स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव 4 मई को 'फायर सेफ्टी वीक' का शुभारंभ करेंगी, स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा पर जोर

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स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव 4 मई को 'फायर सेफ्टी वीक' का शुभारंभ करेंगी, स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा पर जोर

सारांश

4 से 10 मई तक मनाए जाने वाले अखिल भारतीय 'फायर सेफ्टी वीक' का उद्घाटन स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव करेंगी। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मॉक ड्रिल, जागरूकता अभियान और क्षमता निर्माण के जरिए सरकार स्वास्थ्य संस्थानों को अग्नि आपदाओं के लिए तैयार करने की कोशिश कर रही है।

Key Takeaways

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव 4 मई 2025 को अखिल भारतीय 'फायर सेफ्टी वीक' का उद्घाटन करेंगी। यह सप्ताह 4 से 10 मई तक चलेगा और सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों व केंद्रीय मंत्रालयों की भागीदारी होगी। उद्घाटन में 'स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्नि सुरक्षा' पर शपथ दिलाई जाएगी। राज्यों में मॉक ड्रिल , जागरूकता अभियान और क्षमता निर्माण गतिविधियाँ आयोजित होंगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में आरबीएसके 2.0 दिशानिर्देश भी जारी किए, जो बाल स्वास्थ्य जाँच कार्यक्रम का विस्तारित संस्करण है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव 4 मई 2025 को अखिल भारतीय 'फायर सेफ्टी वीक' का औपचारिक उद्घाटन करेंगी, जो 4 से 10 मई तक देशभर में मनाया जाएगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि खतरों की रोकथाम और आपातकालीन तैयारी को सुदृढ़ करना है। सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों की भागीदारी से यह आयोजन संचालित किया जाएगा।

उद्घाटन समारोह और शपथ

उद्घाटन कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव 'स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्नि सुरक्षा' विषय पर एक विशेष शपथ दिलाएंगी। इस शपथ के माध्यम से सभी हितधारक अग्नि सुरक्षा मानदंडों का कड़ाई से पालन करने, तैयारियों को मजबूत करने और स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा की संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त करेंगे।

सप्ताह भर की गतिविधियाँ

बयान के अनुसार, इस सात दिवसीय आयोजन के दौरान राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जागरूकता अभियान, मॉक ड्रिल और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसके साथ ही अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल का व्यापक प्रसार किया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों और प्रशासकों को अग्नि निवारण, आपातकालीन प्रतिक्रिया और निकासी प्रक्रियाओं के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके। गौरतलब है कि देशभर के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में अग्नि सुरक्षा मानकों के कार्यान्वयन की स्थिति को लेकर समय-समय पर चिंताएँ उठती रही हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रतिबद्धता

आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय इस आयोजन के माध्यम से मजबूत अग्नि सुरक्षा तंत्र को बढ़ावा देकर रोगियों, स्वास्थ्य कर्मियों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली के सभी स्तरों पर सुरक्षा और तत्परता की संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आरबीएसके 2.0 दिशानिर्देश भी जारी

इससे पहले, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने हाल ही में एक राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) 2.0 के नए दिशानिर्देश जारी किए। ये दिशानिर्देश सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में बेहतर प्रथाओं और नवाचारों पर केंद्रित राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए। आरबीएसके 2.0 भारत के प्रमुख बाल स्वास्थ्य जाँच कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है, जो एक दशक से अधिक के कार्यान्वयन अनुभव पर आधारित है और उभरती बाल स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को संबोधित करने के लिए इसके दायरे का विस्तार करता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के ये दोनों कदम — फायर सेफ्टी वीक और आरबीएसके 2.0 — मिलकर यह संकेत देते हैं कि सरकार स्वास्थ्य संस्थानों को न केवल चिकित्सकीय, बल्कि भौतिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अधिक सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रही है।

Point of View

फिर भी अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन अधिकांश सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में कागजों तक सीमित रहता है। 'फायर सेफ्टी वीक' जैसे आयोजन जागरूकता बढ़ाने में उपयोगी हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या मॉक ड्रिल और शपथ के बाद जमीनी स्तर पर स्थायी अनुपालन तंत्र बनेगा। बिना नियमित तृतीय-पक्ष ऑडिट और जवाबदेही ढाँचे के, ये पहलें प्रतीकात्मक बनकर रह जाने का जोखिम उठाती हैं।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

अखिल भारतीय 'फायर सेफ्टी वीक' क्या है?
'फायर सेफ्टी वीक' स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 4 से 10 मई 2025 तक आयोजित एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना और कर्मियों को आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए तैयार करना है।
'फायर सेफ्टी वीक' का उद्घाटन कौन करेंगे?
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव 4 मई 2025 को इसका औपचारिक उद्घाटन करेंगी। वे 'स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्नि सुरक्षा' विषय पर शपथ भी दिलाएंगी।
इस सप्ताह के दौरान कौन-सी गतिविधियाँ होंगी?
सप्ताह भर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जागरूकता अभियान, मॉक ड्रिल और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल का प्रसार भी किया जाएगा ताकि स्वास्थ्य कर्मियों को निकासी और आपातकालीन प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा सके।
आरबीएसके 2.0 दिशानिर्देश क्या हैं?
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) 2.0 भारत के बाल स्वास्थ्य जाँच कार्यक्रम का अद्यतन संस्करण है, जो एक दशक से अधिक के कार्यान्वयन पर आधारित है। इसे हाल ही में एक राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में जारी किया गया और यह उभरती बाल स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को संबोधित करने के लिए कार्यक्रम के दायरे का विस्तार करता है।
'फायर सेफ्टी वीक' से किसे फायदा होगा?
इस अभियान से मुख्यतः सरकारी और निजी अस्पतालों के रोगी, स्वास्थ्य कर्मी और प्रशासक लाभान्वित होंगे। देशभर के स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा की बेहतर संस्कृति विकसित होने से आपात स्थितियों में जनहानि कम करने में मदद मिल सकती है।
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