29 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केरल स्थानीय निकाय उपचुनाव: यूडीएफ की सीटें 22 से 19 हुईं, एलडीएफ ने 18 वार्ड जीते

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केरल स्थानीय निकाय उपचुनाव: यूडीएफ की सीटें 22 से 19 हुईं, एलडीएफ ने 18 वार्ड जीते

सारांश

सत्ता में आने के बाद यूडीएफ की पहली चुनावी परीक्षा — और नतीजे राहत देने वाले नहीं। 38 वार्डों में सीटें 22 से 19 पर सिमटीं, जीत के अंतर टूटे, और लेफ्ट ने 15 से 18 वार्ड कर लिए। विधानसभा हार के बाद एलडीएफ के लिए यह छोटी लेकिन ज़रूरी राहत है।

मुख्य बातें

28 सितंबर 2026 को केरल के 12 जिलों में फैले 38 वार्डों में स्थानीय निकाय उपचुनाव हुए; मतगणना 29 सितंबर को हुई।
यूडीएफ की सीटें 22 से घटकर 19 हुईं; एलडीएफ की सीटें 15 से बढ़कर 18 हुईं।
एलडीएफ ने यूडीएफ के 7 वार्ड जीते, जबकि यूडीएफ ने लेफ्ट के 4 वार्ड छीने।
मानंतवाडी के पल्लीक्कल डिवीजन में यूडीएफ का जीत का अंतर 1,055 से सिकुड़कर 331 वोट रह गया।
कोझिकोड कॉर्पोरेशन के कुट्टीचिरा वार्ड में यूडीएफ का जीत का अंतर 2,273 से घटकर 436 वोट हुआ।
'ट्वेंटी20' ने अपनी एकमात्र सीट बरकरार रखी।

कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को 28 सितंबर 2026 को केरल में हुए स्थानीय निकाय उपचुनावों में पहली चुनावी परीक्षा में झटका लगा है। वीडी सतीशन के नेतृत्व में सत्ता संभालने के बाद आए इन नतीजों में यूडीएफ की सीटें घटीं जबकि वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) ने बढ़त दर्ज की। मंगलवार 29 सितंबर को हुई मतगणना में 38 वार्डों के नतीजे सामने आए।

मुख्य चुनावी नतीजे

मतगणना के बाद सामने आए आँकड़ों के अनुसार, यूडीएफ की मौजूदा 22 सीटें घटकर 19 रह गईं, जबकि एलडीएफ की सीटें 15 से बढ़कर 18 हो गईं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए की सहयोगी पार्टी 'ट्वेंटी20' ने अपनी एकमात्र सीट बरकरार रखी।

कुल सीटों से भी अधिक महत्वपूर्ण तथ्य यह रहा कि दोनों गठबंधनों के बीच वार्डों की सीधी अदला-बदली हुई। एलडीएफ ने यूडीएफ के कब्जे वाले सात वार्ड जीते, जबकि यूडीएफ ने लेफ्ट के कब्जे से चार वार्ड छीने।

उल्लेखनीय वार्डों का हाल

तिरुवनंतपुरम जिले में एलडीएफ ने जिला पंचायत के मंगलम-मुंडाक्कल वार्ड और अंचुथेंगु ब्लॉक पंचायत डिवीजन पर कब्जा कर लिया, जिससे मंगलम पंचायत में उसकी स्थिति और मजबूत हुई। पलक्कड़ में चित्तूर-परुथिक्कावु वार्ड भी एलडीएफ के हाथ लगा — यह वार्ड पहले विधायक बनने से पहले सुरेश अच्युथन के प्रतिनिधित्व में था; यहाँ मुकाबला बराबरी पर छूटा और अंततः लॉटरी के ज़रिए एलडीएफ उम्मीदवार की जीत हुई।

यूडीएफ ने भी कुछ उल्लेखनीय सीटें अपने पाले में रखीं। उसने कोझिकोड की मुट्टम पंचायत का नौवाँ वार्ड जीता। हालाँकि, जीत के अंतर में भारी कमी चिंताजनक रही — मानंतवाडी ब्लॉक पंचायत के पल्लीक्कल डिवीजन में, जहाँ पहले उषा विजयन ने 1,055 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी, इस बार यूडीएफ केवल 331 वोटों के अंतर से जीत सका।

कोझिकोड कॉर्पोरेशन के कुट्टीचिरा वार्ड में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) उम्मीदवार फर्जीना अरक्कल ने 436 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, जबकि पहले फातिमा तह्लिया इसी वार्ड में 2,273 वोटों के अंतर से जीती थीं।

