसित करना और त्रिपुरा को देश के स्टार्ट-अप परितंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा बनाना है।
सिंहा रॉय ने कहा कि स्टार्ट-अप को महज़ एक व्यावसायिक गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और रोज़गार सृजन में योगदान देने वाली एक महत्त्वपूर्ण शक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए।
सरकार की पहल और साझेदारी
छोटे स्टार्ट-अप को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से आईटी विभाग ने एक निजी बैंक सहित कई संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इन समझौतों से उभरते उद्यमियों के लिए वित्तीय और तकनीकी सहयोग सुलभ होगा और राज्य के स्टार्ट-अप परितंत्र को और अधिक मज़बूती मिलेगी।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव किरण गिट्टे और आईटी विभाग के सचिव प्रशांत कुमार गोयल ने भी अपने विचार रखे।
राष्ट्रीय संदर्भ में त्रिपुरा
मंत्री ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े स्टार्ट-अप परितंत्रों में से एक के रूप में उभरा है और त्रिपुरा इस राष्ट्रीय यात्रा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर के राज्यों में स्टार्ट-अप गतिविधि अपेक्षाकृत नई है, और त्रिपुरा का 'लीडर' दर्जा इस क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
आगे की राह
राज्य सरकार की योजना है कि आने वाले समय में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को और विस्तार दिया जाए, जिसमें युवा उद्यमियों को वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। MoU के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता से नए स्टार्ट-अप की संख्या में और वृद्धि की उम्मीद है।