यदुनंदन के विवादास्पद बयान पर एसपी सिंह बघेल और गिरिराज सिंह की तीखी प्रतिक्रिया

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यदुनंदन के विवादास्पद बयान पर एसपी सिंह बघेल और गिरिराज सिंह की तीखी प्रतिक्रिया

सारांश

यदुनंदन लाल राजपूत द्वारा भगवान राम के खिलाफ की गई टिप्पणी के बाद राजनीतिक बयानबाजी में उबाल आ गया है। इस मुद्दे पर सत्ताधारी और विपक्षी नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

मुख्य बातें

यदुनंदन लाल राजपूत के बयान ने राजनीतिक वातावरण में हलचल मचाई।
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल और गिरिराज सिंह ने कड़ी प्रतिक्रियाएँ दीं।
समाजवादी पार्टी ने खुद को विवाद से अलग किया।
इस प्रकार की बयानबाजी भारतीय संस्कृति और धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है।
स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैला है।

नई दिल्ली, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता यदुनंदन लाल राजपूत के द्वारा भगवान राम के प्रति की गई विवादास्पद टिप्पणी ने राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है। इस विषय पर सत्ताधारी और विपक्षी दलों के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक जारी है।

केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने इस बयान को गंभीरता से लेते हुए इसे निंदनीय करार दिया। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि इस तरह के बयान सनातन और हिंदुत्व के खिलाफ हैं, और समाजवादी पार्टी समेत अन्य धर्मनिरपेक्ष दल ऐसे बयानों के माध्यम से तुष्टिकरण की राजनीति में लिप्त हैं।

एसपी सिंह बघेल का कहना है कि चुनावों से पूर्व मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने और समाज में विभाजन पैदा करने के उद्देश्य से इस प्रकार के बयान जारी किए जा रहे हैं।

इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियों ने वोट बैंक की राजनीति के लिए हिंदू धर्म को निशाना बनाया है। उनका आरोप है कि यह एक प्रवृत्ति बन चुकी है, जिसमें विशेष वर्ग को प्रभावित करने के लिए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई जाती है।

इसके अलावा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने भी इस टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी राजनीतिक आलोचना में इतनी दूर निकल गया है कि वह भगवान राम का अपमान कर रहा है। इस प्रकार की बयानबाजी भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों के खिलाफ है।

समाजवादी पार्टी ने इस विवाद से खुद को अलग करने का प्रयास किया है। पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने स्पष्ट किया कि यदुनंदन लाल राजपूत वर्तमान में पार्टी के किसी पद पर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी उनके बयान की कड़ी निंदा करती है और इस प्रकार की टिप्पणियों से सपा का कोई संबंध नहीं है। समाजवादी पार्टी भगवान राम का सम्मान करती है और उनके अनुयायियों में शामिल है।

गौरतलब है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के हरदोई में भगवान श्रीराम और माता कौशल्या पर आपत्तिजनक टिप्पणी का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा अपमानजनक शब्दों का उपयोग करने का दावा किया गया था। वीडियो में बयान देने वाले को समाजवादी पार्टी (सपा) नेता यदुनंदन लाल राजपूत बताया गया था। वीडियो के सामने आते ही स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इससे समाज में बढ़ते ध्रुवीकरण की स्थिति को भी उजागर कर रहा है। ऐसे समय में, राजनीतिक दलों को अपने बयानों के प्रति अधिक सतर्क रहना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यदुनंदन लाल राजपूत ने क्या बयान दिया था?
यदुनंदन लाल राजपूत ने भगवान राम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
एसपी सिंह बघेल ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
एसपी सिंह बघेल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और कहा कि यह तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा है।
गिरिराज सिंह का इस मुद्दे पर क्या कहना था?
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियां वोट बैंक के लिए हिंदू धर्म को निशाना बना रही हैं।
समाजवादी पार्टी ने इस विवाद पर क्या कहा?
समाजवादी पार्टी ने यदुनंदन लाल राजपूत के बयान से खुद को अलग करते हुए उसकी निंदा की।
क्या इस विवाद का कोई सामाजिक प्रभाव है?
हां, यह विवाद समाज में ध्रुवीकरण और धार्मिक असहमति को बढ़ा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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