जावेद अली की विवादित टिप्पणी पर भाजपा का पलटवार, ब्रजेश पाठक बोले — 'सपा को भुगतना पड़ेगा खामियाजा'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद जावेद अली द्वारा बहुसंख्यक समाज पर की गई कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में 16 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से लेकर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा तक, कई नेताओं ने सपा को चेतावनी दी कि ऐसे बयानों का राजनीतिक मूल्य चुकाना पड़ेगा।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सनातन और हिंदू संस्कृति के विरुद्ध बोलना समाजवादी पार्टी के नेताओं की पुरानी प्रवृत्ति रही है। उन्होंने कहा, 'आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी को ऐसे बयानों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।' पाठक ने यह भी स्पष्ट किया कि समाज को विभाजित करने की कोशिश करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मंत्री धर्मवीर प्रजापति का आरोप
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि इस प्रकार के बयान केवल जनता को गुमराह करने की कोशिश हैं। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव प्रचार का हवाला देते हुए कहा कि तब भी सपा नेताओं ने ऐसे बयान दिए थे, लेकिन परिणाम यह रहा कि भाजपा सरकार सत्ता में आई। प्रजापति के अनुसार, सपा 'सत्ता से इतनी दूर हो गई कि उसे दूरबीन से भी सत्ता दिखाई नहीं देती।'
भाजपा नेता मोहसिन रजा का पलटवार
भाजपा नेता मोहसिन रजा ने कहा कि जावेद अली का बयान यह साबित करता है कि 'जहरीली विचारधारा' कौन फैला रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि बहुसंख्यक समुदाय ने ही सपा नेताओं को सांसद और नेता बनाने में योगदान दिया है। रजा ने कहा, 'अगर इस देश में हिंदू नहीं होते और उन्होंने समर्थन नहीं दिया होता, तो आज उनकी कोई पहचान भी नहीं होती।'
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने 15 जून को कहा था कि अगर समाजवादी पार्टी हिंदुओं को 'जहरीला' बता रही है, तो जनता भी उसी अनुपात में जवाब देगी। उन्होंने कहा, 'हिंदू धर्म एक ऐसी विचारधारा है जो सबका भला चाहती है — इसे जहरीला कहना स्वीकार्य नहीं है।' यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ राजनीतिक दलों के बीच शुरू हो चुकी हैं।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सपा और भाजपा के बीच किसी नेता की टिप्पणी को लेकर तीखी वाकयुद्ध हुई हो। भाजपा नेताओं ने संकेत दिया है कि वे इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएँगे। प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरतने की बात कही है, जबकि सपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।