सपा नेता उदयवीर सिंह का BJP पर निशाना: 'वंदे मातरम' और धर्म को विवाद के लिए भुनाया
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता उदयवीर सिंह ने 21 अगस्त 2026 को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि BJP ने 'वंदे मातरम', देशभक्ति और धर्म जैसे संवेदनशील विषयों का इस्तेमाल जानबूझकर विवाद खड़ा करने के लिए किया है। यह प्रतिक्रिया सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान के संदर्भ में आई है।
पीडीए राजनीति और हिस्सेदारी का सवाल
उदयवीर सिंह ने कहा कि देश में अधिकांश राजनीतिक दल 'जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी भागीदारी' की लाइन पर चल रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कई लोग सपा द्वारा आवंटित सीटों से असंतुष्ट होकर BJP के साथ चले गए। उनके अनुसार, पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज को उचित हिस्सेदारी और भागीदारी मिलनी चाहिए।
सिंह ने कहा कि जो लोग सपा के साथ रहकर 18 और 35 सीटों पर चुनाव लड़े थे और अब दूसरे दलों में गए हैं, उन्हें वहाँ अधिक सीटें मिलने की संभावना है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में सभी वर्गों को भागीदारी देने का काम किया था और आगे भी यही प्रतिबद्धता बनी रहेगी।
संजय निषाद और आरक्षण विवाद
अखिलेश यादव के जातिगत आरक्षण संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उदयवीर सिंह ने संजय निषाद पर परोक्ष निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि निषाद की ओर से पहले ही आरक्षण को समर्थन की शर्त बनाई गई होती, तो यह मुद्दा बहुत पहले सुलझ गया होता। सिंह के अनुसार, उनकी प्राथमिकता मंत्री पद में थी, और अब चुनाव नज़दीक आने पर आरक्षण की माँग फिर उठाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी ने निषाद समाज के दो लोगों को सांसद बनाया।
स्कूलों की स्थिति और मीडिया पर दबाव
उदयवीर सिंह ने आरोप लगाया कि BJP सरकार पर दबाव है कि स्कूलों की बदहाली और बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार जैसे मुद्दे सार्वजनिक न हों। उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी सड़कों पर उतर रही है, जिससे सरकार की छवि प्रभावित हो रही है। सिंह के अनुसार, इन मुद्दों पर पर्दा डालने की कोशिश लोकतंत्र के चौथे स्तंभ — मीडिया — का अपमान है।
दलित विधायक के साथ भेदभाव का मामला
BJP विधायक द्वारा जातिगत भेदभाव का आरोप लगाए जाने के प्रसंग पर उदयवीर सिंह ने कहा कि सत्ता पक्ष की एक दलित विधायक को मंदिर में पूजा करने से रोका जाना स्वतंत्र भारत के लिए शर्मनाक है। उन्होंने इसे लोकतंत्र का अपमान बताते हुए गंभीर कार्रवाई की माँग की।
झारखंड नियुक्ति विवाद और न्यायालय का रुख
झारखंड सरकार के नियुक्तियाँ रद्द करने के आदेश पर उच्च न्यायालय की रोक के संदर्भ में उदयवीर सिंह ने कहा कि न्यायालय कानून के अनुसार और सरकार जनभावना के अनुसार काम करती है। उनके अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया में बेईमानी की आशंका के कारण ही सरकार ने कार्रवाई की थी। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालय का अंतिम निर्णय सभी पक्षों को मान्य होगा।
BJP पर 'वंदे मातरम' को विवाद का हथियार बनाने का आरोप
उदयवीर सिंह ने कहा कि जिन सरकारों के पास कोई ठोस रिपोर्ट-कार्ड नहीं होता, वे विवादित मुद्दों को हवा देती रहती हैं ताकि मूल सवालों से ध्यान हटे। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ने 'वंदे मातरम', देशभक्ति और धर्म को जानबूझकर विवाद पैदा करने के औज़ार के रूप में इस्तेमाल किया है और यही प्रक्रिया अब भी जारी है। आने वाले चुनावी माहौल में यह टकराव और तीखा होने की संभावना है।