योगी सरकार ने तोड़ी माफिया की कमर, सपा राज में था जंगलराज : भाजपा सांसद जगदंबिका पाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जगदंबिका पाल ने 16 जून को सिद्धार्थनगर में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में माफिया राज का अंत हो चुका है और कानून का शासन पूरी मजबूती से स्थापित हो गया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उस दौर में प्रदेश में जंगलराज जैसी स्थिति थी।
सपा शासन पर आरोप
पाल ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान अपराधी और माफिया तत्व कई जिलों में समानांतर सत्ता चलाते थे। उनके अनुसार, थानों तक में माफिया का दबदबा था और वे अपनी मनमर्जी से लोगों को हिरासत से छुड़ा ले जाते थे। उन्होंने कहा, 'आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करता था।' यह ऐसे समय में आया है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं माफिया-विरोधी अभियान को लेकर हाल ही में कड़ा बयान दिया था।
महिला सुरक्षा पर जोर
भाजपा सांसद ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले बहन-बेटियाँ रात में घर से निकलने में असहज महसूस करती थीं, लेकिन योगी सरकार ने इसे गंभीरता से लिया। उनके अनुसार, स्कूल और कॉलेजों के आसपास छेड़छाड़ की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की गई। 'सरकार का स्पष्ट संदेश था कि महिलाओं की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा' — यह पाल के शब्द थे।
माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
पाल ने कहा कि योगी सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग बेगुनाहों की हत्या या गंभीर अपराधों में शामिल होते हैं, उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उनके शब्दों में, 'माफिया समाज के लिए कोढ़ की तरह हैं — वे कानून को अपने हाथ में लेकर संवैधानिक व्यवस्था को चुनौती देते हैं।'
मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान का हवाला देते हुए पाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और संविधान तथा कानून के अनुसार ही शासन चलेगा। उन्होंने कहा कि यह प्राथमिकता साफ तौर पर दर्शाती है कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित होगा, न कि माफिया का। गौरतलब है कि योगी सरकार के कार्यकाल में बुलडोजर कार्रवाई और गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियोजन को लेकर राज्य चर्चा में रहा है।
आगे की राह
भाजपा सांसद के इस बयान को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ दल की कानून-व्यवस्था की उपलब्धियों को रेखांकित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। सपा ने अभी तक इन आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति आने वाले समय में राजनीतिक बहस का केंद्र बनी रहेगी।