31 जुलाई 2026
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जावेद अली की विवादित टिप्पणी पर भाजपा का पलटवार, ब्रजेश पाठक बोले — 'सपा को भुगतना पड़ेगा खामियाजा'

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जावेद अली की विवादित टिप्पणी पर भाजपा का पलटवार, ब्रजेश पाठक बोले — 'सपा को भुगतना पड़ेगा खामियाजा'

सारांश

सपा राज्यसभा सांसद जावेद अली की बहुसंख्यक समाज पर कथित विवादित टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री धर्मवीर प्रजापति, नेता मोहसिन रजा और सांसद दिनेश शर्मा — सभी ने सपा को राजनीतिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

सपा राज्यसभा सांसद जावेद अली की बहुसंख्यक समाज पर कथित विवादित टिप्पणी के बाद 16 जून 2026 को भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा — 'सपा को ऐसे बयानों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।' मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने 2022 के चुनाव नतीजों का हवाला देते हुए सपा की रणनीति को विफल बताया।
भाजपा नेता मोहसिन रजा ने कहा कि बहुसंख्यक समुदाय के समर्थन से ही सपा नेताओं को पहचान मिली।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने 15 जून को कहा कि हिंदुओं को 'जहरीला' कहना स्वीकार्य नहीं।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद जावेद अली द्वारा बहुसंख्यक समाज पर की गई कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में 16 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से लेकर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा तक, कई नेताओं ने सपा को चेतावनी दी कि ऐसे बयानों का राजनीतिक मूल्य चुकाना पड़ेगा।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की चेतावनी

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सनातन और हिंदू संस्कृति के विरुद्ध बोलना समाजवादी पार्टी के नेताओं की पुरानी प्रवृत्ति रही है। उन्होंने कहा, 'आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी को ऐसे बयानों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।' पाठक ने यह भी स्पष्ट किया कि समाज को विभाजित करने की कोशिश करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मंत्री धर्मवीर प्रजापति का आरोप

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि इस प्रकार के बयान केवल जनता को गुमराह करने की कोशिश हैं। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव प्रचार का हवाला देते हुए कहा कि तब भी सपा नेताओं ने ऐसे बयान दिए थे, लेकिन परिणाम यह रहा कि भाजपा सरकार सत्ता में आई। प्रजापति के अनुसार, सपा 'सत्ता से इतनी दूर हो गई कि उसे दूरबीन से भी सत्ता दिखाई नहीं देती।'

भाजपा नेता मोहसिन रजा का पलटवार

भाजपा नेता मोहसिन रजा ने कहा कि जावेद अली का बयान यह साबित करता है कि 'जहरीली विचारधारा' कौन फैला रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि बहुसंख्यक समुदाय ने ही सपा नेताओं को सांसद और नेता बनाने में योगदान दिया है। रजा ने कहा, 'अगर इस देश में हिंदू नहीं होते और उन्होंने समर्थन नहीं दिया होता, तो आज उनकी कोई पहचान भी नहीं होती।'

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा की प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने 15 जून को कहा था कि अगर समाजवादी पार्टी हिंदुओं को 'जहरीला' बता रही है, तो जनता भी उसी अनुपात में जवाब देगी। उन्होंने कहा, 'हिंदू धर्म एक ऐसी विचारधारा है जो सबका भला चाहती है — इसे जहरीला कहना स्वीकार्य नहीं है।' यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ राजनीतिक दलों के बीच शुरू हो चुकी हैं।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सपा और भाजपा के बीच किसी नेता की टिप्पणी को लेकर तीखी वाकयुद्ध हुई हो। भाजपा नेताओं ने संकेत दिया है कि वे इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएँगे। प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरतने की बात कही है, जबकि सपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर प्रदेश में अगले चुनावी चक्र की पूर्व-तैयारी भी है — जहाँ बहुसंख्यक ध्रुवीकरण एक आज़माया हुआ चुनावी औज़ार रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि भाजपा के मोहसिन रजा जैसे अल्पसंख्यक चेहरे को इस विवाद में सबसे तीखा बयान देने के लिए आगे किया गया — यह संदेश-प्रबंधन की सोची-समझी रणनीति दिखती है। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है कि ऐसे बयानों का असली असर अदालत में नहीं, बल्कि ज़मीनी राजनीति में होता है — और दोनों दल इसे भलीभाँति जानते हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जावेद अली ने क्या विवादित टिप्पणी की थी?
सपा राज्यसभा सांसद जावेद अली ने बहुसंख्यक समाज पर एक टिप्पणी की, जिसे भाजपा नेताओं ने भड़काऊ और समाज को बाँटने वाला बताया। बयान की सटीक भाषा को लेकर दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा को क्या चेतावनी दी?
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सनातन और हिंदू संस्कृति के खिलाफ बोलना सपा की पुरानी आदत है और आने वाले दिनों में पार्टी को ऐसे बयानों का राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने इस मामले में क्या कहा?
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने 15 जून को कहा कि अगर सपा हिंदुओं को 'जहरीला' बता रही है, तो जनता भी उसी अनुपात में जवाब देगी। उन्होंने हिंदू धर्म को सर्वकल्याणकारी विचारधारा बताते हुए ऐसी टिप्पणियों को अस्वीकार्य कहा।
क्या सपा ने इन आरोपों का जवाब दिया है?
अभी तक समाजवादी पार्टी की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भाजपा नेताओं के बयान एकतरफा रहे हैं और सपा का पक्ष स्पष्ट नहीं हुआ है।
यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्यों अहम है?
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक विमर्श राज्य की चुनावी राजनीति में लंबे समय से निर्णायक भूमिका निभाता आया है। 2022 के चुनाव में भी इसी तरह के बयानों ने राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया था।
राष्ट्र प्रेस
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