8 जुलाई 2026
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ट्विशा शर्मा केस: आरोपी पति को 7 दिन की पुलिस रिमांड, परिवार ने की सीबीआई जांच की माँग

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ट्विशा शर्मा केस: आरोपी पति को 7 दिन की पुलिस रिमांड, परिवार ने की सीबीआई जांच की माँग

सारांश

भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अदालत में पहुँचा — आरोपी पति समर्थ सिंह को 7 दिन की पुलिस रिमांड मिली। परिवार को न्यायपालिका पर भरोसा है, लेकिन सीबीआई जाँच की माँग तेज हो गई है और पुलिस की शुरुआती कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

मुख्य बातें

मजिस्ट्रेट अनुदिता गुप्ता की अदालत ने आरोपी पति समर्थ सिंह को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा।
ट्विशा के भाई आशीष शर्मा ने सीबीआई जाँच की माँग दोहराई; कहा — मुख्यमंत्री पहले ही आश्वासन दे चुके हैं।
आरोपी समर्थ सिंह 10-12 दिन फरार रहने के बाद जबलपुर में सरेंडर कर भोपाल पुलिस को सौंपा गया।
आरोपी का पासपोर्ट जब्त ; अधिवक्ता के अनुसार घर का पूरा नियंत्रण आरोपी के पास था।
ट्विशा का पार्थिव शरीर अभी एम्स में; कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जाने बाकी।
परिवार के वकील ने सास को शीघ्र जमानत दिए जाने पर आपत्ति जताई।

भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में 23 मई 2026 को बड़ी कार्रवाई हुई। मजिस्ट्रेट अनुदिता गुप्ता की अदालत ने गिरफ्तार आरोपी पति समर्थ सिंह को सात दिनों की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया। अदालत के इस फैसले के बाद ट्विशा के परिवार का मनोबल बढ़ा है, लेकिन परिवार ने स्पष्ट रूप से इस मामले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की माँग दोहराई है।

परिवार की प्रतिक्रिया और सीबीआई की माँग

ट्विशा शर्मा के भाई आशीष शर्मा ने कहा कि न्यायपालिका पर उनका पूरा भरोसा है और जिस निष्पक्षता से सुनवाई हो रही है, उससे परिवार को उम्मीद मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही इस मामले में आश्वासन दे चुके हैं और अब सीबीआई जाँच जल्द से जल्द शुरू होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

आशीष शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि मामले के दौरान कुछ लोगों ने परिवार को परेशान करने की कोशिश की और भ्रामक बातें फैलाई गईं। उनका कहना था कि जाँच के दौरान ऐसे तत्वों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए।

पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

आशीष शर्मा ने पुलिस की शुरुआती जाँच पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, शुरुआत से ही पुलिस की कार्यशैली पक्षपातपूर्ण रही। हालाँकि उन्होंने माना कि अब अदालत की निगरानी और लगातार हो रही कार्रवाई से परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है।

वकीलों का पक्ष: रिमांड क्यों ज़रूरी थी

ट्विशा की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने सात दिन की रिमांड इसलिए माँगी क्योंकि मामले में कई अहम पहलुओं की जाँच अभी बाकी है। उनके अनुसार, कई सवालों के जवाब केवल आरोपी समर्थ सिंह ही दे सकता है। इसके अलावा, आरोपी का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है।

श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि आरोपी के पास पूरे घर का नियंत्रण था और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य अभी जुटाए जाने बाकी हैं। उन्होंने ट्विशा की सास को शीघ्र जमानत दिए जाने पर भी आपत्ति जताई और तर्क दिया कि केवल उम्र, साफ आपराधिक रिकॉर्ड और उसी शहर में निवास जैसे आधारों पर राहत देना एक खतरनाक मिसाल बन सकता है।

आरोपी का सरेंडर और गिरफ्तारी

ट्विशा की ओर से अधिवक्ता अंकुर पांडे ने बताया कि आरोपी समर्थ सिंह पिछले दस से बारह दिनों तक फरार रहा। उसने जबलपुर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उसे भोपाल पुलिस को सौंपा गया और अदालत में पेश किया गया। पांडे ने बताया कि ट्विशा का पार्थिव शरीर अभी एम्स में है और जाँच एजेंसी के सामने अभी कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं — इसी को देखते हुए अदालत ने सात दिन की रिमांड मंजूर की।

आगे क्या होगा

रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ करेगी और शेष साक्ष्य जुटाने की कोशिश करेगी। परिवार की सीबीआई जाँच की माँग और मुख्यमंत्री के आश्वासन को देखते हुए यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक व कानूनी महत्व ग्रहण कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अदालत की निगरानी पर निर्भर रहना पड़ता है। पुलिस की शुरुआती कार्यशैली पर पक्षपात के आरोप और सास की त्वरित जमानत पर उठे सवाल यह संकेत देते हैं कि जाँच में पारदर्शिता की कमी रही। सीबीआई जाँच की माँग तार्किक है — लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या राज्य सरकार का 'आश्वासन' महज राजनीतिक बयानबाजी साबित होगा या ठोस कदम में बदलेगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा केस में अदालत ने क्या फैसला सुनाया?
मजिस्ट्रेट अनुदिता गुप्ता की अदालत ने 23 मई 2026 को आरोपी पति समर्थ सिंह को सात दिनों की पुलिस रिमांड पर सौंपने का आदेश दिया। पुलिस के अनुसार मामले में कई अहम पहलुओं की जाँच अभी बाकी है।
परिवार ने सीबीआई जाँच की माँग क्यों की?
ट्विशा के भाई आशीष शर्मा ने पुलिस की शुरुआती जाँच को पक्षपातपूर्ण बताया और कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष केंद्रीय एजेंसी की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही इस संदर्भ में आश्वासन दे चुके हैं।
आरोपी समर्थ सिंह को कैसे गिरफ्तार किया गया?
आरोपी समर्थ सिंह 10 से 12 दिनों तक फरार रहा और अंततः जबलपुर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इसके बाद उसे भोपाल पुलिस को सौंपा गया और अदालत में पेश किया गया।
ट्विशा शर्मा की सास को जमानत मिलने पर विवाद क्यों हुआ?
परिवार के अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने सास को शीघ्र जमानत दिए जाने पर आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि केवल उम्र, साफ आपराधिक रिकॉर्ड और उसी शहर में निवास जैसे आधारों पर राहत देना अन्य मामलों में भी गलत मिसाल बन सकता है।
ट्विशा शर्मा का पार्थिव शरीर कहाँ है और जाँच कहाँ तक पहुँची?
ट्विशा का पार्थिव शरीर अभी एम्स में है। अधिवक्ता अंकुर पांडे के अनुसार जाँच एजेंसी के सामने अभी कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं और आरोपी का पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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