उदित राज का तंज: अमेरिका अब भारत के तेल आयात का निर्णय ले रहा है
सारांश
Key Takeaways
- उदित राज ने अमेरिका द्वारा भारत के तेल आयात के बारे में केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
- उन्होंने कहा कि अब भारत के हुकमरान डोनाल्ड ट्रंप बन गए हैं।
- राजनीतिक दबाव और समझौतों की रणनीति को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता उदित राज ने भारत में रूस से तेल आयात पर अमेरिका द्वारा दी गई सीमित छूट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों से यह साफ हो गया है कि अब हमारे देश के हुकमरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बन गए हैं।
उदित राज के अनुसार, भारत को किससे और कब तेल खरीदना है, यह अब अमेरिका द्वारा तय किया जा रहा है। यह हमारे देश की संप्रभुता पर एक बड़ा हमला है और इस तरह की बातें पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।
इसके अलावा, उन्होंने पश्चिम बंगाल के गवर्नर के इस्तीफे और नीतीश कुमार के राज्यसभा नॉमिनेशन पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि अब लोकतंत्र का नाम मात्र रह गया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जैसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री को मजबूर होकर राज्यसभा जाना पड़ा है। जब भाजपा ऐसे बड़े नेताओं को हटाने का निर्णय ले सकती है, तो किसी गवर्नर से इस्तीफा लेना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है।
उदित राज ने यह भी बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि केंद्र द्वारा सीधे पूछा गया कि “आप पद कब छोड़ रहे हैं।” उनके अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम अचानक हुआ है। उन्होंने उन दावों को भी गलत बताया कि इस बारे में विधानसभा चुनाव के दौरान ही चर्चा हुई थी। उनका कहना है कि इस फैसले के पीछे कोई स्पष्ट राजनीतिक तर्क नहीं है और यह पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) की राजनीतिक स्थिति पर भी बात की और कहा कि जेडीयू एक बड़ी पार्टी रही है, लेकिन 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान की वजह से कमजोर हुई। उनके अनुसार, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी को उन सीटों पर उतारा गया, जहां जेडीयू के उम्मीदवार थे। भाजपा ने भी वहां अपने उम्मीदवार उतारे। उदित राज ने आरोप लगाया कि पिछले चुनाव में भाजपा ने एक बड़ा राजनीतिक खेल खेला, जिसमें पहले जेडीयू के साथ समझौता किया और बाद में चिराग पासवान की पार्टी से मजबूत उम्मीदवार उतारकर राजनीतिक विद्रोह की स्थिति पैदा कर दी।