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ट्विशा शर्मा केस: चचेरे भाई का दावा — अदालत में समर्थ सिंह के चेहरे पर कोई भाव नहीं, सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका

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ट्विशा शर्मा केस: चचेरे भाई का दावा — अदालत में समर्थ सिंह के चेहरे पर कोई भाव नहीं, सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका

सारांश

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में परिवार का दर्द गहरा है — चचेरे भाई का दावा है कि आरोपी पति समर्थ सिंह अदालत में भावशून्य दिखे। 11 दिन बाद दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति और सीबीआई जाँच की घोषणा के बाद परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है, लेकिन सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका बनी हुई है।

मुख्य बातें

ट्विशा शर्मा के चचेरे भाई आशीष शर्मा का दावा — अदालत में समर्थ सिंह के चेहरे पर कोई भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं दिखी।
मौत के 11 दिन बाद दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति मिली; परिवार को सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका।
मध्य प्रदेश सरकार ने मामले में सीबीआई जाँच की घोषणा की है।
समर्थ सिंह को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
पीड़िता के भाई मेजर हर्षित शर्मा और जीजा सौरभ शर्मा ने सीबीआई पर पूरा भरोसा जताया।
परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष शुरू से ही अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रहा है।

भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पीड़िता के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने शनिवार, 23 मई को गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि आरोपी पति समर्थ सिंह के चेहरे पर अदालत में सुनवाई के दौरान कोई भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं दिखी। मौत के 11 दिन बाद दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति मिलने पर आशीष ने कहा, "मुझे लगता है कि कई सबूतों के साथ छेड़छाड़ हो चुकी होगी।"

परिवार की प्रतिक्रिया और आरोप

आशीष शर्मा ने कहा, "आमतौर पर जब किसी की मौत होती है तो न केवल परिवार बल्कि पड़ोस में भी शोक का माहौल होता है। यहाँ समर्थ का व्यवहार साफ दिखाता है कि उनका ट्विशा से कोई भावनात्मक जुड़ाव नहीं था। मैंने कोर्ट परिसर में भी लोगों को इस बारे में चर्चा करते सुना।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सीबीआई जाँच की घोषणा के बावजूद आरोपी का परिवार अपने प्रभाव का इस्तेमाल जारी रखे हुए है।

सीबीआई जाँच और न्यायिक प्रक्रिया

मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले में सीबीआई जाँच की घोषणा की है। आशीष शर्मा ने कहा, "मुझे विश्वास है कि सीबीआई निष्पक्ष जाँच कर असली दोषियों को सामने लाएगी।" उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि अदालत ने शुरू से ही निष्पक्ष रुख अपनाया है, जिससे परिवार का न्याय व्यवस्था पर भरोसा फिर से मजबूत हुआ है। समर्थ सिंह को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

परिवार के अन्य सदस्यों की माँग

ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने कहा, "मैं तभी संतुष्ट होऊंगा, जब हमें अंतिम न्याय मिलेगा।" उन्होंने यह भी कहा कि समर्थ सिंह की सात दिन की रिमांड के दौरान सीबीआई को हस्तक्षेप कर जाँच अपने हाथ में लेनी चाहिए। पीड़िता के जीजा सौरभ शर्मा ने बताया कि चूँकि आरोपी पति पहले फरार था, इसलिए उससे पूछताछ नहीं हो पा रही थी। उन्होंने समर्थ की रिमांड को "सकारात्मक संकेत" बताया।

साक्ष्य और प्रभाव की आशंका

परिवार ने आरोप लगाया है कि मामले की शुरुआत से ही आरोपी पक्ष की तरफ से "काफी प्रभाव डाला जा रहा था।" सौरभ शर्मा ने कहा, "पहले दिन से ही कई चीजें हो रही थीं।" आशीष शर्मा ने स्पष्ट किया कि परिवार का लक्ष्य केवल समर्थ की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि सभी दोषियों और परिवार को परेशान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई है।

आगे क्या होगा

सीबीआई जाँच की घोषणा और समर्थ सिंह की रिमांड के बाद अब परिवार को उम्मीद है कि पूछताछ में सच्चाई सामने आएगी। दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति मिलने से जाँच में नए तथ्य उजागर हो सकते हैं। सौरभ शर्मा ने कहा, "हम ट्विशा शर्मा को वापस नहीं ला सकते, लेकिन कम से कम उसके लिए आवाज उठा सकते हैं और उसे न्याय दिला सकते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि सीबीआई रिमांड के दौरान क्या नए तथ्य सामने आते हैं। जब तक जाँच के निष्कर्ष पारदर्शी रूप से सार्वजनिक नहीं होते, यह मामला न्यायिक जवाबदेही की बहस का केंद्र बना रहेगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा की मौत का मामला क्या है?
भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। उनके परिवार ने आरोपी पति समर्थ सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले में सीबीआई जाँच की माँग की थी, जिसे मध्य प्रदेश सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति क्यों दी गई?
मौत के 11 दिन बाद दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति दी गई है। परिवार को आशंका है कि इतने दिनों में कई सबूतों के साथ छेड़छाड़ हो चुकी होगी, और दूसरा पोस्टमार्टम मौत की असली वजह उजागर करने में मदद कर सकता है।
समर्थ सिंह को कितने दिन की रिमांड पर भेजा गया है?
समर्थ सिंह को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। परिवार ने माँग की है कि रिमांड के दौरान सीबीआई हस्तक्षेप कर जाँच अपने हाथ में ले।
परिवार ने सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप क्यों लगाया?
चचेरे भाई आशीष शर्मा के अनुसार, आरोपी पक्ष की तरफ से शुरू से ही प्रभाव डाला जा रहा था और समर्थ सिंह पहले फरार रहे, जिससे पूछताछ नहीं हो सकी। इन परिस्थितियों में परिवार को आशंका है कि कई सबूतों के साथ छेड़छाड़ हो चुकी होगी।
सीबीआई जाँच से परिवार को क्या उम्मीद है?
परिवार को उम्मीद है कि सीबीआई निष्पक्ष जाँच कर सभी दोषियों और परिवार को परेशान करने वालों को गिरफ्तार करेगी। पीड़िता के जीजा सौरभ शर्मा ने कहा कि तभी इसे 'सही मायनों में न्याय' माना जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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