31 जुलाई 2026
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जावेद अली खान के बयान पर गिरिराज सिंह का पलटवार, अखिलेश और राहुल गांधी को घेरा

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जावेद अली खान के बयान पर गिरिराज सिंह का पलटवार, अखिलेश और राहुल गांधी को घेरा

सारांश

सपा सांसद जावेद अली खान के कथित बयान ने सियासी आग भड़का दी। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बेगूसराय में अखिलेश यादव से जवाबदेही माँगी और राहुल गांधी को 2029 तक सत्ता से दूर बताया — यह टकराव आगामी चुनावी समीकरणों का पूर्वाभास दे रहा है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 15 जून को बेगूसराय में सपा सांसद जावेद अली खान के कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
गिरिराज सिंह ने 'हिंदू ज़हरीले हो गए हैं' जैसी टिप्पणी को समाज में वैमनस्य फैलाने वाला बताया।
उन्होंने अखिलेश यादव से माँग की कि वे बयान की जिम्मेदारी लें या सार्वजनिक रूप से खंडन करें।
गिरिराज सिंह ने दावा किया कि राहुल गांधी को 2029 में भी सत्ता नहीं मिलेगी।
सपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार, 15 जून को बेगूसराय में मीडिया से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद जावेद अली खान के कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी दोनों को निशाने पर लिया। गिरिराज सिंह ने माँग की कि यदि हिंदुओं के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है, तो समाजवादी पार्टी को अपना रुख तत्काल स्पष्ट करना चाहिए।

मुख्य आरोप और बयान

गिरिराज सिंह ने कहा कि 'हिंदू ज़हरीले हो गए हैं' जैसी टिप्पणी — चाहे वह जावेद अली खान की हो या अखिलेश यादव की — पूरी तरह अनुचित और समाज में वैमनस्य फैलाने वाली है। उनके अनुसार, हिंदू केवल उन लोगों के लिए 'ज़हरीला' है जो कट्टरपंथ को बढ़ावा देते हैं, देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं और धार्मिक स्थलों के नाम पर देश को विभाजित करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के बयान राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।

अखिलेश यादव से जवाबदेही की माँग

गिरिराज सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि जावेद अली खान का बयान अखिलेश यादव की सहमति से दिया गया है, तो उन्हें इसकी सार्वजनिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अन्यथा, पार्टी को खुलकर इसका खंडन करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ऐसे बयानों का सीधा राजनीतिक असर पड़ेगा और आने वाले चुनावों में मतदाता इसका उचित जवाब देंगे।

राहुल गांधी पर हमला

केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार सत्ता में आने के सपने देखते हैं, लेकिन जनता उन्हें स्वीकार करने के मूड में नहीं है। गिरिराज सिंह ने दावा किया कि वर्ष 2029 ही नहीं, भविष्य में भी राहुल गांधी को देश का नेतृत्व करने का अवसर नहीं मिलेगा। उनके अनुसार, राहुल गांधी की राजनीति नकारात्मक सोच पर टिकी है।

मोदी सरकार की प्रशंसा

गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और विश्व भारत की शक्ति को स्वीकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार गरीबों के कल्याण, देश के विकास और भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत स्थान दिलाने के लिए निरंतर काम कर रही है। उनके शब्दों में, 'मोदी जीत का शतक लगाते हैं और राहुल गांधी हार का शतक।'

आगे क्या

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब देश में अगले आम चुनाव की तैयारियाँ राजनीतिक दलों के एजेंडे पर हैं। समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान और पलटवार आगामी चुनावी ध्रुवीकरण की दिशा तय कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी भाजपा ने इसे तुरंत चुनावी मुद्दा बना लिया। समाजवादी पार्टी की चुप्पी इस विवाद को और लंबा खींच सकती है, जबकि 2029 के चुनावी समीकरण अभी से बनने लगे हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जावेद अली खान का वह बयान क्या था जिस पर विवाद हुआ?
सपा के राज्यसभा सांसद जावेद अली खान के एक राजनीतिक बयान को लेकर विवाद उठा है, जिसमें कथित तौर पर हिंदुओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। बयान का पूरा संदर्भ अभी आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं हुआ है।
गिरिराज सिंह ने अखिलेश यादव से क्या माँग की?
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने माँग की कि यदि जावेद अली खान का बयान अखिलेश यादव की सहमति से दिया गया है तो वे इसकी जिम्मेदारी लें, अन्यथा सार्वजनिक रूप से इसका खंडन करें। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों का राजनीतिक असर आगामी चुनावों में दिखेगा।
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी के बारे में क्या कहा?
गिरिराज सिंह ने दावा किया कि राहुल गांधी को 2029 में भी और भविष्य में भी देश का नेतृत्व करने का अवसर नहीं मिलेगा। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति को नकारात्मक सोच पर आधारित बताया और प्रधानमंत्री मोदी की विकास-केंद्रित राजनीति से इसकी तुलना की।
समाजवादी पार्टी ने इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया दी?
15 जून तक समाजवादी पार्टी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गिरिराज सिंह ने पार्टी की इस चुप्पी को भी निशाने पर लिया।
यह विवाद राजनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
यह टकराव ऐसे समय में उभरा है जब आगामी चुनावों की तैयारियाँ जोरों पर हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़े बयान और उन पर पलटवार चुनावी ध्रुवीकरण को प्रभावित कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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