नतीजों की सीमाएँ और संदर्भ

गौरतलब है कि स्थानीय निकाय उपचुनावों के नतीजों को राज्य-स्तरीय राजनीतिक स्थिति का सीधा प्रतिबिंब नहीं माना जा सकता। ये 38 वार्ड केरल के 12 जिलों में फैले थे और इनमें अलग-अलग स्तरों के स्थानीय निकाय शामिल थे — ग्राम पंचायत से लेकर नगर निगम तक। इनमें से अनेक वार्ड उन सदस्यों के विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद खाली हुए थे, जिससे इनका स्वरूप आंशिक रूप से तकनीकी उपचुनाव जैसा था।

दोनों गठबंधनों के लिए राजनीतिक संदेश

विधानसभा चुनावों में हार का सामना करने वाले एलडीएफ के लिए ये नतीजे कुछ हद तक राजनीतिक राहत लेकर आए हैं। लेफ्ट का खास ध्यान उन वार्डों पर केंद्रित था जो उनके पूर्व स्थानीय प्रतिनिधियों के विधायक बनने से खाली हुए थे — और वहाँ उसने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। यह ऐसे समय में आया है जब लेफ्ट विधानसभा पराजय के बाद संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिश में लगा है।

दूसरी ओर, यूडीएफ के लिए पिछली सीटों से तीन सीटें गँवाना और कई वार्डों में जीत का अंतर सिकुड़ना — विधानसभा जीत के बाद पहला चुनावी झटका है। हालाँकि, यूडीएफ ने यह भी दिखाया कि लेफ्ट की जमीन पर जीत हासिल करने की उसकी क्षमता पूरी तरह कमज़ोर नहीं हुई है।

आगे क्या

इन उपचुनावों के नतीजे दोनों गठबंधनों के लिए अगले बड़े चुनाव की तैयारी में रणनीतिक संकेत देते हैं। यूडीएफ के लिए ज़मीनी स्तर पर गठबंधन एकजुटता और मतदाता जुड़ाव बनाए रखना प्राथमिक चुनौती होगी, जबकि एलडीएफ इन नतीजों को अपनी पुनरुज्जीवन यात्रा के शुरुआती सकारात्मक संकेत के रूप में देखेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन महज़ कुछ महीनों बाद उसका ज़मीनी मनोबल डगमगाया है। जीत के सिकुड़ते अंतर — जैसे पल्लीक्कल में 1,055 से 331 — बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर गठबंधन की एकजुटता अभी भी परखी जानी बाकी है। एलडीएफ के लिए यह जीत सांत्वना पुरस्कार से अधिक है; विधानसभा हार के बाद कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने के लिए यह ज़रूरी थी। असली सवाल यह है कि क्या यूडीएफ इन संकेतों को गंभीरता से लेकर अपने स्थानीय संगठन को मज़बूत करेगा, या इन्हें महज़ 'स्थानीय कारक' मानकर नज़रअंदाज़ करेगा।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल स्थानीय निकाय उपचुनाव 2026 में कुल कितने वार्डों में मतदान हुआ?
28 सितंबर 2026 को केरल के 12 जिलों में फैले 38 वार्डों में स्थानीय निकाय उपचुनाव हुए। इनमें ग्राम पंचायत, ब्लॉक पंचायत, जिला पंचायत और नगर निगम — विभिन्न स्तरों के निकाय शामिल थे।
यूडीएफ और एलडीएफ को इन उपचुनावों में कितनी-कितनी सीटें मिलीं?
यूडीएफ की सीटें 22 से घटकर 19 रह गईं, जबकि एलडीएफ की सीटें 15 से बढ़कर 18 हो गईं। 'ट्वेंटी20' ने अपनी एकमात्र सीट बनाए रखी।
इन नतीजों का वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार के लिए क्या मतलब है?
विधानसभा चुनाव जीतने के बाद यह यूडीएफ की पहली चुनावी परीक्षा थी और इसमें उसे झटका लगा है। सीटों में कमी और कई वार्डों में जीत के अंतर का सिकुड़ना स्थानीय स्तर पर कमज़ोर पकड़ का संकेत है, हालाँकि ये उपचुनाव राज्य-स्तरीय जनादेश का सीधा पैमाना नहीं हैं।
एलडीएफ के लिए इन नतीजों का क्या महत्व है?
विधानसभा चुनावों में हार के बाद एलडीएफ इन उपचुनावों को अपनी पुनरुज्जीवन की कोशिश के रूप में लड़ा था। यूडीएफ के 7 वार्ड जीतना और कुल सीटें बढ़ाना लेफ्ट के लिए राजनीतिक राहत और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने वाला परिणाम है।
पलक्कड़ के चित्तूर-परुथिक्कावु वार्ड का नतीजा कैसे तय हुआ?
पलक्कड़ के चित्तूर-परुथिक्कावु वार्ड में मुकाबला बराबरी पर छूटा और अंततः लॉटरी के ज़रिए एलडीएफ उम्मीदवार को विजेता घोषित किया गया। यह वार्ड पहले विधायक बनने से पहले सुरेश अच्युथन के प्रतिनिधित्व में था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले