11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या चुनाव आयोग की तुलना में गूगल पर नाम खोजना ज्यादा सरल है? : उमंग सिंघार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या चुनाव आयोग की तुलना में गूगल पर नाम खोजना ज्यादा सरल है? : उमंग सिंघार

सारांश

क्या चुनाव आयोग की सर्च प्रक्रिया उपयोगी है? उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने गूगल की तुलना में आयोग की सर्च प्रक्रिया को जटिल बताया है। जानें इस मुद्दे पर क्या है उनका नजरिया और एसआईआर प्रक्रिया की असलियत।

मुख्य बातें

गूगल पर नाम सर्च करना आसान है।
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर खामियां हैं।
एसआईआर प्रक्रिया में गंभीर समस्याएं हैं।
कांग्रेस पार्टी प्रशिक्षण पर ध्यान दे रही है।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया धीमी चल रही है।

भोपाल, 12 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर चुनाव आयोग पर टिप्पणी की है। उनका कहना है कि गूगल पर नाम सर्च करना चुनाव आयोग की वेबसाइट की तुलना में कहीं अधिक सरल है।

सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश में चल रहे एसआईआर की प्रक्रिया में वोट चोरी की घटनाएं जारी हैं। गूगल पर अपना नाम टाइप करें और सारी जानकारी तुरंत मिल जाती है, लेकिन चुनाव आयोग ने अपना सर्च इंजन बंद कर रखा है।

उन्हें यह भी आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से चुनाव आयोग प्रदेश में वोट चोरी कर रहा है। वोटर लिस्ट में कोड बदल दिए गए हैं और एसआईआर द्वारा जारी लिस्ट में फोटो गायब हैं।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एसआईआर प्रक्रिया पर एक बैठक हुई, जिसमें प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी मौजूद थे।

बैठक में एसआईआर से जुड़ी समस्याओं, तकनीकी मुद्दों और कांग्रेसजनों द्वारा इस प्रक्रिया में जिम्मेदारी से कार्य करने की रणनीति पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश कांग्रेस के सह-प्रभारी संजय दत्त, समिति के अध्यक्ष सज्जन सिंह वर्मा और समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एसआईआर को लेकर पार्टी की तैयारियों की चर्चा करते हुए कहा कि बीएलए को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा, ऑनलाइन भी प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग के अधीन चल रही प्रक्रिया काफी धीमी है। पिछले 10 दिनों में बड़े हिस्से में बीएलओ नहीं पहुंचे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण हैं। चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह वोटरों को सटीक और त्वरित जानकारी प्रदान करे।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या गूगल पर नाम खोजना चुनाव आयोग की तुलना में आसान है?
जी हाँ, उमंग सिंघार के अनुसार गूगल पर नाम सर्च करना चुनाव आयोग की वेबसाइट की तुलना में काफी आसान है।
उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए हैं?
उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग वोट चोरी कर रहा है और एसआईआर प्रक्रिया में कई खामियां हैं।
कांग्रेस पार्टी एसआईआर प्रक्रिया के लिए क्या कर रही है?
कांग्रेस पार्टी बीएलए को प्रशिक्षण दे रही है और ऑनलाइन प्रशिक्षण का भी प्रबंध किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले