31 जुलाई 2026
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जावेद अली खान के 'जहरीला समुदाय' बयान पर हिंदू महासभा की कड़ी निंदा, SIT जांच और कार्रवाई की मांग

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जावेद अली खान के 'जहरीला समुदाय' बयान पर हिंदू महासभा की कड़ी निंदा, SIT जांच और कार्रवाई की मांग

सारांश

सपा सांसद जावेद अली खान के 'बहुसंख्यक समुदाय जहरीला हो गया है' वाले कथित बयान ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। हिंदू महासभा ने SIT जाँच और कार्रवाई की माँग की, यूपी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने परोक्ष निशाना साधा, जबकि सपा सांसद रुचि वीरा ने बयान को 'अनुचित' बताते हुए पार्टी की एकता की नीति का बचाव किया।

मुख्य बातें

सपा सांसद जावेद अली खान के कथित 'बहुसंख्यक समुदाय जहरीला हो गया है' बयान पर राजनीतिक विवाद 15 जून को और गहरा गया।
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने खान के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और SIT जाँच की माँग की।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने आगरा में परोक्ष रूप से विभाजनकारी बयानों की आलोचना की।
मुरादाबाद से सपा सांसद रुचि वीरा ने बयान को 'अनुचित' बताया, लेकिन पार्टी के पीडीए अभियान का बचाव किया।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश पार्टी की आधिकारिक लाइन बताई गई।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जावेद अली खान द्वारा बहुसंख्यक समुदाय को 'जहरीला' बताने वाले कथित बयान को लेकर नई दिल्ली में राजनीतिक विवाद तेज़ हो गया है। 15 जून को सामने आई इस प्रतिक्रिया में हिंदू महासभा सहित कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग उठाई है।

हिंदू महासभा की प्रतिक्रिया

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने जावेद अली खान के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस प्रकार के वक्तव्य समाज में वैमनस्य फैलाते हैं और सामाजिक सौहार्द को गंभीर नुकसान पहुँचाते हैं। उन्होंने खान के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की माँग की। इसके साथ ही चतुर्वेदी ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पुनर्गठन और चंदे की निष्पक्ष जाँच हेतु विशेष जाँच दल (SIT) के गठन का स्वागत किया।

उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने आगरा में पत्रकारों से बातचीत में बिना नाम लिए कहा, 'जिनके अंदर जहर है, वे जहर ही उगलेंगे और जिनके अंदर अमृत है, वे अमृत ही फैलाएंगे।' उन्होंने विभाजनकारी बयान देने वाले नेताओं से आत्ममंथन करने का आह्वान किया।

सपा सांसद रुचि वीरा का संतुलित रुख

मुरादाबाद से सपा सांसद रुचि वीरा ने इस विवाद पर संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं यह बयान नहीं सुना और वह उस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं थीं। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ऐसा बयान दिया गया है तो वह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा का पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) अभियान समाज के सभी वर्गों को जोड़ने के लिए है, किसी को निशाना बनाने के लिए नहीं।

वीरा ने यह भी कहा कि हर धर्म और समुदाय में अच्छे-बुरे दोनों प्रकार के लोग होते हैं, इसलिए किसी पूरे समुदाय के बारे में सामान्यीकरण करना गलत है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर विभाजन की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में हिंदू और मुसलमान दोनों बड़े पैमाने पर भाईचारे और सम्मान की भावना से जीते हैं।

सपा की आंतरिक स्थिति

वीरा ने यह भी रेखांकित किया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देते रहे हैं। उनके अनुसार, नेताओं को सार्वजनिक मंचों से ऐसे बयानों से बचना चाहिए जो सामाजिक तनाव पैदा करें या पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचाएँ। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब सपा अपनी पीडीए रणनीति के तहत व्यापक सामाजिक गठजोड़ बनाने की कोशिश कर रही है।

आगे क्या

हिंदू महासभा और अन्य संगठनों की कार्रवाई की माँग के बाद यह देखना होगा कि सपा नेतृत्व जावेद अली खान के बयान पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करता है या नहीं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद आगामी समय में सपा की सांप्रदायिक सद्भाव की छवि के लिए एक बड़ी परीक्षा बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सपा इस विवाद पर चुप्पी साधती है या आधिकारिक स्पष्टीकरण देती है — दोनों विकल्पों में पार्टी के लिए जोखिम है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जावेद अली खान ने क्या विवादित बयान दिया था?
कथित तौर पर सपा सांसद जावेद अली खान ने एक कार्यक्रम में कहा कि 'बहुसंख्यक समुदाय जहरीला हो गया है।' इस बयान की पुष्टि स्वयं सपा सांसद रुचि वीरा ने भी नहीं की, क्योंकि वह उस कार्यक्रम में मौजूद नहीं थीं।
हिंदू महासभा ने क्या माँग की है?
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने जावेद अली खान के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की माँग की है। साथ ही उन्होंने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पुनर्गठन और चंदे की निष्पक्ष जाँच के लिए SIT गठन का स्वागत किया।
सपा सांसद रुचि वीरा ने इस विवाद पर क्या कहा?
मुरादाबाद से सपा सांसद रुचि वीरा ने कहा कि उन्होंने यह बयान स्वयं नहीं सुना, लेकिन यदि ऐसा कहा गया है तो यह उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा का पीडीए अभियान समाज को जोड़ने के लिए है, न कि किसी समुदाय को निशाना बनाने के लिए।
उत्तर प्रदेश सरकार की इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया रही?
यूपी सरकार के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने आगरा में कहा, 'जिनके अंदर जहर है, वे जहर ही उगलेंगे।' उन्होंने बिना नाम लिए विभाजनकारी बयान देने वालों से आत्ममंथन करने की अपील की।
इस विवाद का सपा की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
सपा अपनी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति के तहत व्यापक सामाजिक गठजोड़ बनाने की कोशिश में है। इस तरह के बयान उस रणनीति को नुकसान पहुँचा सकते हैं और पार्टी की सामाजिक सद्भाव की छवि पर सवाल खड़े कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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