त्रिपुरा में अटल इनोवेशन मिशन का पहला स्टेट इनोवेशन मिशन लॉन्च
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। नीति आयोग के अधीन अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) ने गुरुवार को त्रिपुरा में पहला स्टेट इनोवेशन मिशन (एसआईएम) का उद्घाटन किया। यह कदम राज्य के दीर्घकालिक विकास ढांचे में नवाचार और उद्यमिता को समाहित करने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है।
स्टेट इनोवेशन मिशन, नीति आयोग के स्टेट सपोर्ट मिशन (एसएसएम) के अंतर्गत एआईएम 2.0 कार्यक्रम का एक हिस्सा है, और इसे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ-साथ स्थानीय जरूरतों के अनुरूप एक मजबूत, समावेशी और संदर्भ-विशिष्ट नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का समर्थन करने हेतु डिज़ाइन किया गया है।
इस समारोह का आयोजन अगरतला के हपानिया अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी केंद्र में हुआ, जिसमें त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह, तथा नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके सारस्वत शामिल रहे।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस अवसर पर राज्य नवाचार मिशन के अंतर्गत कई प्रगतिशील पहलों का उद्घाटन किया। इस शुभारंभ के दौरान, त्रिपुरा के लिए एसआईएम ढांचे की रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जिसमें त्रिपुरा इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (टीआईएफटी) के तहत एसआईएम का संस्थागतकरण, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और "मेक फ्रॉम त्रिपुरा" समाधानों को प्रोत्साहित करने के लिए एक समर्पित इनक्यूबेशन और नवाचार केंद्र के रूप में टी-नेस्ट (त्रिपुरा - नर्चरिंग एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्टार्टअप्स) का उद्घाटन शामिल है।
सीएम माणिक साहा ने जमीनी स्तर के नवोन्मेषकों की पहचान और उनके पोषण के लिए भारत की पहली जिला नवप्रवर्तक फैलोशिप (डीआईएफ) का शुभारंभ किया और घोषणा की कि त्रिपुरा राज्य प्रधानमंत्री के जिम्मेदार और समावेशी एआई दृष्टिकोण के अनुरूप एक राज्य एआई नीति लेकर आएगा। इसके साथ ही, अग्रणी वैश्विक प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के सहयोग से अगरतला में एक अनूठा एआई शहर स्थापित किया जाएगा, जिससे राज्य एआई-संचालित नवाचार और शासन के लिए एक भविष्य के लिए तैयार केंद्र बन सकेगा।
राज्य नवाचार मिशन (एसआईएम) के माध्यम से, एआईएम त्रिपुरा सरकार के साथ मिलकर राज्य की आर्थिक प्राथमिकताओं, क्षेत्रीय क्षमताओं और विकास लक्ष्यों के अनुरूप दीर्घकालिक नवाचार और उद्यमिता रणनीति का निर्माण एवं कार्यान्वयन करेगा। एसआईएम का उद्देश्य क्षमता निर्माण, नीतिगत समर्थन, साझेदारी, सहकर्मी शिक्षण और नवाचार चक्र में कार्यक्रमगत हस्तक्षेपों के माध्यम से नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना है।
इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्थापित एक दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने कहा कि एआईएम ने शासन में नवाचार की एक नई संस्कृति को जन्म दिया है और पिछले कई वर्षों में ठोस परिणाम प्राप्त किए हैं। उन्होंने बताया कि योजना आयोग से नीति आयोग में परिवर्तन और एआईएम की स्थापना ने पारंपरिक नियोजन से नवाचार-आधारित विकास की ओर एक बदलाव को चिह्नित किया है, जिससे राज्यों को विकास के सक्रिय चालक बनने की शक्ति मिली है। त्रिपुरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एसआईएम का शुभारंभ इस बात का प्रमाण है कि राज्य स्थानीय क्षमता को उजागर करने और राष्ट्रीय विकास के उभरते इंजनों के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए एआईएम ढांचे का प्रभावी ढंग से लाभ उठा सकता है।
नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के निदेशक दीपक बागला ने राज्य के नेतृत्व वाली नवाचार प्रणालियों को मजबूत करने के लिए एआईएम के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विज़न नवाचार से प्रेरित आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है। स्टेट इनोवेशन मिशन इसी विजन को साकार करने की दिशा में हमारा प्रयास है। राज्यों को उनके संदर्भ में नवाचार का नेतृत्व करने के लिए सशक्त बनाकर, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक जिले, प्रत्येक कक्षा और प्रत्येक समुदाय की प्रतिभा राष्ट्रीय विकास का चालक बने। इस प्रकार एआईएम आकांक्षा को क्रिया में परिवर्तित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि भारत की नवाचार यात्रा वास्तव में समावेशी हो।