21 अगस्त 2026
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सपा नेता उदयवीर सिंह का BJP पर निशाना: 'वंदे मातरम' और धर्म को विवाद के लिए भुनाया

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सपा नेता उदयवीर सिंह का BJP पर निशाना: 'वंदे मातरम' और धर्म को विवाद के लिए भुनाया

सारांश

सपा नेता उदयवीर सिंह ने BJP पर सीधा हमला बोला — 'वंदे मातरम' और धर्म को विवाद का हथियार बताया। साथ ही पीडीए हिस्सेदारी, निषाद आरक्षण की राजनीति और स्कूलों की बदहाली पर सरकार को घेरा। यह बयान उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक जंग का संकेत है।

मुख्य बातें

उदयवीर सिंह ने 21 अगस्त 2026 को लखनऊ में BJP पर आरोप लगाया कि उसने 'वंदे मातरम' और धर्म को विवाद खड़ा करने के लिए इस्तेमाल किया।
सपा नेता ने कहा कि पीडीए समाज को उचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए; सपा ने लोकसभा में सभी वर्गों को भागीदारी दी।
संजय निषाद पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता मंत्री पद थी, अब चुनाव आने पर आरक्षण की माँग उठाई जा रही है।
दलित BJP विधायक को मंदिर में पूजा से रोके जाने की घटना को लोकतंत्र का अपमान बताया, गंभीर कार्रवाई की माँग की।
झारखंड में उच्च न्यायालय की रोक पर कहा — न्यायालय का अंतिम फैसला सभी पक्षों को मानना होगा।

समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता उदयवीर सिंह ने 21 अगस्त 2026 को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि BJP ने 'वंदे मातरम', देशभक्ति और धर्म जैसे संवेदनशील विषयों का इस्तेमाल जानबूझकर विवाद खड़ा करने के लिए किया है। यह प्रतिक्रिया सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान के संदर्भ में आई है।

पीडीए राजनीति और हिस्सेदारी का सवाल

उदयवीर सिंह ने कहा कि देश में अधिकांश राजनीतिक दल 'जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी भागीदारी' की लाइन पर चल रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कई लोग सपा द्वारा आवंटित सीटों से असंतुष्ट होकर BJP के साथ चले गए। उनके अनुसार, पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज को उचित हिस्सेदारी और भागीदारी मिलनी चाहिए।

सिंह ने कहा कि जो लोग सपा के साथ रहकर 18 और 35 सीटों पर चुनाव लड़े थे और अब दूसरे दलों में गए हैं, उन्हें वहाँ अधिक सीटें मिलने की संभावना है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में सभी वर्गों को भागीदारी देने का काम किया था और आगे भी यही प्रतिबद्धता बनी रहेगी।

संजय निषाद और आरक्षण विवाद

अखिलेश यादव के जातिगत आरक्षण संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उदयवीर सिंह ने संजय निषाद पर परोक्ष निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि निषाद की ओर से पहले ही आरक्षण को समर्थन की शर्त बनाई गई होती, तो यह मुद्दा बहुत पहले सुलझ गया होता। सिंह के अनुसार, उनकी प्राथमिकता मंत्री पद में थी, और अब चुनाव नज़दीक आने पर आरक्षण की माँग फिर उठाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी ने निषाद समाज के दो लोगों को सांसद बनाया।

स्कूलों की स्थिति और मीडिया पर दबाव

उदयवीर सिंह ने आरोप लगाया कि BJP सरकार पर दबाव है कि स्कूलों की बदहाली और बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार जैसे मुद्दे सार्वजनिक न हों। उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी सड़कों पर उतर रही है, जिससे सरकार की छवि प्रभावित हो रही है। सिंह के अनुसार, इन मुद्दों पर पर्दा डालने की कोशिश लोकतंत्र के चौथे स्तंभ — मीडिया — का अपमान है।

दलित विधायक के साथ भेदभाव का मामला

BJP विधायक द्वारा जातिगत भेदभाव का आरोप लगाए जाने के प्रसंग पर उदयवीर सिंह ने कहा कि सत्ता पक्ष की एक दलित विधायक को मंदिर में पूजा करने से रोका जाना स्वतंत्र भारत के लिए शर्मनाक है। उन्होंने इसे लोकतंत्र का अपमान बताते हुए गंभीर कार्रवाई की माँग की।

झारखंड नियुक्ति विवाद और न्यायालय का रुख

झारखंड सरकार के नियुक्तियाँ रद्द करने के आदेश पर उच्च न्यायालय की रोक के संदर्भ में उदयवीर सिंह ने कहा कि न्यायालय कानून के अनुसार और सरकार जनभावना के अनुसार काम करती है। उनके अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया में बेईमानी की आशंका के कारण ही सरकार ने कार्रवाई की थी। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालय का अंतिम निर्णय सभी पक्षों को मान्य होगा।

BJP पर 'वंदे मातरम' को विवाद का हथियार बनाने का आरोप

उदयवीर सिंह ने कहा कि जिन सरकारों के पास कोई ठोस रिपोर्ट-कार्ड नहीं होता, वे विवादित मुद्दों को हवा देती रहती हैं ताकि मूल सवालों से ध्यान हटे। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ने 'वंदे मातरम', देशभक्ति और धर्म को जानबूझकर विवाद पैदा करने के औज़ार के रूप में इस्तेमाल किया है और यही प्रक्रिया अब भी जारी है। आने वाले चुनावी माहौल में यह टकराव और तीखा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि नीतिगत। 'वंदे मातरम' विवाद को BJP की चुनावी चाल बताना राजनीतिक दृष्टि से सटीक हो सकता है, परंतु इस आरोप की विश्वसनीयता तब बढ़ेगी जब सपा खुद अपनी भागीदारी के वादों का ठोस हिसाब पेश करे।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदयवीर सिंह ने BJP पर 'वंदे मातरम' को लेकर क्या आरोप लगाया?
उदयवीर सिंह ने कहा कि BJP ने 'वंदे मातरम', देशभक्ति और धर्म को जानबूझकर विवाद पैदा करने के लिए इस्तेमाल किया है। उनके अनुसार जिन सरकारों के पास कोई ठोस रिपोर्ट-कार्ड नहीं होता, वे इसी तरह मूल मुद्दों से ध्यान भटकाती हैं।
पीडीए हिस्सेदारी पर सपा का क्या रुख है?
सपा नेता उदयवीर सिंह ने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज को उनकी संख्या के अनुपात में हिस्सेदारी और भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया था।
संजय निषाद और आरक्षण विवाद पर उदयवीर सिंह ने क्या कहा?
उदयवीर सिंह ने कहा कि यदि संजय निषाद ने पहले ही आरक्षण को समर्थन की शर्त बनाई होती तो यह मुद्दा पहले सुलझ जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि निषाद की प्राथमिकता मंत्री पद थी और अब चुनाव आने पर वे आरक्षण की माँग दोहरा रहे हैं।
दलित BJP विधायक को मंदिर में पूजा से रोकने पर सपा का क्या कहना है?
उदयवीर सिंह ने इस घटना को स्वतंत्र भारत में शर्मनाक और लोकतंत्र का अपमान बताया। उन्होंने माँग की कि इस मामले में गंभीर कार्रवाई होनी चाहिए।
झारखंड में नियुक्तियाँ रद्द करने पर उच्च न्यायालय की रोक पर सपा का क्या रुख है?
उदयवीर सिंह ने कहा कि झारखंड सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया में बेईमानी की आशंका के कारण नियुक्तियाँ रद्द की थीं। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालय का अंतिम फैसला सभी पक्षों को मानना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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