31 जुलाई 2026
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जावेद अली के 'जहरीले' बयान पर अयोध्या में सियासी घमासान, महंत सीताराम दास ने सपा को घेरा

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जावेद अली के 'जहरीले' बयान पर अयोध्या में सियासी घमासान, महंत सीताराम दास ने सपा को घेरा

सारांश

सपा सांसद जावेद अली के 'जहरीले' बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। अयोध्या के महंत सीताराम दास ने सपा शासनकाल के 700 दंगों की याद दिलाई, जबकि BJP के मंत्री और सांसदों ने एक सुर में पलटवार किया। यह विवाद प्रदेश की चुनावी राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

मुख्य बातें

सपा सांसद जावेद अली के विवादित बयान पर 15 जून को अयोध्या में राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज़ हुईं।
साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने सपा शासनकाल में 700 दंगों का हवाला देकर पार्टी को घेरा।
UP सरकार के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा — 'जिनके अंदर जहर है वो जहर उगलेंगे।' BJP सांसद जगदंबिका पाल ने ममता बनर्जी और AIMIM का नाम लेते हुए ऐसे बयानों के राजनीतिक परिणाम की चेतावनी दी।
BJP के राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा ने कहा — हिंदू धर्म को 'जहरीला' कहना स्वीकार्य नहीं।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जावेद अली के विवादित बयान के बाद अयोध्या में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने 15 जून को इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह के बयान सनातन संस्कृति को धूमिल और बदनाम करने की सुनियोजित कोशिश है। यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई तल्खी का संकेत दे रहा है।

महंत सीताराम दास का पलटवार

महंत सीताराम दास ने कहा कि जो लोग भारत में रहकर यहाँ के संसाधनों का उपभोग करते हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हैं, यदि वे फिर भी इस तरह की भावनाएँ रखते हैं, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'भाजपा के शासनकाल में निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुचिता आई है।'

महंत ने सपा के शासनकाल का हवाला देते हुए कहा कि उस दौर में 700 दंगे हुए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि उस वक्त इन लोगों की मंशा कहाँ थी? उन्होंने यह भी कहा कि संपूर्ण हिंदू जनमानस ऐसे बयानों का जवाब देने के लिए तैयार है।

मंत्री और सांसदों की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'जिनके अंदर जहर है वो जहर उगलेंगे और जिनके अंदर अमृत है वो अमृत उगलेंगे।' उन्होंने 'वसुधैव कुटुंबकम' की भारतीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए जावेद अली के बयान को इसके विपरीत बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है। उन्होंने कहा, 'अगर कोई देश के बहुसंख्यक समाज को जहर कह रहा है, तो असल में वही लोग जहर फैलाने और बंटवारा करने की कोशिश कर रहे हैं।' पाल ने यह भी कहा कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने वाली ममता बनर्जी की पार्टी को आज पश्चिम बंगाल में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, और उत्तर प्रदेश की जनता भी ऐसे बयानबाज़ों को सबक सिखाएगी।

BJP के राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा ने कहा, 'अगर समाजवादी पार्टी हिंदुओं को जहरीला बता रही है, तो जनता भी उसी हिसाब से जवाब देगी। हिंदू धर्म एक ऐसी विचारधारा है जो सबका भला चाहती है — इसे जहरीला कहना स्वीकार्य नहीं है।'

सपा और सांप्रदायिक राजनीति का पुराना संदर्भ

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक बयानों को लेकर विवाद नया नहीं है। आलोचकों का कहना है कि चुनावी मौसम में इस तरह के बयान राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं और विभिन्न दल अपनी-अपनी ज़मीन मजबूत करने में जुटे हैं।

आगे क्या

इस बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी है। BJP नेताओं ने संकेत दिया है कि वे इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएँगे। सपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। उत्तर प्रदेश की सियासत में यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सुनियोजित राजनीतिक पलटवार है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि इस तरह के विवादों में मूल बयान की सत्यापित परिस्थितियाँ पीछे छूट जाती हैं और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति आगे आ जाती है। असली सवाल यह है कि क्या कोई पक्ष इस विवाद को वास्तविक सामाजिक सद्भाव की दिशा में ले जाने की इच्छाशक्ति रखता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा सांसद जावेद अली का विवादित बयान क्या था?
स्रोत के अनुसार, सपा सांसद जावेद अली ने एक ऐसा बयान दिया जिसे हिंदू समाज के प्रति अपमानजनक माना गया। बयान की सटीक भाषा को लेकर BJP नेताओं और धार्मिक संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है।
महंत सीताराम दास ने सपा पर क्या आरोप लगाया?
महंत सीताराम दास ने कहा कि सपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश में 700 दंगे हुए थे और उस दौर में अराजकता का माहौल था। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग देश के संसाधनों का लाभ उठाते हैं, उनका सनातन संस्कृति के विरुद्ध बोलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
BJP के किन नेताओं ने इस बयान पर प्रतिक्रिया दी?
UP सरकार के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, BJP सांसद जगदंबिका पाल और राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा ने जावेद अली के बयान की कड़ी निंदा की। तीनों ने कहा कि हिंदू धर्म को 'जहरीला' कहना स्वीकार्य नहीं और जनता इसका जवाब देगी।
इस विवाद का उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
BJP नेताओं ने संकेत दिया है कि वे इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएँगे और आने वाले चुनावों में इसे एक मुद्दा बनाएँगे। जगदंबिका पाल ने ममता बनर्जी का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी भाषा का राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ता है।
सपा ने इस विवाद पर क्या कहा?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सपा की ओर से इस विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। पार्टी की प्रतिक्रिया का इंतज़ार किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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