पीएम-सेतु योजना के तहत पहली एसआईपी मंजूर: विशाखापट्टनम आईटीआई क्लस्टर को हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम आईटीआई क्लस्टर के लिए स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) को मंजूरी दे दी है। यह पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई) योजना के अंतर्गत स्वीकृत होने वाला पहला प्रस्ताव है। 30 मई को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने इसकी पुष्टि की।
प्रस्ताव किसने रखा और क्या है इसकी विशेषता
यह प्रस्ताव आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) द्वारा प्रस्तुत किया गया था। इस मंजूरी के साथ आंध्र प्रदेश, पीएम-सेतु के तहत एंकर इंडस्ट्री पार्टनर (एआईपी) को शामिल करते हुए उद्योग साझेदारी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में काम करेगी।
बैठक का विवरण और नेतृत्व
यह मंजूरी एमएसडीई द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संचालन समिति की तीसरी बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने की। बैठक में प्रशिक्षण महानिदेशक (डीजीटी) दिलीप कुमार, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, उद्योग संगठनों और विकास सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
पीएम-सेतु योजना की व्यापक रूपरेखा
₹60,000 करोड़ के बजट वाली पीएम-सेतु योजना का उद्देश्य देशभर के 1,000 सरकारी आईटीआई को उद्योग-नेतृत्व वाले 'हब एंड स्पोक' मॉडल के ज़रिए आधुनिक बनाना है। इस योजना के तहत सरकारी आईटीआई को उद्योग-प्रबंधित और परिणाम-आधारित संस्थानों में रूपांतरित किया जाएगा, जिसमें बुनियादी ढाँचे के उन्नयन, उद्योगों के साथ सक्रिय जुड़ाव और युवाओं की रोज़गार क्षमता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया है।
राष्ट्रव्यापी प्रगति की समीक्षा
बैठक में एनएससी ने विभिन्न राज्यों में योजना की प्रगति की समीक्षा की। उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने, प्रशासनिक ढाँचे को सुदृढ़ करने, विशेष प्रयोजन वाहनों (एसपीवी) की वित्तीय स्थिरता सुधारने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेज़ी लाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मंत्रालय के अनुसार, अब तक 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने राज्य स्तरीय संचालन समितियों का गठन कर लिया है, जबकि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर्स के चयन के लिए 'रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल' (आरएफपी) जारी कर दिए हैं।
आगे की राह
गौरतलब है कि विशाखापट्टनम क्लस्टर की यह स्वीकृति पीएम-सेतु के व्यापक विस्तार की नींव रखती है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि शेष राज्यों में भी एसआईपी प्रस्तावों की प्रक्रिया तेज़ की जाएगी, ताकि योजना का लाभ देशभर के युवाओं तक पहुँच सके।