तुष्टीकरण की राजनीति भारत की एकता के लिए खतरा: BJP नेता गौरव वल्लभ का कांग्रेस-ओवैसी पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता गौरव वल्लभ ने 30 अगस्त को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के बयान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा और हल्द्वानी विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी। वल्लभ ने कांग्रेस और AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह भारत की एकता और अखंडता के लिए घातक है।
मोहन भागवत के बयान पर BJP का पक्ष
वल्लभ ने कहा, 'मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क से सनातन का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि विविधता हमारी कमज़ोरी नहीं, बल्कि एकता का श्रृंगार है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि भागवत ने यही बात 2018 में दिल्ली में और 2021 में मुंबई में भी कही थी। वल्लभ के अनुसार, विपक्ष इसे 'बदली हुई बात' कहकर भ्रामक जानकारी फैला रहा है।
उन्होंने ओवैसी को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे भागवत के बयान के पक्ष में हैं या विरोध में। वल्लभ ने आरोप लगाया, 'सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति भारत की एकता और अखंडता के लिए अच्छी चीज़ नहीं है। कांग्रेस और ओवैसी की बातों से लगता है कि वे भारत में विविधता के खिलाफ हैं।'
PM मोदी की विदेश यात्रा: ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और रणनीति
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा पर वल्लभ ने कहा कि इसे तीन शब्दों में समझा जा सकता है — 'ऊर्जा की सुरक्षा, आर्थिक विस्तार और रणनीतिक विश्वास।' उन्होंने बताया कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच वर्तमान में 1 लाख अरब डॉलर का व्यापार होता है, जिसे 2030 तक 5 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
वल्लभ के अनुसार, इस साझेदारी से भारत के MSME क्षेत्र को बल मिलेगा और रोज़गार के नए अवसर बनेंगे। विशेष रूप से फार्मा, इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल और डिजिटल सर्विसेज के क्षेत्र में भारतीय कंपनियों को उज्बेकिस्तान में बड़ा बाज़ार मिलने की संभावना है। दोनों देश UPI, AI, क्रिटिकल मिनरल्स, यूरेनियम और ग्रीन एनर्जी में मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी की यात्राएँ 'सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारा जा रहा है।' हाल के मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का हवाला देते हुए वल्लभ ने 'नेशन फर्स्ट' को भारत की विदेश नीति की आधारशिला बताया।
राहुल गांधी और कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर निशाना
हल्द्वानी विवाद और कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर बोलते हुए वल्लभ ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी लगातार मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान करते हैं। खड़गे कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, फिर भी राहुल कहते हैं कि निर्णय हाईकमान करेगा — यह हाईकमान कौन है, यह देश को बताना चाहिए।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस हल्द्वानी मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। गौरतलब है कि वल्लभ स्वयं पूर्व में कांग्रेस के प्रवक्ता रह चुके हैं और BJP में शामिल होने के बाद से पार्टी के मुखर प्रवक्ता के रूप में उभरे हैं।
आगे क्या
BJP और विपक्ष के बीच RSS प्रमुख के बयान की व्याख्या को लेकर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है। भारत-उज्बेकिस्तान व्यापार लक्ष्य और FTA के क्रियान्वयन पर आने वाले महीनों में और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।