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सपा सांसद जावेद अली के 'बहुसंख्यक जहरीला' बयान पर BJP-कांग्रेस की कड़ी निंदा

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सपा सांसद जावेद अली के 'बहुसंख्यक जहरीला' बयान पर BJP-कांग्रेस की कड़ी निंदा

सारांश

सपा के राज्यसभा सांसद जावेद अली ने बहुसंख्यक समुदाय को 'जहरीला' कहा — और इस बार BJP के साथ कांग्रेस भी निंदा में खड़ी हो गई। BJP सांसद जगदंबिका पाल ने पलटवार किया कि असल में सपा सांसद ही जहर बाँट रहे हैं। यह दुर्लभ सर्वदलीय निंदा उत्तर प्रदेश की गर्माती राजनीति का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

सपा राज्यसभा सांसद जावेद अली ने देश के बहुसंख्यक समुदाय को 'जहरीला' बताकर 15 जून को राजनीतिक विवाद खड़ा किया।
BJP सांसद जगदंबिका पाल ने कहा — 'असल में वही लोग जहर फैलाने और बांटने की कोशिश कर रहे हैं।' BJP नेता रोहन गुप्ता ने इसे 'तुष्टिकरण की राजनीति' करार देते हुए कहा कि यह राजनीति अब नहीं चलेगी।
कांग्रेस ने भी बयान को 'गलत शब्दावली' बताते हुए आलोचना की — सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों पक्षों की एकजुट निंदा असामान्य है।
समाजवादी पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद जावेद अली द्वारा देश के बहुसंख्यक समुदाय को 'जहरीला' बताए जाने के बाद लखनऊ में राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) दोनों ने इस बयान की कड़ी निंदा की है। 15 जून को सामने आए इस विवाद में BJP सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि असल में सपा सांसद ही जहर फैलाने और बांटने की कोशिश कर रहे हैं।

जगदंबिका पाल की तीखी प्रतिक्रिया

BJP सांसद जगदंबिका पाल ने जावेद अली की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'इससे दुर्भाग्यपूर्ण और क्या बयान हो सकता है। अगर वे देश के बहुसंख्यक समाज को जहर कह रहे हैं, तो असल में वही लोग जहर फैलाने और बांटने की कोशिश कर रहे हैं।' उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये नेता अब भी कोई सबक नहीं सीख रहे।

पाल ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि ममता बनर्जी भी ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल करती थीं, लेकिन वहाँ की जनता ने उनकी सरकार को उखाड़ फेंका और आज उनकी पार्टी बिखर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की जनता भी ऐसे बयान देने वालों को सबक सिखाएगी, 'चाहे वह ओवैसी हों, समाजवादी पार्टी हो या कोई और।'

सपा पर हमला जारी रखते हुए जगदंबिका पाल ने कहा, 'सपा कोई पार्टी या विचारधारा नहीं है, बल्कि यह जातिवाद और परिवार की एक पार्टी है। देश की जनता भी जानती है कि काठ की हांड़ी एक बार चढ़ सकती है, बार-बार नहीं।'

BJP नेता रोहन गुप्ता का पलटवार

BJP नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस या इंडी गठबंधन के नेता हमेशा हिंदू या हिंदुत्व पर बयान देते मिलते हैं, क्योंकि यह उनकी राजनीति का मुख्य बिंदु बन चुका है। उन्होंने कहा, 'उनको लगता है कि वे हिंदुओं को गाली देंगे तो उनके वोटबैंक की रक्षा हो जाएगी और वे सुर्खियों में आ जाएंगे, मगर ऐसा संभव नहीं है।'

गुप्ता ने आगे कहा, 'ऐसे नेताओं को किसी ने लाइसेंस नहीं दिया कि वे हिंदू या हिंदुत्व के ऊपर कमेंट करें। जब तक नफरत की राजनीति होती रहेगी और हिंदुत्व पर हमले होते रहेंगे, BJP उसका विरोध करेगी। हम तुष्टिकरण के खिलाफ हैं — यही तुष्टिकरण है कि हिंदुओं को गाली दो और अपनी राजनीति की दुकान चलाओ, मगर यह राजनीति अब नहीं चलेगी।'

कांग्रेस ने भी बयान को बताया गलत

BJP के साथ-साथ कांग्रेस के एक सांसद ने भी जावेद अली के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'यह बहुत गलत शब्दावली है। अगर बड़ी संख्या में बहुसंख्यक समुदाय धर्मनिरपेक्ष न होता, तो देश का सामाजिक ताना-बाना ही बिगड़ जाता। आप कुछ लोगों की हरकतों की वजह से ऐसा बयान नहीं दे सकते — यह गलत बयान है।' यह उल्लेखनीय है कि जिस मुद्दे पर सत्तारूढ़ और विपक्षी दल अमूमन एक-दूसरे के सामने खड़े रहते हैं, उस पर दोनों की एक जैसी प्रतिक्रिया सामने आई।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी का दौर तेज है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी सांसद के बयान ने सर्वदलीय निंदा को आमंत्रित किया हो — ऐसे विवाद अक्सर चुनावी मौसम में और तीव्र हो जाते हैं। समाजवादी पार्टी की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सपा नेतृत्व जावेद अली के बयान से दूरी बनाता है या उसका बचाव करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सामान्यतः सपा की सहयोगी है, भी निंदा में शामिल हो गई। यह दर्शाता है कि विपक्षी एकता की परिधि में भी कुछ बयान असहनीय माने जाते हैं। BJP के लिए यह एक तैयार-शुदा चुनावी कथा है, लेकिन असली सवाल यह है कि सपा नेतृत्व इस पर चुप क्यों है — समर्थन है या असमंजस? उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरणों में ऐसे बयान अक्सर सतह से ज़्यादा गहरी लकीरें खींचते हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा सांसद जावेद अली ने क्या कहा था?
सपा के राज्यसभा सांसद जावेद अली ने देश के बहुसंख्यक समुदाय को 'जहरीला' बताया, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। इस बयान की BJP और कांग्रेस दोनों ने 15 जून को कड़ी निंदा की।
BJP ने जावेद अली के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
BJP सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि असल में सपा सांसद ही जहर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। BJP नेता रोहन गुप्ता ने इसे 'तुष्टिकरण की राजनीति' बताते हुए कहा कि हिंदुओं पर ऐसे हमले अब नहीं चलेंगे।
क्या कांग्रेस ने भी इस बयान की निंदा की?
हाँ, कांग्रेस के एक सांसद ने भी जावेद अली के बयान को 'बहुत गलत शब्दावली' बताते हुए आलोचना की। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की हरकतों की वजह से पूरे बहुसंख्यक समुदाय के बारे में ऐसा बयान देना उचित नहीं है।
इस विवाद का उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में चुनावी राजनीति गर्म है। BJP ने इसे सपा की 'तुष्टिकरण की राजनीति' का उदाहरण बताया है और कहा कि जनता ऐसे बयान देने वालों को सबक सिखाएगी।
समाजवादी पार्टी ने इस मामले में क्या कहा?
अब तक समाजवादी पार्टी की ओर से जावेद अली के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी नेतृत्व का रुख स्पष्ट न होना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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